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Jind News: जींद, नरवाना व उचाना मंडी में भीगा धान
Tue, 07 Oct 2025 12:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 07 Oct 2025 12:51 AM IST
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06जेएनडी16: मंडी में बरसात के चलते भीग रहा धान। स्रोत : आढ़ती
जींद। शहर की अनाज मंडी में पड़ा 5,000 क्विंटल धान पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है। सोमवार दोपहर को हुई बारिश में धान को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल ढकी गई थी लेकिन पानी ढेरियों के नीचे से बहता दिखाई दिया। वहीं कुछ ढेरियां खुले में पड़ी रही।
इसके अलावा कुछ तिरपाल फटे होने के कारण भी धान की ढेरियां भीग गईं। शहर की अनाज मंडी में दो शैड बनाए गए हैं लेकिन इनके नीचे सारी धान नहीं आ सकती। मंडी में अब तक उठान भी शुरू नहीं हुआ। पीआर के अतिरिक्त अन्य तरह की धान की वैरायटी मंडी में लगातार बढ़ रही हैं।
मंडी में आई धान की ढेरियां लगी हैं तो कुछ बोरियों में भरी हुई हैं। रात को तेज आंधी के साथ हुई बरसात में यह धान तिरपाल व पाॅलिथीन से बचाने का प्रयास हुआ जो नाकाफी रहा। मंडी में धान के अतिरिक्त, कपास व बाजरे की फसल भी आई हुई है जो धान निजी एजेंसियों ने खरीदा है। उसका उठान नहीं होने से बोरियों में भीगकर खराब होने का डर बना हुआ है।
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धान की सरकारी खरीद शून्य
शहर की अनाज मंडी में सरकारी निर्देशों के 14 दिन बीत जाने के बाद भी पीआर धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई। इसको लेकर मंडी प्रशासन गंभीर नहीं है। मार्केट कमेटी सचिव ने भी हैफेड को खरीद शुरू करने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन हैफेड के कर्मियों ने इसको भी गंभीरता से नहीं लिया। अब किसान की फसल मंडी में भीगकर बर्बाद होने की कगार पर है।
वर्जन
मंडी में आई धान को बरसात में भीगने से बचाने के लिए तिरपाल ढकी गई है। प्राइवेट बोली पर खरीदी जाने वाली धान की फसल का उठान करवाने के निर्देश दिए हैं जबकि पीआर की खरीद के लिए भी हैफेड को पत्र लिखा है। बरसात में फसल को बचाने के लिए सभी आढ़तियों को तिरपाल ढकने के लिए निर्देश दिए गए।-संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद।
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इसके अलावा कुछ तिरपाल फटे होने के कारण भी धान की ढेरियां भीग गईं। शहर की अनाज मंडी में दो शैड बनाए गए हैं लेकिन इनके नीचे सारी धान नहीं आ सकती। मंडी में अब तक उठान भी शुरू नहीं हुआ। पीआर के अतिरिक्त अन्य तरह की धान की वैरायटी मंडी में लगातार बढ़ रही हैं।
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मंडी में आई धान की ढेरियां लगी हैं तो कुछ बोरियों में भरी हुई हैं। रात को तेज आंधी के साथ हुई बरसात में यह धान तिरपाल व पाॅलिथीन से बचाने का प्रयास हुआ जो नाकाफी रहा। मंडी में धान के अतिरिक्त, कपास व बाजरे की फसल भी आई हुई है जो धान निजी एजेंसियों ने खरीदा है। उसका उठान नहीं होने से बोरियों में भीगकर खराब होने का डर बना हुआ है।
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धान की सरकारी खरीद शून्य
शहर की अनाज मंडी में सरकारी निर्देशों के 14 दिन बीत जाने के बाद भी पीआर धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई। इसको लेकर मंडी प्रशासन गंभीर नहीं है। मार्केट कमेटी सचिव ने भी हैफेड को खरीद शुरू करने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन हैफेड के कर्मियों ने इसको भी गंभीरता से नहीं लिया। अब किसान की फसल मंडी में भीगकर बर्बाद होने की कगार पर है।
वर्जन
मंडी में आई धान को बरसात में भीगने से बचाने के लिए तिरपाल ढकी गई है। प्राइवेट बोली पर खरीदी जाने वाली धान की फसल का उठान करवाने के निर्देश दिए हैं जबकि पीआर की खरीद के लिए भी हैफेड को पत्र लिखा है। बरसात में फसल को बचाने के लिए सभी आढ़तियों को तिरपाल ढकने के लिए निर्देश दिए गए।-संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद।