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Jind News: पुराने शेड तोड़े, अब ठिठुर रहे मुसाफिर
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28जेएनडी04-खुले आसमान में बैठकर ट्रेन के इंतजार करते हुए यात्री। संवाद
जींद। रेलवे जहां यात्रियों को सुविधा देने के दावा कर रहा है, वहीं जींद रेलवे स्टेशन पर यह दावे हवा-हवाई दिखाई दे रहे हैं। स्टेशन पर रेलवे ने पुराने शेड तोड़ दिए हैं। यात्रियों के बैठने के लिए जगह नहीं है। लोग सर्द रात में खुले आसमान के नीचे ट्रेनों की राह देख रहे हैं।
यात्री अब अपनी पीड़ा किसके सामने बताएं। स्टेशन पर फिलहाल यात्रियों को बैठने के लिए जगह नहीं बची है। दिन में यात्री धूप में खड़े रहते हैं और रात को खुले आसमान में बैठकर ट्रेनों का इंतजार करते हैं। हालांकि अभी स्टेशन की बिल्डिंग तैयार होने में छह महीने से ज्यादा समय लगेगा। इसके अलावा नए शेड भी तैयार नहीं किए गए हैं, लेकिन पुराने शेड को तोड़ दिया है, जिससे बैठने के लिए जगह नहीं बची है।
अब यात्रियों को सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे ही समय गुजारना पड़ेगा। दिल्ली की तरफ से शाम को आने वाली ट्रेनें दो-तीन घंटे की देरी से जींद पहुंची। हालांकि, पिछले कई दिनों से ये ट्रेन देरी से चल रही है, जबकि शकूरबस्ती में चल रहा कार्य भी पूरा हो गया था लेकिन फिर भी इन ट्रेनों को दिल्ली स्टेशन से ही देरी से चलाया जा रहा है। ट्रेनों के देरी से आने के कारण यात्री इंतजार में ठिठुरते रहे। यात्रियों ने मांग उठाई है कि सर्दी से बचाव के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए। वहीं, दिल्ली में देरी से चलाई जा रही ट्रेनों को समय पर चलाया जाए, जिससे यात्रियों को खुले आसमान के नीचे ट्रेनों का इंतजार न करना पड़े।
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यात्री अब अपनी पीड़ा किसके सामने बताएं। स्टेशन पर फिलहाल यात्रियों को बैठने के लिए जगह नहीं बची है। दिन में यात्री धूप में खड़े रहते हैं और रात को खुले आसमान में बैठकर ट्रेनों का इंतजार करते हैं। हालांकि अभी स्टेशन की बिल्डिंग तैयार होने में छह महीने से ज्यादा समय लगेगा। इसके अलावा नए शेड भी तैयार नहीं किए गए हैं, लेकिन पुराने शेड को तोड़ दिया है, जिससे बैठने के लिए जगह नहीं बची है।
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अब यात्रियों को सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे ही समय गुजारना पड़ेगा। दिल्ली की तरफ से शाम को आने वाली ट्रेनें दो-तीन घंटे की देरी से जींद पहुंची। हालांकि, पिछले कई दिनों से ये ट्रेन देरी से चल रही है, जबकि शकूरबस्ती में चल रहा कार्य भी पूरा हो गया था लेकिन फिर भी इन ट्रेनों को दिल्ली स्टेशन से ही देरी से चलाया जा रहा है। ट्रेनों के देरी से आने के कारण यात्री इंतजार में ठिठुरते रहे। यात्रियों ने मांग उठाई है कि सर्दी से बचाव के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए। वहीं, दिल्ली में देरी से चलाई जा रही ट्रेनों को समय पर चलाया जाए, जिससे यात्रियों को खुले आसमान के नीचे ट्रेनों का इंतजार न करना पड़े।
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