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रेल दुर्घटना षड्यंत्र है या लापरवाही पुलिस अब इस संबंध में करेगी जांच

Fri, 08 Oct 2021 11:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 Oct 2021 11:24 PM IST
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Rail accident is conspiracy or negligence police will now investigate in this regard
हादसे के बाद निकाली गई कार व रुकी हुई ट्रेन। संवाद - फोटो : Jind
जींद। नरवाना में शुक्रवार को मालगाड़ी के आगे कार आने से एक व्यक्ति की जान तो गई ही, साथ में व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस इसे गंभीर लापरवाही या फिर षड्यंत्र मान रही है। हालांकि रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। लेकिन अब जांच में ही साफ होगा कि किसकी गलती या लापरवाही से यह हादसा हुआ है।
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नरवाना में रेलवे फाटक खुला होने के कारण कार मालगाड़ी की चपेट में आ गई। हादसे में करनाल निवासी 30 वर्षीय बलविंद्र की मौत हो गई। साथ ही बलविंद की पत्नी हादसे में घायल हैं। उनकी आंत फट र्गई हैं और इसके चलते उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। एक रेलवे अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि ऐसा संभव नहीं होता कि बिना फाटक बंद हुए ट्रेन आ जाए। इसके लिए विशेष व्यवस्था होती है। फाटक के दोनों तरफ सिग्नल होते हैं, जिसे हरा करने से पहले फाटक बंद किया जाता है। इसके लिए रेलवे के गेट मैन के पास तभी चाबी निकलती है, जब स्टेशन से उसे सिग्नल दिया जाए। बहरहाल पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।
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ऐसे चलती है व्यवस्था
नरवाना रेलवे स्टेशन की बिजली आधारित प्रणाली है। इसमें रेलवे स्टेशन पर बैठा व्यक्ति पूरी तरह से यातायात को नियंत्रित करता है। जिस लाइन पर गाड़ी जा रही होती है, उसके गेट पर पहले सिग्नल जाता है। इसके बाद गेट बंदकर दिया जाता है और चाबी गेट मैन के कमरे में लगाई जाती है। इसके बाद ही ट्रेन को आगे आने के लिए सिग्नल दिया जाता है। बहरहाल रेलवे अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
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बच गई कई जिंदगी, कुछ देर पहले ही निकली थी रोडवेज की बस
आसपास के लोगों ने बताया कि हादसे से कुछ ही देर पहले ही रोडवेज की एक बस ने भी रेलवे फाटक क्रॉस किया था। यह फाटक दो गाड़ियों को निकालने के लिए बंद किया गया था, लेकिन एक ट्रेन के निकलते ही खोल दिया गया। ऐसे में यदि रोडवेज की बस इसकी चपेट में आ जाती तो कई जिंदगी खतरे में पड़ जातीं।
हादसे के बाद एक घंटे तक बंद रहा रास्ता
दुर्घटना के बाद यहां लोगों की भारी भीड़ जुट गई। रेलवे द्वारा मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया गया और इसके बाद कार को निकाल कर हटाया। करीब एक घंटे तक यह रास्ता बंद रहा।
10 वर्षीय बेटे के सिर से उठा बाप का साया
अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि बलिंद्र की शादी करीब 11 साले पहले श्वेता से हुई थी। शादी के बाद उनके घर बेटे ने जन्म लिया। बलिंद सीवन में अपना होटल चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। हादसे से जहां उनके बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया, वहीं श्वेता भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है
स्कूल की छुट्टी नहीं होने के कारण साथ नहीं आया बेटा
परिजनों ने बताया कि करीब एक महीना पहले जब बलविंद्र व श्वेता दवा लेने आए थे, तब उनका दस वर्षीय बेटा निशांत भी उनके साथ आया था। इस बार स्कूल की छुट्टी नहीं होने के कारण निशांत साथ नहीं आया।

नरवाना रेलवे चौकी प्रभारी चरणजीत सिंह ने बताया कि आमतौर पर ऐसा नहीं होता कि ट्रेन को आने का सिग्नल मिल जाए और फाटक बंद नहीं हो। जब तक गेट मैन रेलवे स्टेशन पर कंट्रोल रूल को संदेश नहीं देता, ट्रेन नहीं आती। ऐसे में रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अभी एफआईआर में किसी अधिकारी या कर्मचारी का नाम व पद दर्ज नहीं है। जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी।
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