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परिवेदना समिति की बैठक में नहीं पहुंचे बीएंडआर के एक्सईएन
jind
Updated Tue, 08 Nov 2016 01:04 AM IST
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मंत्री के समक्ष अपनी समस्या रखते शिकायतकर्ता।
- फोटो : bureau
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जिला परिवेदना समिति की बैठक में नहीं आने वाले बीएंडआर शाखा के एक एक्सईएन पर भड़के समिति के चेयरमैन और मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने सख्त रुख अपनाते हुए एडीसी को आदेश दिए कि उनके खिलाफ कार्रवाई करो। मंत्री ने कहा कि 'अधिकारी को शाम तक पसीन निकलने चाहिंए।Ó वहीं एक फरियादी की शिकायत पर सिंचाई विभाग के एक अनुबंध आधार के कर्मचारी को भी हटाने के आदेश दिए। एक अन्य शिकायत में मंत्री ने सिंचाई व जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन को चेतावनी देते हुए 15 दिन में सीवरेज लाइन पर काम शुरू करने के आदेश दिए। डीआरडीए हॉल में आयोजित जिला परिवेदना समिति की बैठक में पहली शिकायत में आरा रोड निवासी रोशन लाल ने सिंचाई के लिए बनने वाले पक्के खाल में सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए। इस पर सिंचाई विभाग के एक्सईएन बीडी जागलान ने कहा कि इस मामले का स्टीमेट बनाकर भेजा गया है। इस पर शिकायतकर्ता रोशन लाल ने कहा कि 'मंत्री जी अधिकारी झूठ बोलते हैं। ये मनैं तो भकावैं ए हैं-आपनै भी भकावैं हैं। इस पर मंत्री ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन को आदेश दिए कि वे शिकायतकर्ता को संतुष्ट करें। एक फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये का चूना लगाने के मामले की शिकायत पर मंत्री ने फरियादी को कहा कि वे चंडीगढ़ में उनके मकान पर आ जाएं, उनकी समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। पटियाला चौक स्थित चंद्रलोक कॉलोनी, न्यू चंद्रलोक कॉलोनी व आनंद पर्वत कॉलोनी में बंद पड़ी सीवरेज लाइन के मामले में मंत्री ने जन स्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग 15 दिन में कार्रवाई करने को कहा। शिकायतकर्ता ने कहा कि यहां जन स्वास्थ्य विभाग पुरानी लाइन को छोड़कर चार इंच पाइप की लाइन डाल दी है। इससे सात हजार लोगों के प्रयोग का पानी निकला संभव नहीं है। यह जमीन सिंचाई विभाग के अधीन आती है और सीवरेज लाइन जन स्वास्थ्य विभाग को दोबारा चालू करनी है। इस पर सिंचाई विभाग के एक्सईएन बीडी जागलान ने कहा कि वे 15 दिन में जमीन अपने कब्जे में लेकर जन स्वास्थ्य विभाग को सौंप देंगे। वहीं जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन बीपी शर्मा ने कहा कि जमीन मिलते ही तीन महीने में वे सीवर लाइन को चालू करवा देंगे। गौरतलब है कि सीवरेज के ऊपर से लोगों ने खेत बनाकर फसल उगाना शुरू कर दिया है। इसके चलते सीवरेज लाइन बंद पड़ी है।
मंत्री जी एक्सईएन ऑफिस का कर्मचारी करता है बदतमीजी
सिंचाई विभाग की एक शिकायत में रिटौली निवासी रामपाल ने का कि अधिकारियों मौके पर जाकर उनके पक्के खाल को देखा था। इसमें पूरे खाल को ठीक करने की मंजूरी नहीं दी गई। इससे जो खाल बनेगा, उससे किसानों को कोई लाभ नहीं होगा। रामपाल ने कहा कि इतना ही नहीं एक्सईएन ऑफिस का एक कर्मचारी जिसे लोग न्योलिया साहब कहते हैं, उसने कहा कि अब यह मामला ठीक नहीं हो सकता। इस पर मंत्री ने पूछा कि यह अधिकारी कौन है। एक्सईएन को आदेश दिए कि इसे घर भेज दो। उसने लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया है, उसके खिलाफ एफआईआर करवाई जाए। वह सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है। इस पर सदन में खूब तालियां बजी।
सदस्य बोले नहीं मिला मीटिंग का एजेंडा
मीटिंग के बाद परिवेदना समिति के गैर सरकारी सदस्यों में से एक ने कहा कि उन्हें मीटिंग का एजेंडा ही नहीं मिलता, ऐसे वे मीटिंग में क्या करें। इस पर एडीसी आमना तस्नीम ने कहा कि आगे से ऐसा नहीं होगा।
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भाजपा नेताओं ने ही की शिकायत
मीटिंग के दौरान अन्य लोगों की तरह ही भाजपा नेता और परिवेदना समिति के सदस्यों ने भी शिकायतें मंत्री के समक्ष रखी। परिवेदना समिति के सदस्य हरि दास सैनी ने कहा कि बिजली निगम ने पहले तो उसे बिल ही नहीं भेजा और अब दोगुना कर भेज दिया है। इस पर मंत्री ने बिजली निगम के एक्सईएन को आदेश दिए तो हरि दास सैनी ने कहा कि दो माह पहले हुई बैठक में यह मामला उन्होंने एक्सईएन के समक्ष रखा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
धन्यवाद तो कडै़ मनै घरां जाण देवैं हैं, वो ए बोत है
मीटिंग के दौरान जब समस्या का समाधान हो गया तो सदस्यों ने कहा कि शिकायतकर्ता मंत्री का धन्यवाद करे। इस पर मंत्री ने कहा कि जींद वाले धन्यवाद कहां करते हैं। इनकी बात सुनने के बाद मुझे घर जाण देते हैं, यही बहुत है।
फरियादी से बोले मंत्री लाला जी है क्या, फरियादी बोला जाट हूं
सफीदों के आढ़ती यादविंद्र सिंह ने कहा कि उसने सरकार से आढ़त का लाइसेंस बनवाया है। इसके तहत उसने नई अनाज मंडी में प्लाट का आवेदन किया था। आरोप है कि अधिकारियों ने स्वार्थ के तहत उसकी फाइल दबा दी। इस पर सफीदों मार्केट कमेटी की सचिव ने कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता उनकी कार्रवाई से संतुष्ट है और उसने लिख कर दिया है। जब मंत्री ने शिकायतकर्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि जब तक शिकायत का समाधान नहीं हो जाता, वह संतुष्ट कैसे हो सकता है। इस पर मंत्री ने पूछा कि ' तुम लाला जी हो के।Ó शिकायतकर्ता ने जवाब दिया कि नहीं जी जाट हूं। यह सुनते ही पूरा सदन ठहाके से गूंज उठा।
पैतृक गांव में बस चलाने के आदेश
मीटिंग के बाद कलौदा खुर्द के लोगों ने मंत्री से मुलाकात कर गांव में बस चलवाने की अपील की। इस पर उन्होंने रोडवेज के महाप्रबंधक आरएस पूनिया को आदेश दिए कि गांव के लिए बस चलाई जाए। गौरतलब है कि मंत्री कृष्ण बेदी का पैतृक गांव कलोदा खुर्द है।
समिति के समक्ष 17 शिकायतें रखी गई थीं। इसमें 12 का समाधान कर दिया गया है। पांच अभी बाकी हैं। इसको लेकर अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। अगली मीटिंग में समीक्षा की जाएगी।
- कष्ण कुमार बेदी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री।
मीटिंग में नहीं आने पर मंत्री ने बीएंडआर सफीदों के एक्सईएन से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई की बात कही थी। एक्सईएन का कहना है कि वे एक केस के मामले में चंडीगढ़ गए हैं, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना नहीं दी। यह जानकारी मंत्री को दे दी गई है। अब इसमें कोई कार्रवाई नहीं बनती।
- आमना तस्नीम, एडीसी
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मंत्री जी एक्सईएन ऑफिस का कर्मचारी करता है बदतमीजी
सिंचाई विभाग की एक शिकायत में रिटौली निवासी रामपाल ने का कि अधिकारियों मौके पर जाकर उनके पक्के खाल को देखा था। इसमें पूरे खाल को ठीक करने की मंजूरी नहीं दी गई। इससे जो खाल बनेगा, उससे किसानों को कोई लाभ नहीं होगा। रामपाल ने कहा कि इतना ही नहीं एक्सईएन ऑफिस का एक कर्मचारी जिसे लोग न्योलिया साहब कहते हैं, उसने कहा कि अब यह मामला ठीक नहीं हो सकता। इस पर मंत्री ने पूछा कि यह अधिकारी कौन है। एक्सईएन को आदेश दिए कि इसे घर भेज दो। उसने लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया है, उसके खिलाफ एफआईआर करवाई जाए। वह सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है। इस पर सदन में खूब तालियां बजी।
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सदस्य बोले नहीं मिला मीटिंग का एजेंडा
मीटिंग के बाद परिवेदना समिति के गैर सरकारी सदस्यों में से एक ने कहा कि उन्हें मीटिंग का एजेंडा ही नहीं मिलता, ऐसे वे मीटिंग में क्या करें। इस पर एडीसी आमना तस्नीम ने कहा कि आगे से ऐसा नहीं होगा।
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भाजपा नेताओं ने ही की शिकायत
मीटिंग के दौरान अन्य लोगों की तरह ही भाजपा नेता और परिवेदना समिति के सदस्यों ने भी शिकायतें मंत्री के समक्ष रखी। परिवेदना समिति के सदस्य हरि दास सैनी ने कहा कि बिजली निगम ने पहले तो उसे बिल ही नहीं भेजा और अब दोगुना कर भेज दिया है। इस पर मंत्री ने बिजली निगम के एक्सईएन को आदेश दिए तो हरि दास सैनी ने कहा कि दो माह पहले हुई बैठक में यह मामला उन्होंने एक्सईएन के समक्ष रखा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
धन्यवाद तो कडै़ मनै घरां जाण देवैं हैं, वो ए बोत है
मीटिंग के दौरान जब समस्या का समाधान हो गया तो सदस्यों ने कहा कि शिकायतकर्ता मंत्री का धन्यवाद करे। इस पर मंत्री ने कहा कि जींद वाले धन्यवाद कहां करते हैं। इनकी बात सुनने के बाद मुझे घर जाण देते हैं, यही बहुत है।
फरियादी से बोले मंत्री लाला जी है क्या, फरियादी बोला जाट हूं
सफीदों के आढ़ती यादविंद्र सिंह ने कहा कि उसने सरकार से आढ़त का लाइसेंस बनवाया है। इसके तहत उसने नई अनाज मंडी में प्लाट का आवेदन किया था। आरोप है कि अधिकारियों ने स्वार्थ के तहत उसकी फाइल दबा दी। इस पर सफीदों मार्केट कमेटी की सचिव ने कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता उनकी कार्रवाई से संतुष्ट है और उसने लिख कर दिया है। जब मंत्री ने शिकायतकर्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि जब तक शिकायत का समाधान नहीं हो जाता, वह संतुष्ट कैसे हो सकता है। इस पर मंत्री ने पूछा कि ' तुम लाला जी हो के।Ó शिकायतकर्ता ने जवाब दिया कि नहीं जी जाट हूं। यह सुनते ही पूरा सदन ठहाके से गूंज उठा।
पैतृक गांव में बस चलाने के आदेश
मीटिंग के बाद कलौदा खुर्द के लोगों ने मंत्री से मुलाकात कर गांव में बस चलवाने की अपील की। इस पर उन्होंने रोडवेज के महाप्रबंधक आरएस पूनिया को आदेश दिए कि गांव के लिए बस चलाई जाए। गौरतलब है कि मंत्री कृष्ण बेदी का पैतृक गांव कलोदा खुर्द है।
समिति के समक्ष 17 शिकायतें रखी गई थीं। इसमें 12 का समाधान कर दिया गया है। पांच अभी बाकी हैं। इसको लेकर अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। अगली मीटिंग में समीक्षा की जाएगी।
- कष्ण कुमार बेदी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री।
मीटिंग में नहीं आने पर मंत्री ने बीएंडआर सफीदों के एक्सईएन से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई की बात कही थी। एक्सईएन का कहना है कि वे एक केस के मामले में चंडीगढ़ गए हैं, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना नहीं दी। यह जानकारी मंत्री को दे दी गई है। अब इसमें कोई कार्रवाई नहीं बनती।
- आमना तस्नीम, एडीसी