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परिजनों और ग्रामीणों ने उपस्वास्थ्य केंद्र पर जड़ा ताला
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स्वास्थ्य केंद्र पर ताला जड़ते ग्रामीण। संवाद।
- फोटो : Jind
सफीदों। स्वास्थ्य केंद्र मुआना में रविवार को बेंच पर हुई डिलिवरी व बाद में बच्चे की मौत के मामले में ग्रामीणों व परिजनों ने सोमवार को स्वास्थ्य केंद्र पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने मांग की कि जब तक स्टाफ व चिकित्सक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज नहीं होता, वह ताला नहीं खोलेंगे।
ग्रामीणों को समझाने के लिए एसडीएम डॉ. आनंद कुमार, आईपीएस नीतिश कुमार, नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा, शहर थाना प्रभारी रामकुमार भी पहुंचे लेकिन वे नहीं माने। वहीं बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। वहां भी पोस्टमार्टम नहीं होने के बाद शव को पीजीआई खानपुर भेजा गया। वहीं बच्चे की मां कृष्णा को नागरिक अस्पताल सफीदों छुट्टी मिल गई। बताते चलें कि रविवार दोपहर को गांव मुआना निवासी कुलदीप की पत्नी कृष्णा को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन कृष्णा को स्वास्थ्य केंद्र मुआना में ले गए। यहां पर तीन घंटे तक महिला दर्द से जूझती रही लेकिन कोई चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली। इसके बाद महिला की बेंच पर ही डिलिवरी हो गई। डिलिवरी के कुछ समय बाद ही बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद महिला को नागरिक अस्पताल सफीदों में ले जाया गया। ग्रामीण व परिजनों का आरोप है कि समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है। इसलिए चिकित्सक व अन्य स्टाफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। इसी मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र पर ताला जड़ दिया।
ग्रामीणों ने यहां सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार का पुतला भी फूंका। इस दौरान आरपीआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील गहलावत ने कहा कि मुआना जिले का सबसे बड़ा गांव है लेकिन यहां कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र में न तो स्टाफ आता है और न ही चिकित्सक आते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि घटना के सीधे तौर पर जिम्मेवार डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
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वर्जन
मुआना गांव में बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इसमें जो भी चिकित्सक या स्टाफ का सदस्य दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन
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ग्रामीणों को समझाने के लिए एसडीएम डॉ. आनंद कुमार, आईपीएस नीतिश कुमार, नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा, शहर थाना प्रभारी रामकुमार भी पहुंचे लेकिन वे नहीं माने। वहीं बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। वहां भी पोस्टमार्टम नहीं होने के बाद शव को पीजीआई खानपुर भेजा गया। वहीं बच्चे की मां कृष्णा को नागरिक अस्पताल सफीदों छुट्टी मिल गई। बताते चलें कि रविवार दोपहर को गांव मुआना निवासी कुलदीप की पत्नी कृष्णा को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन कृष्णा को स्वास्थ्य केंद्र मुआना में ले गए। यहां पर तीन घंटे तक महिला दर्द से जूझती रही लेकिन कोई चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली। इसके बाद महिला की बेंच पर ही डिलिवरी हो गई। डिलिवरी के कुछ समय बाद ही बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद महिला को नागरिक अस्पताल सफीदों में ले जाया गया। ग्रामीण व परिजनों का आरोप है कि समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है। इसलिए चिकित्सक व अन्य स्टाफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। इसी मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र पर ताला जड़ दिया।
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ग्रामीणों ने यहां सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार का पुतला भी फूंका। इस दौरान आरपीआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील गहलावत ने कहा कि मुआना जिले का सबसे बड़ा गांव है लेकिन यहां कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र में न तो स्टाफ आता है और न ही चिकित्सक आते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि घटना के सीधे तौर पर जिम्मेवार डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
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मुआना गांव में बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इसमें जो भी चिकित्सक या स्टाफ का सदस्य दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन