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डाहौला गांव के अधीन पेगां गांव का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समय से पहले हो रहा बंद
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समय से पहले बंद पेगां गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र।
- फोटो : Jind
अलेवा। पेगां गांव का उप स्वास्थ्य केेंद्र कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही के चलते समय से पहले बंद हो जाता है। केंद्र के बंद होने से गांव की गर्भवती महिलाओं या फिर टीबी जैसे मरीजों को पूरे दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन उप स्वास्थ्य केंद्र समय से पहले ही बंद हो रहा है। शनिवार को भी केंद्र दोपहर डेढ़ बजे तक खोलने का समय है, लेकिन यह एक बजे से पहले ही बंद कर दिया गया।
पेगां गांव निवासी राजेश कुमार, गुरनाम, प्रवीण, बलजीत सिंह व विकास ने कहा कि गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ज्यादातर समय बंद ही रहता है। उन्होंने कहा कि केंद्र पर तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी होने के बावजूद यह नियमित रूप से नहीं खुल रहा है। नियमानुसार केंद्र सोमवार से शुक्रवार तक सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक खुला रहना चाहिए। वहीं शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे तक खुला रहना चाहिए। केंद्र पर पहुंचने के बाद कर्मचारियों को अगर गांव या फिर केंद्र से जुड़े अन्य गांव में जाना हो तो कर्मचारी सुबह 11 से शाम तीन बजे का मूवमेंट रजिस्टर में भरकर कार्य पर जा सकता है। उसके बाद तीन बजे से चार बजे तक अपने केंद्र में कार्य करना अनिवार्य है। इसके बाद भी कर्मचारी समय से पहले उप स्वास्थ्य केेंद्र को बंद कर देते हैं। इसके चलते गांव के लोग मामले को विभाग के उच्च अधिकारियों को अनेकों बार उठा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कर्मचारी गांव के लोगों की बातों को अनुसना कर रहे हैं।
लीपापोती कर रहे हैं अधिकारी
ग्रामीणों ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र पहले से ही सुर्खियों में रहा है। यहां के कर्मचारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत की बात कहकर समय से पहले केंद्र को बंद कर चलते बनते हैं। 24 जनवरी को भी गांवों के लोगों ने केंद्र पर नदारद कर्मचारियों के मामले में एक वीडियो वायरल किया था।
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पल्ला झाड़ते नजर आए अधिकारी
मामले को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डाहौला की एमओ अंजू ने कहा कि अभी ड्यूटी टाइम खत्म हो चुका है। अगर मामले को लेकर बात करनी है तो कल करना। ऐसे में एमओ अधिकारी भी पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
यह मामला गंभीर है। लोगों को सेवाएं देने के लिए तय समय तक केंद्र पर रहना जरूरी है। जो कर्मचारी इसमें लापरवाही कर रहे हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी। - डॉ. पालेराम, कार्यवाहक सिविल सर्जन।
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पेगां गांव निवासी राजेश कुमार, गुरनाम, प्रवीण, बलजीत सिंह व विकास ने कहा कि गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ज्यादातर समय बंद ही रहता है। उन्होंने कहा कि केंद्र पर तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी होने के बावजूद यह नियमित रूप से नहीं खुल रहा है। नियमानुसार केंद्र सोमवार से शुक्रवार तक सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक खुला रहना चाहिए। वहीं शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे तक खुला रहना चाहिए। केंद्र पर पहुंचने के बाद कर्मचारियों को अगर गांव या फिर केंद्र से जुड़े अन्य गांव में जाना हो तो कर्मचारी सुबह 11 से शाम तीन बजे का मूवमेंट रजिस्टर में भरकर कार्य पर जा सकता है। उसके बाद तीन बजे से चार बजे तक अपने केंद्र में कार्य करना अनिवार्य है। इसके बाद भी कर्मचारी समय से पहले उप स्वास्थ्य केेंद्र को बंद कर देते हैं। इसके चलते गांव के लोग मामले को विभाग के उच्च अधिकारियों को अनेकों बार उठा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कर्मचारी गांव के लोगों की बातों को अनुसना कर रहे हैं।
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लीपापोती कर रहे हैं अधिकारी
ग्रामीणों ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र पहले से ही सुर्खियों में रहा है। यहां के कर्मचारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत की बात कहकर समय से पहले केंद्र को बंद कर चलते बनते हैं। 24 जनवरी को भी गांवों के लोगों ने केंद्र पर नदारद कर्मचारियों के मामले में एक वीडियो वायरल किया था।
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पल्ला झाड़ते नजर आए अधिकारी
मामले को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डाहौला की एमओ अंजू ने कहा कि अभी ड्यूटी टाइम खत्म हो चुका है। अगर मामले को लेकर बात करनी है तो कल करना। ऐसे में एमओ अधिकारी भी पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
यह मामला गंभीर है। लोगों को सेवाएं देने के लिए तय समय तक केंद्र पर रहना जरूरी है। जो कर्मचारी इसमें लापरवाही कर रहे हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी। - डॉ. पालेराम, कार्यवाहक सिविल सर्जन।