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Jind News: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में 60 टन से अधिक कूड़ा जमा
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फोटो 12जेएनडी11-नगर परिषद कार्यालय में चल रहे धरने पर रोष प्रकट करते सफाई कर्मचारी। स्रोत कर्मच
जींद। 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते को लागू नहीं करने और वादाखिलाफी के विरोध में नगर परिषद के 180 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। अब हड़ताल को दूसरे कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है।
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर के डंपिंग प्वाइंटों से कूड़े का उठान प्रभावित हो गया है। सड़कों और डंपिंग प्वाइंटों पर 60 टन से अधिक कूड़ा जमा होने से शहर में जगह-जगह गंदगी के ढ़ेर लगे हैं। लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारियों ने हड़ताल को 15 अगस्त तक बढ़ा दिया है। बुधवार को कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता इकाई प्रधान बिजेंद्र कांगड़ा ने की, जबकि संचालन इकाई सचिव जितेंद्र कुमार ने किया।
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धरने को संबोधित करते हुए संघ के राज्य मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण, राज्य उपप्रधान राजेश कुमार बागड़ी, राज्य कमेटी सदस्य बिशन सिंह, जिला प्रधान सोहनलाल और जिला सचिव बंटी बेदी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सफाई, सीवर, फायर और कार्यालय कर्मचारियों की मांगों को लेकर लगातार वादाखिलाफी और भेदभाव कर रही है। इसी कारण कर्मचारियों को बार-बार आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
छह घंटे चली थी सरकार और संघ के बीच बैठक
राज्य मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण ने बताया कि 13 मई को हरियाणा भवन, चंडीगढ़ में विभागीय मंत्री विपुल गोयल और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर की मौजूदगी में सरकार और नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य कमेटी के बीच करीब छह घंटे बैठक हुई थी। बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। सरकार की ओर से 20 जून तक संबंधित मांगों पर परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों से संबंधित आदेश जारी नहीं किए गए।
13 हजार कर्मचारियों को पक्का करने का था आश्वासन
शिवचरण ने कहा कि 13 मई के समझौते में प्रदेश के करीब 13 हजार कच्चे सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद सरकार अपने वादे से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में कर्मचारियों के आंदोलन के दबाव में पे-रोल कर्मचारियों को पक्का करने का पत्र जारी किया गया था लेकिन सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों की समस्याओं का अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को कर्मचारी सरकार की दलित, सफाई और सीवरमैन कर्मचारी विरोधी नीतियों पर मंथन करेंगे और आगामी आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।
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कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर के डंपिंग प्वाइंटों से कूड़े का उठान प्रभावित हो गया है। सड़कों और डंपिंग प्वाइंटों पर 60 टन से अधिक कूड़ा जमा होने से शहर में जगह-जगह गंदगी के ढ़ेर लगे हैं। लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।
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नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारियों ने हड़ताल को 15 अगस्त तक बढ़ा दिया है। बुधवार को कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता इकाई प्रधान बिजेंद्र कांगड़ा ने की, जबकि संचालन इकाई सचिव जितेंद्र कुमार ने किया।
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धरने को संबोधित करते हुए संघ के राज्य मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण, राज्य उपप्रधान राजेश कुमार बागड़ी, राज्य कमेटी सदस्य बिशन सिंह, जिला प्रधान सोहनलाल और जिला सचिव बंटी बेदी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सफाई, सीवर, फायर और कार्यालय कर्मचारियों की मांगों को लेकर लगातार वादाखिलाफी और भेदभाव कर रही है। इसी कारण कर्मचारियों को बार-बार आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
छह घंटे चली थी सरकार और संघ के बीच बैठक
राज्य मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण ने बताया कि 13 मई को हरियाणा भवन, चंडीगढ़ में विभागीय मंत्री विपुल गोयल और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर की मौजूदगी में सरकार और नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य कमेटी के बीच करीब छह घंटे बैठक हुई थी। बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। सरकार की ओर से 20 जून तक संबंधित मांगों पर परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों से संबंधित आदेश जारी नहीं किए गए।
13 हजार कर्मचारियों को पक्का करने का था आश्वासन
शिवचरण ने कहा कि 13 मई के समझौते में प्रदेश के करीब 13 हजार कच्चे सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद सरकार अपने वादे से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में कर्मचारियों के आंदोलन के दबाव में पे-रोल कर्मचारियों को पक्का करने का पत्र जारी किया गया था लेकिन सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों की समस्याओं का अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को कर्मचारी सरकार की दलित, सफाई और सीवरमैन कर्मचारी विरोधी नीतियों पर मंथन करेंगे और आगामी आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।