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वाहन चलाने से पहले लाइसेंस बनवाना अनिवार्य : डीएसपी संदीप

Thu, 21 May 2026 12:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2026 12:45 AM IST
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Obtaining a License Before Driving is Mandatory: DSP Sandeep
20जेएनडी03: मोतीलाल स्कूल में अमर उजाला की पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में नशा नहीं करने, याताया
जींद। डीएसपी संदीप सिंह ने कहा कि जिस भी बच्चे की उम्र 18 साल पूरी हो जाए। उसे उसी दिन ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर देना चाहिए। वाहन चलाने से पहले लाइसेंस बनवाना अनिवार्य है। लाइसेंस बनने के बाद ही वाहन चलाएं। बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर यदि कोई दुर्घटना होती है तो कानून के तहत सजा का प्रावधान है
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वाहन चालक को वाहन चलाने के नियमों का पालना करनी चाहिए। बाइक पर हेलमेट पहने। गाड़ी में सीट बेल्ट लगाएं। मोड़ पर डीपर का प्रयोग करें ताकि हादसे से बचा जा सके।
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साइबर थाना प्रभारी जगदीप ने बताया कि सोशल मीडिया पर लोगों को ज्यादा कमाई का लालच देकर ठगी की जा रही है। अनजान लिंक या एपीके फाइल न खोलें।
नशा मुक्ति टीम के इंचार्ज नरेश ढांडा ने कहा कि आज युवा गलत संगत के कारण नशे की चपेट में आ रहे हैं। शुरुआत शौक से होती है, जो बाद में आदत बन जाती है। इंजेक्शन से नशे के कारण युवा और परिवार बर्बाद हो रहे हैं। नशा बेचने वालों व करने वालों की पहचान कर पुलिस को सूचना दें। पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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मोतीलाल स्कूल के प्राचार्य रविंद्र ने कहा कि अमर उजाला द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला बच्चों का भविष्य तय करती है। इसमें आजीवन के लिए सीख दी जाती है। इस पाठशाला में साइबर ठगी से बचने, नशे से दूर रहने व वाहन चलाने के लिए जरूरी जानकारी दी जाती है। जो बच्चों के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने अमर उजाला का आभार जताया कि इस जागरूकता के लिए उन्होंने उनके स्कूल को चुना।

पुलिस प्रशासन टीम के साथ सवाल जवाब

छात्रा अनुष्का : लाइसेंस क्यों जरूरी है?
जवाब :
किसी भी वाहन को चलाने के लिए लाइसेंस जरूरी होता है क्योंकि यह प्रमाण होता है कि चालक ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। वह सुरक्षित वाहन चलाने के योग्य है।
छात्रा परम : साइबर ठगी होने पर क्या करें?
जवाब : साइबर ठगी होने पर सबसे पहले 1930 नंबर डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं।
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छात्र यश : नशे की शिकायत करने पर पहचान उजागर होने का डर रहता है।
जवाब: पुलिस गुप्त सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखती है। शिकायत के बाद पुलिस जांच कर आरोपियों तक पहुंचती है। शिकायतकर्ता की सुरक्षा और पहचान को कोई खतरा नहीं।

छात्र सन्नी : कहीं हादसा हो जाए तो सबसे पहले क्या करें?
जवाब : यदि कहीं हादसा होता है तो सबसे पहले डायल 112 को सूचित करें। पुलिस तुरंत सहायता के लिए घटनास्थल पर पहुंच जाएगी।
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नशा, साइबर ठगी और यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक
शहर के अर्बन इस्टेट स्थित मोतीलाल स्कूल में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम कियागया। इसमें मुख्या अतिथि डीएसपी संदीप सिंह ने विद्यार्थियों को यातायात नियम, नशे से बचाव और साइबर ठगी से सुरक्षा के उपाय बताए। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल चेयरमैन संदीप दहिया व प्राचार्य रविंद्र सिंह ने की। सभी विद्यार्थियों को शपथ दिलवाई गई। इस अवसर पर कोऑर्डिनेटर सुरेंद्र सिंह, वीपी शर्मा एडमिस्ट्रेटर, पूजा अध्यापिका, पुलिस टीम से साइबर थाना प्रभारी जगदीप, नशा मुक्ति टीम इंचार्ज नरेश ढांडा, सिपाही पूनम व प्रदीप मौजूद रहे।

फोटो कैप्शन
मोतीलाल स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में नशा नहीं करने, यातायात नियमों का पालना करने व साइबर ठगों से बचने के लिए शपथ दिलवाती पुलिस टीम। संवाद
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