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जांच में फजीहत के बाद अधिकारी हुए सक्रिय
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शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर बुधवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग की टीम द्वारा जांच में फजीहत के बाद अधिकारियों की नींद टूटी है। अब ठेकेदार को नोटिस भेज कर कूड़ा केंद्रों से उठान, कूड़े की छंटाई व घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए आदेश दिए गए हैं। इन सभी बिंदुओं को लेकर जांच टीम ने बुधवार को नाराजगी जताई थी।
इसको लेकर नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज द्वारा ठेकेदार को पत्र लिखा गया है। इसमें आदेश दिए गए हैं कि कूड़े का पूरा निस्तारण राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुसार किया जाए। इसके तहत घरों से कूड़ा उठाने, गीले व सूखे कूड़े की अलग-अलग छंटाई कर इससे खाद तैयार करने, शहर में कूड़ा डालने के लिए चिह्नित किए गए स्थानों से नियमित तौर पर कूड़ा उठान किया जाए। इसको लेकर अधिकारी अब सख्त हो चले हैं। बुधवार को विभाग की टीम ने अंबाला नगर निगम के चीफ इंजीनियर महिपाल के नेतृत्व में शहर की सफाई व्यवस्था को जांचा था। इस दौरान शहर के लोगों से भी फीडबैक लिया गया। सड़कों की जांच व लोगों के फीडबैक दोनों ही जगहों पर प्रशासन पर सफाई नहीं करने के आरोप लगए। यहां टीम को जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे मिले। इसके अलावा गीले-सूखे कूड़े की छंटनी का भी कोई प्रबंध नगर परिषद द्वारा नहीं किया गया। ऐसे में मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने नोटिस जारी किया है।
की गई है व्यवस्था, फिर भी नहीं हो रही प्रक्रिया
दरअसल नगरपरिषद द्वारा गुरुद्वारा के पास सैनिटेशन पार्क का निर्माण किया गया है। यहां अलग-अलग पिट बनाकर सूखे व गीले कूड़े से खाद बनाने की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद यह प्रक्रिया नहीं हो रही है। ऐसे में जांच अधिकारियों ने काफी नाराजगी जताई और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने की बात कही है।
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ठेकेदार की काटी जाएगी राशि
नगर परिषद द्वारा लिखे गए पत्र में ठेकेदार को कहा गया है कि सैनिटेशन पार्क में पिट पर कूड़ा कर्कट की छंटनी सही नहीं मिली। पिट के अंदर खाद बनवाने का काम पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में पिट के अंदर खाद बनाना सुनिश्चित किया जाए। कूड़े की छंटाई सही प्रकार नहीं होने पर राशि काटने की बात कही गई है। इसके अलावा ठेकेदार को लिखा गया है कि घर-घर से कूड़ा लेकर आने वाले वाहनों में गीला व सूखा कूड़ा के लिए व्यवस्था करवाएं। इन गाड़ियों पर दो सफाई कर्मी हों, जो गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग सुनिश्चित करें। प्रत्येक गाड़ी में जीपीएस लगें जिन्हें मुख्य सफाई निरीक्षक और सफाई निरीक्षक के मोबाइल से जोड़ा जाए ताकि प्रतिदिन की रिपोर्ट कूड़ा लेकर तोल करने से पहले देखी जा सके। गाड़ी कितना वजन कूड़ा लेकर तोल करने पहुंची है उसका पूरा लेखा-जोखा बिल के साथ जोड़कर उपलब्ध करवाएं। बायो मेडिकल कूड़ा घरों से अलग पीला बैग लगाकर उसका इकट्ठा करना सुनिश्चित करें। प्रति माह कितना कूड़ा इकट्ठा किया जाता है, उसकी रिपोर्ट प्रतिमाह सफाई शाखा को दी जाए। एनजीटी शर्तों को नहीं मानने पर बिल से राशि काटी जाएगी। साथ ही यदि यह प्रक्रिया सात दिन में शुरू नहीं की गई तो ठेका भी रद्द किया जा सकता है।
पशु डेयरी वाले को नोटिस
पटियाला चौक पर संत नगर में एक पशु डेयरी वाले को सीवर लाइन में गोबर डालने पर मुख्य सफाई निरीक्षक ने नोटिस भेजा है। जिसमें लिखा गया है कि डेयरी संचालक द्वारा खाली प्लॉट में गोबर डालकर व सीवर लाइन में बहाकर सीवर लाइन को ब्लाक किया जा रहा है। इससे आमजन को परेशानी हो रही है। खाली प्लाट से जल्द गोबर उठवाएं और सीवर लाइन में गोबर डालना बंद करें। आदेशों की पालना नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की पालना करने के दिए हैं निर्देश
मुख्यालय द्वारा भेजी गई टीम ने जांच की थी। इस दौरान कुछ ऐसे महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए, जिनको लेकर ठेकेदार को नोटिस भेजा गया है। यह काम ठेकेदार सुनिश्चित नहीं करेगा तो टेंडर रद्द किया जाएगा।
-मोहन भारद्वाज, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, नगर परिषद, जींद।
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इसको लेकर नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज द्वारा ठेकेदार को पत्र लिखा गया है। इसमें आदेश दिए गए हैं कि कूड़े का पूरा निस्तारण राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुसार किया जाए। इसके तहत घरों से कूड़ा उठाने, गीले व सूखे कूड़े की अलग-अलग छंटाई कर इससे खाद तैयार करने, शहर में कूड़ा डालने के लिए चिह्नित किए गए स्थानों से नियमित तौर पर कूड़ा उठान किया जाए। इसको लेकर अधिकारी अब सख्त हो चले हैं। बुधवार को विभाग की टीम ने अंबाला नगर निगम के चीफ इंजीनियर महिपाल के नेतृत्व में शहर की सफाई व्यवस्था को जांचा था। इस दौरान शहर के लोगों से भी फीडबैक लिया गया। सड़कों की जांच व लोगों के फीडबैक दोनों ही जगहों पर प्रशासन पर सफाई नहीं करने के आरोप लगए। यहां टीम को जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे मिले। इसके अलावा गीले-सूखे कूड़े की छंटनी का भी कोई प्रबंध नगर परिषद द्वारा नहीं किया गया। ऐसे में मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने नोटिस जारी किया है।
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की गई है व्यवस्था, फिर भी नहीं हो रही प्रक्रिया
दरअसल नगरपरिषद द्वारा गुरुद्वारा के पास सैनिटेशन पार्क का निर्माण किया गया है। यहां अलग-अलग पिट बनाकर सूखे व गीले कूड़े से खाद बनाने की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद यह प्रक्रिया नहीं हो रही है। ऐसे में जांच अधिकारियों ने काफी नाराजगी जताई और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने की बात कही है।
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ठेकेदार की काटी जाएगी राशि
नगर परिषद द्वारा लिखे गए पत्र में ठेकेदार को कहा गया है कि सैनिटेशन पार्क में पिट पर कूड़ा कर्कट की छंटनी सही नहीं मिली। पिट के अंदर खाद बनवाने का काम पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में पिट के अंदर खाद बनाना सुनिश्चित किया जाए। कूड़े की छंटाई सही प्रकार नहीं होने पर राशि काटने की बात कही गई है। इसके अलावा ठेकेदार को लिखा गया है कि घर-घर से कूड़ा लेकर आने वाले वाहनों में गीला व सूखा कूड़ा के लिए व्यवस्था करवाएं। इन गाड़ियों पर दो सफाई कर्मी हों, जो गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग सुनिश्चित करें। प्रत्येक गाड़ी में जीपीएस लगें जिन्हें मुख्य सफाई निरीक्षक और सफाई निरीक्षक के मोबाइल से जोड़ा जाए ताकि प्रतिदिन की रिपोर्ट कूड़ा लेकर तोल करने से पहले देखी जा सके। गाड़ी कितना वजन कूड़ा लेकर तोल करने पहुंची है उसका पूरा लेखा-जोखा बिल के साथ जोड़कर उपलब्ध करवाएं। बायो मेडिकल कूड़ा घरों से अलग पीला बैग लगाकर उसका इकट्ठा करना सुनिश्चित करें। प्रति माह कितना कूड़ा इकट्ठा किया जाता है, उसकी रिपोर्ट प्रतिमाह सफाई शाखा को दी जाए। एनजीटी शर्तों को नहीं मानने पर बिल से राशि काटी जाएगी। साथ ही यदि यह प्रक्रिया सात दिन में शुरू नहीं की गई तो ठेका भी रद्द किया जा सकता है।
पशु डेयरी वाले को नोटिस
पटियाला चौक पर संत नगर में एक पशु डेयरी वाले को सीवर लाइन में गोबर डालने पर मुख्य सफाई निरीक्षक ने नोटिस भेजा है। जिसमें लिखा गया है कि डेयरी संचालक द्वारा खाली प्लॉट में गोबर डालकर व सीवर लाइन में बहाकर सीवर लाइन को ब्लाक किया जा रहा है। इससे आमजन को परेशानी हो रही है। खाली प्लाट से जल्द गोबर उठवाएं और सीवर लाइन में गोबर डालना बंद करें। आदेशों की पालना नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की पालना करने के दिए हैं निर्देश
मुख्यालय द्वारा भेजी गई टीम ने जांच की थी। इस दौरान कुछ ऐसे महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए, जिनको लेकर ठेकेदार को नोटिस भेजा गया है। यह काम ठेकेदार सुनिश्चित नहीं करेगा तो टेंडर रद्द किया जाएगा।
-मोहन भारद्वाज, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, नगर परिषद, जींद।