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सकारात्मक सोच और सेवा ही जीवन का उद्देश्य : अशोक शर्मा
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फोटो 17जेएनडी19-अशोक शर्मा पुजारी महाराजा अग्रसेन मंदिर।
- फोटो : 1
उचाना। महाराजा अग्रसेन मंदिर के पुजारी अशोक शर्मा ने कहा कि मनुष्य इस संसार में खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही जाता है। जीवन के अंत समय में यदि कुछ साथ जाता है तो केवल उसके अच्छे कर्म होते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सदैव अच्छे कार्य करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है। उसके द्वारा किए गए कार्य किसी न किसी रूप में उसके पास लौटकर आते हैं। इसलिए हमें हमेशा सकारात्मक सोच के साथ समाज और मानवता की सेवा करनी चाहिए।
अशोक शर्मा ने कहा कि किसी का बुरा करना तो दूर, मन में किसी के प्रति बुरे विचार भी नहीं लाने चाहिए। अच्छे विचार और अच्छे कर्म ही व्यक्ति को सम्मान, सुख और शांति प्रदान करते हैं।
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उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य दूसरों की सहायता करना, प्रेम और भाईचारे का संदेश देना तथा मानवता के मार्ग पर चलना है। मनुष्य अपने आचरण को श्रेष्ठ बनाए और ऐसे कार्य करे, जिनसे समाज में सकारात्मक संदेश जाए तथा आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा मिले। अच्छे कर्म ही व्यक्ति की सच्ची पहचान होते हैं और वही उसे समाज में सम्मान दिलाते हैं।
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उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है। उसके द्वारा किए गए कार्य किसी न किसी रूप में उसके पास लौटकर आते हैं। इसलिए हमें हमेशा सकारात्मक सोच के साथ समाज और मानवता की सेवा करनी चाहिए।
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अशोक शर्मा ने कहा कि किसी का बुरा करना तो दूर, मन में किसी के प्रति बुरे विचार भी नहीं लाने चाहिए। अच्छे विचार और अच्छे कर्म ही व्यक्ति को सम्मान, सुख और शांति प्रदान करते हैं।
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उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य दूसरों की सहायता करना, प्रेम और भाईचारे का संदेश देना तथा मानवता के मार्ग पर चलना है। मनुष्य अपने आचरण को श्रेष्ठ बनाए और ऐसे कार्य करे, जिनसे समाज में सकारात्मक संदेश जाए तथा आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा मिले। अच्छे कर्म ही व्यक्ति की सच्ची पहचान होते हैं और वही उसे समाज में सम्मान दिलाते हैं।