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1600 की रिश्वत लेते राजस्व विभाग का पटवारी गिरफ्तार
jind
Updated Fri, 30 Sep 2016 01:10 AM IST
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विजिलेंस की गिरफ्त में आरोपी पटवारी।
- फोटो : bureau
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इंतकाल दर्ज करने की एवज में रिश्वत की मांग कर रहे राजस्व विभाग के पटवारी को विजिलेंस की टीम ने 1600 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है। पुलिस ने आरोपी पटवारी
के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार गांव गुरुसर निवासी रामनिवास ने विजिलेंस की टीम को दी शिकायत में बताया था कि वह अपनी जमीन का इंतकाल दर्ज करवाना चाहता है और इसके लिए उसने सभी कागजी कार्रवाई पूरी की हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद भी पटवारी सुरेंद्र इंतकाल दर्ज नहीं कर रहा है। इंतकाल दर्ज करने की एवज में पटवारी उससे 1600 रुपये की मांग कर रहा है। विजिलेंस की टीम ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए टीम का गठन किया और तहसीलदार प्रवीन तहलान को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए विजिलेंस के निरीक्षक देवीलाल, एएसआई अनिल, बलजीत, दयानंद, सब इंस्पेक्टर कृष्ण को शामिल किया गया। विजिलेंस की टीम ने शिकायतकर्त्ता को 1600 रुपये पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित करा पाउडर लगा कर दे दिए। योजना के अनुसार शिकायतकर्त्ता ने पटवारी सुरेंद्र से संपर्क साधा तो पटवारी ने उसे तहसील कार्यालय में बुला लिया। जहां पर पटवारी ने सुरेंद्र को नोट सौंप दिए। इशारा मिलते ही छापामार दल ने पटवारी सुरेंद्र को पकड़ लिया। तालाशी लिए जाने पर उसकी जेब से मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षर किए गए नोट बरामद कर लिए। हाथ धुलाए जाने पर उसके हाथ लाल हो गए। विजिलेंस की टीम ने पटवारी सुरेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार गांव गुरुसर निवासी रामनिवास ने विजिलेंस की टीम को दी शिकायत में बताया था कि वह अपनी जमीन का इंतकाल दर्ज करवाना चाहता है और इसके लिए उसने सभी कागजी कार्रवाई पूरी की हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद भी पटवारी सुरेंद्र इंतकाल दर्ज नहीं कर रहा है। इंतकाल दर्ज करने की एवज में पटवारी उससे 1600 रुपये की मांग कर रहा है। विजिलेंस की टीम ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए टीम का गठन किया और तहसीलदार प्रवीन तहलान को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए विजिलेंस के निरीक्षक देवीलाल, एएसआई अनिल, बलजीत, दयानंद, सब इंस्पेक्टर कृष्ण को शामिल किया गया। विजिलेंस की टीम ने शिकायतकर्त्ता को 1600 रुपये पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित करा पाउडर लगा कर दे दिए। योजना के अनुसार शिकायतकर्त्ता ने पटवारी सुरेंद्र से संपर्क साधा तो पटवारी ने उसे तहसील कार्यालय में बुला लिया। जहां पर पटवारी ने सुरेंद्र को नोट सौंप दिए। इशारा मिलते ही छापामार दल ने पटवारी सुरेंद्र को पकड़ लिया। तालाशी लिए जाने पर उसकी जेब से मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षर किए गए नोट बरामद कर लिए। हाथ धुलाए जाने पर उसके हाथ लाल हो गए। विजिलेंस की टीम ने पटवारी सुरेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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