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Jind News: नर्मदा परिक्रमा के उपलक्ष्य में डेरा ज्वालमाला में लगाया भंडारा
Fri, 14 Nov 2025 01:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 14 Nov 2025 01:18 AM IST
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13जेएनडी09 :नर्मदा कर लौटे डेरा ज्वालमाला के महंत स्वामी सदानंद का फूल मालाओं स्वागत करते श्रद्
- फोटो : पीड़ित परिजनों का हाल जानते प्रभारी मंत्री व विधायक।
जींद। शहर के रुपया चौक के निकट स्थित डेरा ज्वालमाला के महंत स्वामी सदानंद ने करीब एक माह की नर्मदा परिक्रमा, ओंकारेश्वर परिक्रमा, गिरिराज परिक्रमा और वृंदावन परिक्रमा पर भंडारे का आयोजन किया। उनके द्वारा डेरा ज्वालमाला में आयोजित कार्यक्रम में अनेक साधुओं ने शिरकत कर पूजन किया।
पूजन के बाद सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और मौजूद लोगों ने साधु संतों का आर्शीवाद लिया। इस मौके पर पहुंचे अखिल भारतीय घीसा संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व निर्जन, पांडू पिंडारा गद्दी के महंत स्वामी राघवानंद ने बताया कि नर्मदा परिक्रमा का आध्यात्मिक महत्व है कि यह जन्म जन्मांतर के पापों को नष्ट करती है, मोक्ष की प्राप्ति में मदद करती है और आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।
यह एकमात्र नदी है जिसकी परिक्रमा की जाती है और इसे भक्ति और शुद्धि की यात्रा माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह माना जाता है कि नर्मदा परिक्रमा करने से व्यक्ति के पाप नष्ट हो जाते हैं। इस अवसर पर अशोक छाबड़ा, योगेन्द्र, स्वामी सरोजांनद, श्यामानंद महाराज, गोविंद सैनी, विनोद सैनी, सतबीर सैनी और जसवंत सैनी मौजूद रहे।
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पूजन के बाद सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और मौजूद लोगों ने साधु संतों का आर्शीवाद लिया। इस मौके पर पहुंचे अखिल भारतीय घीसा संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व निर्जन, पांडू पिंडारा गद्दी के महंत स्वामी राघवानंद ने बताया कि नर्मदा परिक्रमा का आध्यात्मिक महत्व है कि यह जन्म जन्मांतर के पापों को नष्ट करती है, मोक्ष की प्राप्ति में मदद करती है और आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।
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यह एकमात्र नदी है जिसकी परिक्रमा की जाती है और इसे भक्ति और शुद्धि की यात्रा माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह माना जाता है कि नर्मदा परिक्रमा करने से व्यक्ति के पाप नष्ट हो जाते हैं। इस अवसर पर अशोक छाबड़ा, योगेन्द्र, स्वामी सरोजांनद, श्यामानंद महाराज, गोविंद सैनी, विनोद सैनी, सतबीर सैनी और जसवंत सैनी मौजूद रहे।
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