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Jind News: प्राथमिक स्कूलों में होगी रामलीला, बच्चे बनेंगे सीता और राम

Tue, 03 Oct 2023 11:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Tue, 03 Oct 2023 11:24 PM IST
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Ramlila will be held in primary schools, children will become Sita and Ram
संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। निपुण हरियाणा के तहत जिले के राजकीय प्राइमरी स्कूलों में रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसमें स्कूल के बच्चे श्रीराम, सीता समेत अन्य पात्रों का किरदार निभाएंगे। पांच से 15 अक्तूबर तक सभी स्कूलों में रामलीला मंचन के लिए रिहर्सल होगी। अध्यापकों को रिहर्सल की पांच-छह मिनट की वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक पर शेयर करनी होगी।
मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में विद्यार्थियों को भाषा के साथ ही संस्कार सिखाने के लिए निपुण बाल रामलीला सिखाई जाएगी। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चे रामायण के पात्रों का किरदार निभाएंगे। मुख्यालय के आदेशानुसार इसी सप्ताह से स्कूलों में रामलीला का अभ्यास शुरू हो जाएगा। बच्चे 15 अक्तूबर तक स्कूलों में अभ्यास करेंगे। इसके बाद 16 अक्तूबर को स्कूलों में रामलीला का मंचन किया जाएगा। निपुण बाल रामलीला करवाने के पीछे विभाग का उद्देश्य बच्चों की भाषा व संवाद को बेहतर बनाना है। रामायण के पात्रों से उनके नैतिक व बौद्धिक स्तर में बढ़ोतरी होगी। कक्षा पहली से तीसरी के छात्रों को छोटे संवाद के जरिये रामायण से जोड़ने की कोशिश की जाएगी ताकि बच्चों में शुरू से ही त्याग, समर्पण, ईमानदारी और वचन परायणता जैसे गुण पैदा हो सकें और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
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अभ्यास में अभिभावकों का लिया जाएगा सहयोग

स्कूलों में होने वाली बाल रामलीला के अभ्यास में बच्चों के माता-पिता समेत समुदाय की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। रामलीला मंचन की खास बात यह भी है कि इसमें केवल पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों को ही शामिल किया जाएगा। बाल रामलीला करवाने के लिए विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को कड़ी मेहनत करनी होगी। शिक्षकों के लिए विद्यार्थियों को डायलॉग याद करवाना और उसके बारे में समझाना बड़ी चुनौती रहेगी। जो संवाद विभाग की ओर से दिए गए हैं, वे शुद्ध हिंदी में हैं लेकिन छोटे बच्चों के लिए उन्हें याद करवाना बड़ी चुनौती होगी। बच्चों में रामलीला को लेकर भाव पैदा करना और जोड़ना मेहनत का काम होगा। इतना ही नहीं, कोई भी विद्यालय रामलीला करवाने के लिए मना नहीं कर सकता। यह सभी के लिए अनिवार्य है।
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हिंदी भाषा में पकड़ बनाना है रामलीला का उद्देश्य

रामलीला के माध्यम से बच्चों में शुद्ध उच्चारण, हिंदी पर पकड़ और संवाद कुशलता का विकास करने की योजना है। अध्यापकों को रामलीला की तीन से चार मिनट की वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक के जरिये हैशटैग निपुण हरियाणा निपुण रामायण पर अपलोड करनी होगी। जिस स्कूल के बच्चों का मंचन सबसे बेहतर होगा, उसे निपुण हरियाणा के आधिकारिक ट्विटर और फेसबुक पेज पर प्रसारित एवं प्रचारित किया जाएगा। इसके अलावा जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा दिवस के दिन 11 नवंबर को बाल रामायण प्रतियोगिता करवाई जाएगी। मुख्यालय की ओर से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बारे पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं।


वर्जन

रामलीला का मंचन करवाने को लेकर राजकीय प्राथमिक स्कूलों को पत्र जारी कर दिए गए हैं। पांच अक्तूबर से सभी स्कूलों में रामलीला का अभ्यास शुरू होगा जो 15 अक्तूबर तक चलेगा। 16 अक्तूबर को प्रत्येक स्कूल में निपुण मेला लगेगा, जिसमें रामलीला का मंचन करवाया जाएगा।-राजेश वशिष्ठ, जिला नोडल अधिकारी, निपुण मिशन हरियाणा।
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