फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   poor punchayat gave up resignation dui to not getting water frome barwala link canal

बरवाला लिंक नहर से पानी नहीं मिलने से क्षुब्ध धरोदी गांव की पंचायत ने दिया इस्तीफा

Tue, 23 Jul 2019 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2019 11:39 PM IST
विज्ञापन
poor punchayat gave up resignation dui to not getting water frome barwala link canal
गांव धरोदी माइनर को बरवाला लिंक नहर से जोड़ने की मांग को लेकर दिए जा रहे धरने के 34वें दिन गांव धरोदी की पूरी पंचायत ने इस्तीफा दे दिया। गांव के सरपंच रामभज नैन के अलावा 18 सदस्यों ने बीडीपीओ नरवाना को पत्र लिखकर अपने-अपने इस्तीफे की पेशकश की है। नरवाना के बीडीपीओ राकेश टिवाणा ने बताया कि मंगलवार को वे ऑफिस नहीं गए ऐसे में उन्हें पता नहीं है कि त्यागपत्र कार्यालय में दिए गए हैं या नहीं।
विज्ञापन

सोमवार को गांव के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल से चंडीगढ़ में मिला था। मुख्यमंत्री ने पेयजल की हर समस्या खत्म करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में अमित, सतबीर, सत्यवान, ईश्वर और राजेंद्र आदि शामिल थे। मंगलवार दोपहर को एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासन तथा सिंचाई विभाग के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सोमवार को धरोदी माइनर संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से चंडीगढ़ में मिला था। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर सरकार के सकारात्मक रुख का जिक्र करते हुए प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सरकार लोगों की भूमिगत पानी के जहरीले होने की बात को मंजूर करते हुए सभी 11 गांवों को जलापूर्ति करने वाले चार जलघरों में नहरी पानी देने को तैयार हैै। इसके लिए सभी गांवों में पाइपलाइन बिछाने पर 11 करोड़ रुपये से अधिक की राखि खर्च आने का अनुमान हैै। तालाबों में पानी भरने की भी व्यवस्था कर दी जाएगी। इसके अलावा किसानों को अपने खेतों में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाने के लिए सब्सिडी भी देने को तैयार हैै। जहां तक नहर से पानी देने की बात है अगर पंजाब राज्य से इसकी मंजूरी मिल जाती हैै तो सरकार को इसमें कोई एतराज नहीं क्योंकि भाखड़ा नहर का नियंत्रण पंजाब राज्य के पास हैै। इधर धरोदी माइनर संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमित नैन ने कहा कि उनका धरना धरोदी माइनर को नहर से जोड़ने की मांग को लेकर शुरू किया गया था। वह यह मांग पूरी होने के बाद ही दम लेंगे। बुधवार को संघर्ष समिति कोई बड़ा फैसला लेगी।
विज्ञापन

फिजिबल नहीं है परियोजना
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार हालांकि यह फैसला सरकार को करना है लेकिन यह परियोजना फिजिबल नहीं है। फिलहाल धरोदी माइनर धमतान सिस्टम से चलती है। इस पर पहले भी कई गांवों की व्यवस्था टिकी हुई है। वहीं भाखड़ा का पानी सीधा राजस्थान को जाता है और राजस्थान पहले ही प्रदेश पर कम पानी देने के आरोप लगाता रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

छह ग्रामीण आज से आमरण अनशन पर
बुधवार से महेंद्र, प्रकाश व भान धरोदी सहित छह ग्रामीण आमरन अनशन पर बैठ कर सरकार से धरोदी माइनर को नहर से जोड़ने की मांग करेंगे। दोपहर बार धरौदी धरने पर 60 वर्षीय सतपाल को गर्मी के कारण छाती में दर्द हो गया था जिसका डाक्टरों ने इलाज किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed