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Jind News: अब टीबी संक्रमितों के परिजनाें की भी होगी जांच

Tue, 25 Nov 2025 11:44 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 25 Nov 2025 11:44 PM IST
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Now the family members of TB infected people will also be tested.
25जेएनडी19: जिला क्षय रोग केंद्र। संवाद
जींद। जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को तेज रफ्तार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब टीबी संक्रमितों के परिजनों की भी अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी ताकि संक्रमण को समय रहते रोका जा सके।
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जिले मेंलगभग 2000 टीबी के मरीज सक्रिय हैं। टीबी संक्रमण अक्सर लंबे समय तक एक ही वातावरण में रहने वाले लोगों में फैल सकता है। इस वजह से टीबी संक्रमितों के परिवार के हर सदस्यों को जांच की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
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टीबी मुक्त जिले का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बढ़ाई गई है। विभाग ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों और आशा वर्करों को निर्देश जारी किए हैं कि वह घर-घर जाकर मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान करें और उन्हें जांच करवाने के लिए प्रेरित करें।
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स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मरीजों की पहचान के लिए सक्रिय केस खोज अभियान को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत टीबी के लक्षण वाले लोगों की घर-घर स्क्रीनिंग की जाएगी। खांसी, बुखार, वजन कम होना, कमजोरी जैसे लक्षणों वाले लोगों के सैंपल लिए जाएंगे और उन्हें जिला अस्पताल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए भेजा जाएगा।
टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाएं
टीबी के मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। जिले के सभी ब्लॉकों में माइक्रोस्कोपी केंद्र व सीबी-नेट मशीनों के जरिए जांच की सुविधा उपलब्ध है। जांच के लिए टीमें बनाई गई हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में सैंपल एकत्रित करेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी उन्मूलन अभियान में सहयोग के लिए आम लोगों से भी अपील की है कि वह टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाएं और इलाज पूरा होने तक दवाओं का सेवन नियमित रूप से करते रहें।

वर्जन
टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभाग जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा ताकि लोगों में बीमारी को लेकर मौजूद भ्रांतियां दूर की जा सकें और अधिक से अधिक लोग जांच व उपचार प्रक्रिया से जुड़ सकें। अभी टीबी की पहचान करने के लिए मरीजों के परिजनों के सैंपल भी लिए जाएंगे। -डॉ. सुमन कोहली सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।
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