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Jind News: महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक, मांगी मन्नतें
Wed, 26 Feb 2025 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 26 Feb 2025 11:57 PM IST
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26जेएनडी10: सफीदों रोड स्थित हनुमान मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। सं
जींद। जिलेभर में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा से मनाया गया। अलसुबह से ही शहर के मंदिरों व शिवालयों में श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो गए और देखते ही देखते लंबी कतार लग गई। श्रद्धालु मंदिर में भोले बाबा के पूरा दिन जयकारे लगाते रहे तो कुछ शिवभक्तों ने गोमुख और हरिद्वार से कांवड़ लाकर पवित्र गंगा जल से शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक कर सुखद जीवन की कामना की। महाशिवरात्रि पर मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
जयंती देवी मंदिर में हुआ रुद्राभिषेक : जयंती देवी मंदिर रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। श्रद्धालुओं ने ओम नम: शिवाय व महामृत्युंजय मंत्र से पंचामृत, बेलपत्र, आक, धतूरा, फल व मिष्ठान से पूजन किया। इस दिन कि मान्यता यह है कि भगवन शिव सरल उपासना से ही प्रसन्न हो जाते हैं और हर असंभव को भी संभव बना देने की शक्ति पा लेते हैं। इस दिन पूजन करने से हम अपने कष्टों को दूर करके व सभी मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकते हैं।
प्राचीन भूतेश्वर मंदिर सफीदों गेट के पुजारी मुकेश शांडिल्य ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर्व पर श्रवण नक्षत्र, बुधादित्य, त्रिग्रही योग का निर्माण हुआ। इन तीनों योगों का एक ही दिन पर बनना अद्भुत संयोग रह। महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। महाशिव व्रत कल्याणकारी मनोरथों को पूर्ण करने वाले, आरोग्य देने वाले व मोक्ष का दाता हैं।
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जयंती देवी मंदिर में हुआ रुद्राभिषेक : जयंती देवी मंदिर रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। श्रद्धालुओं ने ओम नम: शिवाय व महामृत्युंजय मंत्र से पंचामृत, बेलपत्र, आक, धतूरा, फल व मिष्ठान से पूजन किया। इस दिन कि मान्यता यह है कि भगवन शिव सरल उपासना से ही प्रसन्न हो जाते हैं और हर असंभव को भी संभव बना देने की शक्ति पा लेते हैं। इस दिन पूजन करने से हम अपने कष्टों को दूर करके व सभी मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकते हैं।
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प्राचीन भूतेश्वर मंदिर सफीदों गेट के पुजारी मुकेश शांडिल्य ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर्व पर श्रवण नक्षत्र, बुधादित्य, त्रिग्रही योग का निर्माण हुआ। इन तीनों योगों का एक ही दिन पर बनना अद्भुत संयोग रह। महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। महाशिव व्रत कल्याणकारी मनोरथों को पूर्ण करने वाले, आरोग्य देने वाले व मोक्ष का दाता हैं।

26जेएनडी10: सफीदों रोड स्थित हनुमान मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। सं

26जेएनडी10: सफीदों रोड स्थित हनुमान मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। सं

26जेएनडी10: सफीदों रोड स्थित हनुमान मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। सं

26जेएनडी10: सफीदों रोड स्थित हनुमान मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। सं

26जेएनडी10: सफीदों रोड स्थित हनुमान मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। सं
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