{"_id":"69824ea7b3f4a0898e07c998","slug":"organizations-protested-against-the-non-validation-of-passes-in-private-buses-jind-news-c-199-1-jnd1010-147959-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: निजी बसों में पास मान्य न होने पर संगठनों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: निजी बसों में पास मान्य न होने पर संगठनों ने किया प्रदर्शन
Wed, 04 Feb 2026 01:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 04 Feb 2026 01:08 AM IST
विज्ञापन
03जेएनडी21: लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे छात्र संगठन के सदस्य व सीटू नेता। संवाद
जींद। जिले के विभिन्न रूटों पर निजी बसों की बढ़ती संख्या और उनमें बस पास मान्य न किए जाने के विरोध में मंगलवार को छात्र संगठनों, कर्मचारी यूनियनों और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
सीटू राज्य सचिव नरेश, कपूर, सतबीर, नूतन और अन्य नेताओं ने कहा कि हरियाणा में बस पास की सुविधा के कारण ही शिक्षण संस्थानों में बेटियों की संख्या बढ़ी है लेकिन अब निजी बस संचालक इन पासों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। असंध, बरवाला, गोहाना, हांसी और नरवाना जैसे लोकल रूटों पर रोडवेज बसों की कमी और निजी बसों के वर्चस्व के कारण विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन भारी परेशानी झेल रहे हैं।
छात्रा अंजलि ने कहा कि बरवाला रूट पर एक भी सरकारी बस नहीं है। निजी बस संचालक न केवल पास मानने से इनकार करते हैं बल्कि छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार भी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर रोडवेज का निजीकरण कर निजी बसों को बढ़ावा दे रही है।
विज्ञापन
उन्होंने मांग कि सभी प्राइवेट और एसी बसों में हर श्रेणी के बस पास लागू किए जाएं। सभी लोकल रूटों (बरवाला, असंध, गोहाना) पर पर्याप्त सरकारी बसों का प्रबंध हो। विद्यार्थियों के लिए सुबह और छुट्टी के समय विशेष बसें चलाई जाएं और दिव्यांगजनों के लिए 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर पूर्ण किराया माफ किया जाए।
रिटायर्ड कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष विक्रम ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की तो विद्यार्थी और आम नागरिक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
सीटू राज्य सचिव नरेश, कपूर, सतबीर, नूतन और अन्य नेताओं ने कहा कि हरियाणा में बस पास की सुविधा के कारण ही शिक्षण संस्थानों में बेटियों की संख्या बढ़ी है लेकिन अब निजी बस संचालक इन पासों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। असंध, बरवाला, गोहाना, हांसी और नरवाना जैसे लोकल रूटों पर रोडवेज बसों की कमी और निजी बसों के वर्चस्व के कारण विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन भारी परेशानी झेल रहे हैं।
विज्ञापन
छात्रा अंजलि ने कहा कि बरवाला रूट पर एक भी सरकारी बस नहीं है। निजी बस संचालक न केवल पास मानने से इनकार करते हैं बल्कि छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार भी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर रोडवेज का निजीकरण कर निजी बसों को बढ़ावा दे रही है।
विज्ञापन
उन्होंने मांग कि सभी प्राइवेट और एसी बसों में हर श्रेणी के बस पास लागू किए जाएं। सभी लोकल रूटों (बरवाला, असंध, गोहाना) पर पर्याप्त सरकारी बसों का प्रबंध हो। विद्यार्थियों के लिए सुबह और छुट्टी के समय विशेष बसें चलाई जाएं और दिव्यांगजनों के लिए 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर पूर्ण किराया माफ किया जाए।
रिटायर्ड कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष विक्रम ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की तो विद्यार्थी और आम नागरिक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।