फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   One thousand rupees per acre will be made for making straw knot in paddy field with machine

मशीन से धान के खेत में पराली की गांठ बनाने पर प्रति एकड़ मिलेंगे एक हजार रुपये

Wed, 21 Oct 2020 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2020 11:48 PM IST
विज्ञापन
One thousand rupees per acre will be made for making straw knot in paddy field with machine
किसानों को मशीनों के बारे में जानकारी देते कृषि अधिकारी। - फोटो : Jind
जो किसान स्ट्रॉ बेलर मशीन से पराली की गांठ बनाएंगे उनको प्रति एकड़ एक हजार रुपये या प्रति क्विंटल 50 रुपये मिलेंगे। रिवर्सिबल प्लो, रोटावेटर, स्ट्रॉ चोपर, मल्चर, सुपर सीडर व जीरो टिलेज मशीनों का इस्तेमाल कर पराली को खेत की मिट्टी में मिलाकर जमीन के पोषक तत्व को बढ़ाया जा सकता है। इससे किसानों को रसायन खाद की खरीद पर किए जाने वाले खर्च को कम किया जा सकता है। यह बात डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने किसानों से कही।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि इससे एक तो किसान के पैसे की बचत होगी, वहीं दूसरी तरफ पराली जलाने वाली घटनाओं को रोका जा सकेगा। इससे पर्यावरण को दूषित होने से बचाया जा सकेगा। किसान गांव में 80 प्रतिशत तक के अनुदान पर स्थापित कस्टम हायरिंग सेंटरों से इन मशीनों को किराए पर लेकर अपने खेत में कार्य करवा सकते हैं। भारत सरकार द्वारा बनाए गए एप फार्म पर अपने नजदीक सीएचसीएस को सर्च करके मशीन प्राप्त कर सकते हैं। प्रति एकड़ एक हजार रुपये लेने वाले किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। इसके बाद कृषि कार्यालय में आवेदन करना होगा। सहायक कृषि अभियंता विजय कुमार कुंडू ने बताया कि जो मशीनें किसानों ने खरीदी हैं, उन पर अनुदान प्राप्त करने के लिए इन मशीनों के बिल 25 अक्तूबर तक कृषि विभाग की साइट पर अपलोड करने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed