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Jind News: निडाना और ललितखेड़ा को जुलाना उपमंडल में शामिल करने का विरोध
Sun, 14 Apr 2024 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 14 Apr 2024 01:17 AM IST
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13जेएनडी01: जुलाना तहसील में शामिल करने पर धरना देते निडाना व ललितखेड़ा के ग्रामीण। संवाद
जींद। गांवों को जुलाना उपमंडल में शामिल करने के रोष स्वरूप निडाना और ललितखेड़ा गांव के लोगों ने शनिवार को रोष जताया और 152 डी के पुल के नीचे गोहाना रोड पर धरना शुरू कर दिया।
धरना देने वाले ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव बहुत पुराने हैं और उनकी तहसील जींद लगती है। पिछले चार-पांच महीने से उनकी तहसील जुलाना बना दी गई है, जोकि सही नहीं है। इसके लिए वह पहले भी जिला प्रशासन से मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनावाई नहीं हो रही है। ललितखेड़ा गांव के सरपंच जोगेंद्र कुमार व ब्लॉक समिति प्रतिनिधि सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पांच महीने से उन्होंने जींद प्रशासन के माध्यम से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचने का प्रयास किया है। निडाना व ललितखेड़ा गांव को जींद उपमंडल में ही रहने दिया जाए। बाकायदा इसे लेकर जुलाना के विधायक अमरजीत ढांडा से भी कहा गया था। उन्होंने विधानसभा में आवाज भी उठाई थी, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। यदि प्रशासन व सरकार इस तरफ ध्यान नहीं देती है तो दोनों ग्राम पंचायत जल्द ही सख्त फैसला लेंगी।
अनिल नंबरदार, अजमेर पहलवान, विजेंद्र पहलवान ने बताया कि यदि उनकी तहसील जुलाना बनाई गई तो यहां रह रहे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पडेगा, क्योंकि जुलाना की दूरी अधिक है, जबकि जींद नजदीक है। इस अवसर पर राममेहर मलिक नंबरदार, कुलबीर मलिक, भूपेंद्र मलिक, पूर्व सरपंच सतीश कुमार व ग्रामीण मौजूद रहे।
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चुनाव के बहिष्कार का लिया फैसला
ग्रामीणों ने कहा जब वह शांतिपूर्वक अपनी मांग रख रहे थे तो किसी भी अधिकारी या सरकार के नुमाइंदे ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। अब मजबूरी में उनको धरना शुरू करना पड़ रहा है। यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं। प्रतिदिन धरने पर लोगों की संख्या बढ़ाई जाएगी और अन्य संगठनों से भी सहयोग मांगा जाएगा।
जुलाना उपमंडल में जोड़े गए हैं 11 गांव
जुलाना उपमंडल बनाने के दौरान जींद तहसील के 11 गांवों को जुलाना उपमंडल में जोड़ा गया है। इनमें बराड़ खेड़ा, किनाना, शामलाे कलां, शामलो खुर्द, रामकली, खेमाखेड़ी, पड़ाना, ढिगाना, भैरो खेड़ा, निडाना और ललितखेड़ा शामिल हैं।
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धरना देने वाले ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव बहुत पुराने हैं और उनकी तहसील जींद लगती है। पिछले चार-पांच महीने से उनकी तहसील जुलाना बना दी गई है, जोकि सही नहीं है। इसके लिए वह पहले भी जिला प्रशासन से मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनावाई नहीं हो रही है। ललितखेड़ा गांव के सरपंच जोगेंद्र कुमार व ब्लॉक समिति प्रतिनिधि सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पांच महीने से उन्होंने जींद प्रशासन के माध्यम से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचने का प्रयास किया है। निडाना व ललितखेड़ा गांव को जींद उपमंडल में ही रहने दिया जाए। बाकायदा इसे लेकर जुलाना के विधायक अमरजीत ढांडा से भी कहा गया था। उन्होंने विधानसभा में आवाज भी उठाई थी, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। यदि प्रशासन व सरकार इस तरफ ध्यान नहीं देती है तो दोनों ग्राम पंचायत जल्द ही सख्त फैसला लेंगी।
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अनिल नंबरदार, अजमेर पहलवान, विजेंद्र पहलवान ने बताया कि यदि उनकी तहसील जुलाना बनाई गई तो यहां रह रहे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पडेगा, क्योंकि जुलाना की दूरी अधिक है, जबकि जींद नजदीक है। इस अवसर पर राममेहर मलिक नंबरदार, कुलबीर मलिक, भूपेंद्र मलिक, पूर्व सरपंच सतीश कुमार व ग्रामीण मौजूद रहे।
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चुनाव के बहिष्कार का लिया फैसला
ग्रामीणों ने कहा जब वह शांतिपूर्वक अपनी मांग रख रहे थे तो किसी भी अधिकारी या सरकार के नुमाइंदे ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। अब मजबूरी में उनको धरना शुरू करना पड़ रहा है। यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं। प्रतिदिन धरने पर लोगों की संख्या बढ़ाई जाएगी और अन्य संगठनों से भी सहयोग मांगा जाएगा।
जुलाना उपमंडल में जोड़े गए हैं 11 गांव
जुलाना उपमंडल बनाने के दौरान जींद तहसील के 11 गांवों को जुलाना उपमंडल में जोड़ा गया है। इनमें बराड़ खेड़ा, किनाना, शामलाे कलां, शामलो खुर्द, रामकली, खेमाखेड़ी, पड़ाना, ढिगाना, भैरो खेड़ा, निडाना और ललितखेड़ा शामिल हैं।

13जेएनडी01: जुलाना तहसील में शामिल करने पर धरना देते निडाना व ललितखेड़ा के ग्रामीण। संवाद