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इंसान को जीवन में संतुष्ट रहना चाहिए : मुकेश मुनि
Sun, 01 Mar 2026 12:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 01 Mar 2026 12:48 AM IST
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28जेएनडी23: प्रवचन सुनने पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत श्रद्धालु
जींद। संघ संचालक गुरुदेव नरेश चंद्र महाराज के आज्ञानुवर्ती प्रवचन प्रभावक मुकेश मुनि महाराज ठाणे-3 श्री एसएस जैन सभा स्थानक उचाना मंडी में विराजमान हैं। उचाना में गुरु सुदर्शन का आशीर्वाद बरसेगा। मुकेश मुनि होली के पर्व पर शांति की राह पर कैसे जाएं के बारे में श्रद्धालुओं को बताएंगे। मुकेश मुनि ने कहा कि इंसान को जीवन में संतुष्ट रहना चाहिए।
डिक्सनरी में हजारों शब्द होते है उन शब्दों के पीछे मानव समाज में मतभेद हो सकते है लेकिन एक शब्द ऐसा है जिसके संबंध में किसी के दो मत नहीं हो सकते। वह शब्द है शांति। गुलाब की सुवास में, शंकर की मिठास में और नमक की खरास में किसी को मतभेद नहीं है। एक वृद्ध से पूछेंगे तो गुलाब से सुवास उसे भी प्रिय लगेगी, युवक एवं बालक भी ये ही बताएंगे।
सुख के लिए मानव के लिए लाखों रुपये एकत्रित किए, महल बनवाए, संघर्ष भी किया लेकिन सोचना यह है कि सुख प्रयत्नों में उसे सफलता कितनी मिली। इस उत्तर के लिए एक करोड़ प्रति के पास जाए जिसके महल आसमान से टकरा रहे है जिनकी कोठियों के सामने चार-चार गाड़ी खड़ी है, उनसे पूछे कि आप कैसे हो आपको उत्तर मिलेगा बाहर से अच्छे है किंतु अंदर तो होली जल रही है।
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इंसान को जीवन में संतुष्ट रहना चाहिए। जिससे उसका एवं उसके परिवार का पूरा जीवन सुखमय होगा। इस मौके पर अचल मुनि महाराज के सुशिष्य शीतल मुनि महाराज, अखिल मुनि महाराज, दयानंद जैन, होशियारी जैन, राजेश जैन, विजय जैन, विजय बड़ौदा, बजरंग जैन, सतीश जैन मौजूद रहे।
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डिक्सनरी में हजारों शब्द होते है उन शब्दों के पीछे मानव समाज में मतभेद हो सकते है लेकिन एक शब्द ऐसा है जिसके संबंध में किसी के दो मत नहीं हो सकते। वह शब्द है शांति। गुलाब की सुवास में, शंकर की मिठास में और नमक की खरास में किसी को मतभेद नहीं है। एक वृद्ध से पूछेंगे तो गुलाब से सुवास उसे भी प्रिय लगेगी, युवक एवं बालक भी ये ही बताएंगे।
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सुख के लिए मानव के लिए लाखों रुपये एकत्रित किए, महल बनवाए, संघर्ष भी किया लेकिन सोचना यह है कि सुख प्रयत्नों में उसे सफलता कितनी मिली। इस उत्तर के लिए एक करोड़ प्रति के पास जाए जिसके महल आसमान से टकरा रहे है जिनकी कोठियों के सामने चार-चार गाड़ी खड़ी है, उनसे पूछे कि आप कैसे हो आपको उत्तर मिलेगा बाहर से अच्छे है किंतु अंदर तो होली जल रही है।
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इंसान को जीवन में संतुष्ट रहना चाहिए। जिससे उसका एवं उसके परिवार का पूरा जीवन सुखमय होगा। इस मौके पर अचल मुनि महाराज के सुशिष्य शीतल मुनि महाराज, अखिल मुनि महाराज, दयानंद जैन, होशियारी जैन, राजेश जैन, विजय जैन, विजय बड़ौदा, बजरंग जैन, सतीश जैन मौजूद रहे।