{"_id":"63680a98f1386962fa0ff264","slug":"pollution-relief-aqi-reduced-to-168-jind-news-rtk662757190","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदूष्ण से राहत, एक्यूआई घटकर 168 पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदूष्ण से राहत, एक्यूआई घटकर 168 पहुंचा
विज्ञापन
आसमान में बादल छाने से रविवार सुबह छाया कोहरा। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। हवा में बढ़ रहे प्रदूषण का स्तर रविवार को पिछले कई दिनों की अपेक्षा कम रहा। जिसके चलते रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई)168 आ गया। जिससे लोगों को काफी राहत मिली। पिछले कई दिन तक इसका स्तर खतरनाक लेवल पर था। इस कारण नागरिक अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। इनमें अधिकतर मरीज एलर्जी, आंखों में पानी आने व सांस के रहे।
हवा में प्रदूषण के बढ़े स्तर से रविवार को काफी हद तक राहत मिली। रविवार को सुबह ही चली तेज हवा ने प्रदूषण स्तर को कम किया। इसके अलावा पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे जिसके चलते अधिकतम तापमान 29 डिग्री तो न्यूनतम 19 डिग्री तक रहा। जिले में चिकित्सकों ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए अलर्ट घोषित किया हुआ था। क्योंकि पिछले कई दिनों से एक्यूआई का स्तर 300 के आसपास चल रहा था। जिससे रविवार को कुछ हद तक राहत मिली है।
नागरिक अस्पताल में पिछले दो दिन से आंखों में जलन के डेढ़ गुणा मरीज सामने आए थे। अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतांशु ने बताया कि आंखों में पानी आने व जलन की शिकायत लेकर मरीज आ रहे हैं। इसलिए सभी को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा सांस के रोगी भी अस्पताल में उपचार के लिए आ रहे हैं।
विज्ञापन
ये बरतें सावधानियां
सुबह-शाम टहलने से बचें। कमरे में एग्जॉस्ट चलाएं। घर से बाहर निकलें तो मुंह पर रुमाल या मास्क लगा लें। पेय पदार्थ ज्यादा लें। गर्म पानी का प्रयोग करें। खांसी, गले और छाती में संक्रमण होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। जिन लोगों को अस्थमा है उनके लिए यह काफी खतरनाक है। ऐसे में खिड़कियां या दरवाजे बंद रखें। हरी सब्जियों व पौष्टिक आहार का सेवन करें, धूम्रपान नहीं करें। बाहर से आने के बाद गुनगुने पानी से मुंह, आंखें और नाक साफ करें।
प्रदूषण बढने से सांस, एलर्जी के मरीजों को परेशानियां बढ़ जाती हैं। टीबी के मरीजों पर भी इस मौसम का खास असर पड़ता है। ऐसे में सांस के मरीज व छोटे बच्चों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। घर से बाहर निकलें तो मास्क अवश्य पहनें। आंखों से पानी आने, जलन होने या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।
-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल।
विज्ञापन
हवा में प्रदूषण के बढ़े स्तर से रविवार को काफी हद तक राहत मिली। रविवार को सुबह ही चली तेज हवा ने प्रदूषण स्तर को कम किया। इसके अलावा पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे जिसके चलते अधिकतम तापमान 29 डिग्री तो न्यूनतम 19 डिग्री तक रहा। जिले में चिकित्सकों ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए अलर्ट घोषित किया हुआ था। क्योंकि पिछले कई दिनों से एक्यूआई का स्तर 300 के आसपास चल रहा था। जिससे रविवार को कुछ हद तक राहत मिली है।
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में पिछले दो दिन से आंखों में जलन के डेढ़ गुणा मरीज सामने आए थे। अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतांशु ने बताया कि आंखों में पानी आने व जलन की शिकायत लेकर मरीज आ रहे हैं। इसलिए सभी को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा सांस के रोगी भी अस्पताल में उपचार के लिए आ रहे हैं।
विज्ञापन
ये बरतें सावधानियां
सुबह-शाम टहलने से बचें। कमरे में एग्जॉस्ट चलाएं। घर से बाहर निकलें तो मुंह पर रुमाल या मास्क लगा लें। पेय पदार्थ ज्यादा लें। गर्म पानी का प्रयोग करें। खांसी, गले और छाती में संक्रमण होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। जिन लोगों को अस्थमा है उनके लिए यह काफी खतरनाक है। ऐसे में खिड़कियां या दरवाजे बंद रखें। हरी सब्जियों व पौष्टिक आहार का सेवन करें, धूम्रपान नहीं करें। बाहर से आने के बाद गुनगुने पानी से मुंह, आंखें और नाक साफ करें।
प्रदूषण बढने से सांस, एलर्जी के मरीजों को परेशानियां बढ़ जाती हैं। टीबी के मरीजों पर भी इस मौसम का खास असर पड़ता है। ऐसे में सांस के मरीज व छोटे बच्चों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। घर से बाहर निकलें तो मास्क अवश्य पहनें। आंखों से पानी आने, जलन होने या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।
-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल।