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Jind News: नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट दो साल से बंद
Thu, 12 Jun 2025 01:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 12 Jun 2025 01:34 AM IST
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11जेएनडी16: नागरिक अस्पताल में बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में कोरोना के दौरान पीएम केयर फंड से स्थापित करवाए गए ऑक्सीजन प्लांट की संभाल नहीं होने से दो साल से बंद पड़ा है। इसको ठीक कराने के लिए अस्पताल प्रशासन के पास बजट का अभाव परेशानी बना हुआ है। इसके शुरू नहीं होने के कारण कोरोना संक्रमण को देखते हुए ऑक्सीजन के सिलिंडर मंगवाकर अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था बनाई हुई है।
नागरिक अस्पताल में कोरोना कॉल के दौरान ऑक्सीजन को लेकर भारी किल्लत हुई थी। इस दौरान जरूरत के अनुसार मरीजों को ऑक्सीजन के सिलिंडर नहीं मिले और जिले में सिलिंडरों का ब्लैक जमकर हुआ। इस दौरान पीएम केयर फंड से नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगवाया गया, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपदा के दौरान मरीजों को ऑक्सीजन की कमी न रहे। अस्पताल के पास खुद की ऑक्सीजन की व्यवस्था हो।
वहीं इस प्लांट से नागरिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा भी मिली। इसके कुछ समय बाद ही इसमें तकनीकी खराबी आ गई, लेकिन इंजीनियरों की टीम ने इसको ठीक कर दिया। इसके बाद दोबारा से प्लांट में तकनीकी खामी आई तो अब दो वर्ष बीतने के बाद भी यह ठीक नहीं हो पाया।
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इसका मुख्य कारण अस्पताल प्रबंधन के पास प्लांट को ठीक कराने के लिए बजट का अभाव बताया जा रहा है। अस्पताल में अन्य कई सुविधाओं व ऑक्सीजन प्लांट की खामियों को दूर करने के लिए कई बार प्रबंधन ने मुख्यालय से बजट की मांग भी की, लेकिन यह बजट उपलब्ध नहीं होने से अस्पताल में मिलने वाली सेवाओं में लगातार कमी आ रही है।
इस ऑक्सीजन को पाइपों के माध्यम से नागरिक अस्पताल की पुराने भवन में भी सप्लाई शुरू की थी, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति के मरीज को समय पर ऑक्सीजन आसानी से उपलब्ध कराई जा सके। फिलहाल ऑक्सीजन सिलिंडरों से नागरिक अस्पताल में व्यवस्थाएं चली हुई हैं। आक्सीजन की ज्यादा जरूरत एसएनसीयू व इमरजेंसी में होती है। वहां पर जरूरत के अनुसार अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर रखवाए गए हैं।
पहले भी दो बार हो चुका था खराब
नागरिक अस्पताल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट में पहली बार कोरोना के दौरान भी दो बार तकनीकी खामियां आई थी। इसे ठीक कराने में भी काफी समय लगा था, हालांकि यह एलएमटी कंपनी की ओर से पीएम केयर फंड से लगवाए गए थे।
ऑक्सीजन प्लांट को चलवाने के लिए बीएमई से बात हुई है। जल्द ही इसको शुरू कराया जाएगा। कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए इसको शुरू करवाने का निर्णय लिया गया था। इसको शुरू कराने के लिए पत्र लिखकर निर्देश दिए गए। हालांकि सामान्य तौर पर प्लांट की ज्यादा जरूरत नहीं है। ऑक्सीजन सिलिंडरों से अस्पताल में व्यवस्थाएं चलाई हुई हैं। उम्मीद है कि 10 दिन में प्लांट की सर्विस के लिए इंजीनियर अस्पताल में आकर शुरू कर सकते हैं।
-डॉ. सुमन कोहली सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।
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नागरिक अस्पताल में कोरोना कॉल के दौरान ऑक्सीजन को लेकर भारी किल्लत हुई थी। इस दौरान जरूरत के अनुसार मरीजों को ऑक्सीजन के सिलिंडर नहीं मिले और जिले में सिलिंडरों का ब्लैक जमकर हुआ। इस दौरान पीएम केयर फंड से नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगवाया गया, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपदा के दौरान मरीजों को ऑक्सीजन की कमी न रहे। अस्पताल के पास खुद की ऑक्सीजन की व्यवस्था हो।
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वहीं इस प्लांट से नागरिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा भी मिली। इसके कुछ समय बाद ही इसमें तकनीकी खराबी आ गई, लेकिन इंजीनियरों की टीम ने इसको ठीक कर दिया। इसके बाद दोबारा से प्लांट में तकनीकी खामी आई तो अब दो वर्ष बीतने के बाद भी यह ठीक नहीं हो पाया।
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इसका मुख्य कारण अस्पताल प्रबंधन के पास प्लांट को ठीक कराने के लिए बजट का अभाव बताया जा रहा है। अस्पताल में अन्य कई सुविधाओं व ऑक्सीजन प्लांट की खामियों को दूर करने के लिए कई बार प्रबंधन ने मुख्यालय से बजट की मांग भी की, लेकिन यह बजट उपलब्ध नहीं होने से अस्पताल में मिलने वाली सेवाओं में लगातार कमी आ रही है।
इस ऑक्सीजन को पाइपों के माध्यम से नागरिक अस्पताल की पुराने भवन में भी सप्लाई शुरू की थी, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति के मरीज को समय पर ऑक्सीजन आसानी से उपलब्ध कराई जा सके। फिलहाल ऑक्सीजन सिलिंडरों से नागरिक अस्पताल में व्यवस्थाएं चली हुई हैं। आक्सीजन की ज्यादा जरूरत एसएनसीयू व इमरजेंसी में होती है। वहां पर जरूरत के अनुसार अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर रखवाए गए हैं।
पहले भी दो बार हो चुका था खराब
नागरिक अस्पताल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट में पहली बार कोरोना के दौरान भी दो बार तकनीकी खामियां आई थी। इसे ठीक कराने में भी काफी समय लगा था, हालांकि यह एलएमटी कंपनी की ओर से पीएम केयर फंड से लगवाए गए थे।
ऑक्सीजन प्लांट को चलवाने के लिए बीएमई से बात हुई है। जल्द ही इसको शुरू कराया जाएगा। कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए इसको शुरू करवाने का निर्णय लिया गया था। इसको शुरू कराने के लिए पत्र लिखकर निर्देश दिए गए। हालांकि सामान्य तौर पर प्लांट की ज्यादा जरूरत नहीं है। ऑक्सीजन सिलिंडरों से अस्पताल में व्यवस्थाएं चलाई हुई हैं। उम्मीद है कि 10 दिन में प्लांट की सर्विस के लिए इंजीनियर अस्पताल में आकर शुरू कर सकते हैं।
-डॉ. सुमन कोहली सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।