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निजी बसों के खिलाफ रोडवेज कर्मचारी फिर लामबंद

Sat, 29 Apr 2017 11:39 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला जींद
ब्यूरो अमर उजाला जींद Updated Sat, 29 Apr 2017 11:39 PM IST
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private bus policy to roadyways union another andolan discussion
: सरकार के साथ हुए समझौते की प्रतियां दिखाते कर्मचारी नेता। - फोटो : amarujala beuro
प्रदेश भर में विभिन्न रूटों पर निजी बसों का परमिट देने के विरोध में एक बार फिर रोडवेज कर्मचारियों ने आंदोलन की हुंकार भरी है। शनिवार को रोडवेज कर्मचारियों की सभी सातों यूनियनों की संयुक्त संघर्ष समिति ने जींद में बैठक कर इस पर फैसला लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि एक मई को दो घंटे के लिए प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान यदि निजी बस चलती हैं तो इसके विरोध में चक्का जाम कर रोडवेज कर्मचारी सरकार की नई परिवहन नीति के खिलाफ रोष जताएंगे। वहीं नौ मई को परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के कार्यालय पर भी प्रदर्शन करने का फैसला मीटिंग में लिया गया।
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बैठक में सरकार की दोगली नीति व विभाग के उच्चाधिकारियों की मनमानी के खिलाफ रोष जताते हुए आंदोलन की रणनीति बनाई गई। इसके तहत एक मई को प्रदेश के सभी डिपो व सब डिपोे पर सुबह नौ बजे से 11 बजे तक प्रदर्शन किया जाएगा और नौ मई को विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस ढिल्लो का सुबह 11 बजे चंडीगढ़ में उनके कार्यालय पर घेराव किया जाएगा। इस पर भी सरकार तथा विभाग ने 13 अप्रैल 2017 के समझौते को लागू नहीं किया और जबरन 2016-17 की नई परिवहन नीति के तहत यदि कोई भी प्राइवेट बस चलाने की कोशिश की तो हरियाणा रोडवेज की सभी यूनियन प्रदेश में बसों का चक्का जाम करने को मजबूर होंगी।
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जींद बस स्टैंड स्थित यूनियन ऑफिस में शनिवार को सभी यूनियनों के नेताओं की मीटिंग हुई। मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष बलराज देशवाल ने बताया कि 13 अप्रैल को सरकार और यूनियन के बीच हुई बातचीत को सरकार लागू नहीं कर रही है। इससे कर्मचारी संगठनों में रोष है। ऐसे में दिन भर हुई मीटिंग में आंदोलन के आगामी स्वरूप पर चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वीकार कर रही है नई परिवहन नीति को वापस लिया जाएगा, लेकिन इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए रोडवेज यूनियन के सभी प्रधानों की अध्यक्षता में आठ टीमें गठित की गई हैं, जो प्रदेश का दौरा कर सरकार की दोगली नीतियों का पर्दाफाश करेंगी। बैठक में विरेंद्र धनखड़, जगमोहन अंतिल, दलबीर किरमारा, आजाद गिल, आजाद मलिक, प्रताप सिंह, हरिनारायण शर्मा, रतन जांगड़ा, इंद्र बधाना, बाबूलाल यादव, अनूप सहरावत, रमेश सैनी, सरबत पूनिया, सावंत सिंह, महाबीर मलिक, संजय खरैंटी, दलबीर ढिल्लो, राजबीर शर्मा, दीपक ढिगाना, महिपाल बिघाना, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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सरकार देश के मोटर व्हीकल कानून को ताक पर रख कर परमिट नीति बना रही है, जो गलत है। इससे लोगों को सुविधा तो मिलनी ही नहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था भी चौपट हो जाएगी। इसके खिलाफ आंदोलन के लिए योजना बनाई गई है।
सरबत पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन
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