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गांवों में पराली जलाने वालों पर नजर रखें नंबरदार : मनीष फोगाट
Fri, 13 Oct 2023 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 13 Oct 2023 01:04 AM IST
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नंबरदारों के साथ बैठक करते एसडीएम मनीष कुमार फोगाट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सफीदों। सफीदों के एसडीएम मनीष कुमार फोगाट ने वीरवार को अपने कार्यालय में सफीदों विधानसभा क्षेत्र के नंबरदारों के साथ बैठक की और उन्हें गांवों में पराली न जलने देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने नंबरदारों को शपथ भी दिलवाई। उन्होंने नंबरदारों से कहा कि वे गांवों में पराली जलाने वालों पर नजर रखें और अगर कोई ऐसा करता है तो उसकी सूचना प्रशासन को दे।
नंबरदार गांवों में चौकीदारों से मुनादी भी करवाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को धान की फसल के अवशेष जलाना भारी पड़ सकता है, जिसके लिए सरकार के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पूरी तरह सख्त है। उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि संबंधित अधिकारी फसल अवशेष प्रबंधन बारे पूरी मॉनीटरिंग करते हुए फसल अवशेष जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने से फिजा भी जहरीली होती है, जिससे मानव व अन्य जीवों पर दुष्प्रभाव पड़ता है। किसान फसल अवशेषों का समुचित प्रबंधन करें और इसे पशुचारे के प्रयोग में भी लाया जा सकता है। फसल अवशेषों का समुचित प्रबंधन करने पर राज्य सरकार द्वारा किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
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उन्होंने बताया कि पराली की गांठ बनाने वाली स्ट्राबेलर की किसान बुकिंग करवाएं। मशीन की खरीद पर सरकार काफी रिआयत दे रही है। इस मौके पर नायब तहसीलदार रासविंद्र व बीडीपीओ राज सिंह मौजूद रहे।
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सफीदों। सफीदों के एसडीएम मनीष कुमार फोगाट ने वीरवार को अपने कार्यालय में सफीदों विधानसभा क्षेत्र के नंबरदारों के साथ बैठक की और उन्हें गांवों में पराली न जलने देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने नंबरदारों को शपथ भी दिलवाई। उन्होंने नंबरदारों से कहा कि वे गांवों में पराली जलाने वालों पर नजर रखें और अगर कोई ऐसा करता है तो उसकी सूचना प्रशासन को दे।
नंबरदार गांवों में चौकीदारों से मुनादी भी करवाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को धान की फसल के अवशेष जलाना भारी पड़ सकता है, जिसके लिए सरकार के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पूरी तरह सख्त है। उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि संबंधित अधिकारी फसल अवशेष प्रबंधन बारे पूरी मॉनीटरिंग करते हुए फसल अवशेष जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें।
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उन्होंने कहा कि पराली जलाने से फिजा भी जहरीली होती है, जिससे मानव व अन्य जीवों पर दुष्प्रभाव पड़ता है। किसान फसल अवशेषों का समुचित प्रबंधन करें और इसे पशुचारे के प्रयोग में भी लाया जा सकता है। फसल अवशेषों का समुचित प्रबंधन करने पर राज्य सरकार द्वारा किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
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उन्होंने बताया कि पराली की गांठ बनाने वाली स्ट्राबेलर की किसान बुकिंग करवाएं। मशीन की खरीद पर सरकार काफी रिआयत दे रही है। इस मौके पर नायब तहसीलदार रासविंद्र व बीडीपीओ राज सिंह मौजूद रहे।