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दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के लिए अब मेडिकल रिपोर्ट लगाना जरूरी
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स्वास्थ्य अधिकारियों को मेडिकल बोर्ड के बारे में दिशा-निर्देश देते सिविल सर्जन। संवाद
- फोटो : Jind
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जींद। नागरिक अस्पताल में हर बुधवार को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाने के लिए मेडिकल बोर्ड बैठता है। इसमें लोग हर बुधवार को अपना दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आते हैं। अब नई गाइडलाइन के अनुसार जो भी व्यक्ति दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाने आएगा, उसे अपनी दिव्यांगता सिद्ध करने के लिए मेडिकल रिपोर्ट दिखानी होगी।
मेडिकल रिपोर्ट में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे की रिपोर्ट या फिर जहां से इलाज करवाया है, उसकी पूरी रिपोर्ट दिखानी होगी। इसके बाद इन्हीं रिपोर्ट के आधार पर लिखा जाएगा कि उक्त व्यक्ति कितने प्रतिशत दिव्यांग है।
विभिन्न नौकरियों के अलावा कई सरकारी योजनाओं में दिव्यांगता की प्रतिशतता के आधार पर आरक्षण मिलता है। इसके अलावा 60 प्रतिशत दिव्यांग को राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 2500 रुपये पेंशन भी दी जाती है। काफी लोग दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र बनवाकर इन योजनाओं व पेंशन का लाभ उठाते हैं। लालच के कारण काफी लोग प्रमाण-पत्र में दिव्यांगता की प्रतिशतता ज्यादा दिखाने के लिए कई प्रकार के हथकंडे अपनाते हैं। सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया को इस प्रकार की शिकायतें नागरिक अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ मिल रही थीं। अब तक जितने भी मेडिकल बोर्ड लगे हैं, उनमें यदि चिकित्सक को यह दिखाई दे कि यह व्यक्ति 60 प्रतिशत दिव्यांग है तो चिकित्सक लिख देते थे। उस समय कोई भी मेडिकल रिपोर्ट या व्यक्ति की जांच रिपोर्ट नहीं मांगी जाती थी। काफी पीड़ित लोगों में दिव्यांगता अधिक नहीं होने के बावजूद उन्होंने 60 प्रतिशत तक अपने आपको दिव्यांग दिखाया है। अब स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन के तहत मरीज को अपनी मेडिकल जांच रिपोर्ट दिखानी होंगी। इनके आधार पर ही दिव्यांगता का प्रतिशत लिखा जाएगा। यदि कोई व्यक्ति बेशक दिव्यांग हो और उसके पास कोई मेडिकल जांच रिपोर्ट नहीं है तो उसको दिव्यांग नहीं माना जाएगा। इसके लिए सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे या फिर जहां से इलाज चल रहा है, उस चिकित्सक की रिपोर्ट दिखानी जरूरी है। इन रिपोर्ट को आधार मानकर ही बोर्ड यह तय करेगा कि यह व्यक्ति कितने प्रतिशत दिव्यांग है। इसके अलावा सभी रिपोर्ट ऑनलाइन भी की जाएंगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जो गाइडलाइन है उनके अनुसार ही दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाए जाते हैं। दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए अब मेडिकल रिपोर्ट आवेदन के साथ लगाना जरूरी है। इन रिपोर्ट के आधार पर ही व्यक्ति कितना दिव्यांग है, इसकी प्रतिशतता लिखी जाएगी।
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मेडिकल रिपोर्ट में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे की रिपोर्ट या फिर जहां से इलाज करवाया है, उसकी पूरी रिपोर्ट दिखानी होगी। इसके बाद इन्हीं रिपोर्ट के आधार पर लिखा जाएगा कि उक्त व्यक्ति कितने प्रतिशत दिव्यांग है।
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विभिन्न नौकरियों के अलावा कई सरकारी योजनाओं में दिव्यांगता की प्रतिशतता के आधार पर आरक्षण मिलता है। इसके अलावा 60 प्रतिशत दिव्यांग को राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 2500 रुपये पेंशन भी दी जाती है। काफी लोग दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र बनवाकर इन योजनाओं व पेंशन का लाभ उठाते हैं। लालच के कारण काफी लोग प्रमाण-पत्र में दिव्यांगता की प्रतिशतता ज्यादा दिखाने के लिए कई प्रकार के हथकंडे अपनाते हैं। सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया को इस प्रकार की शिकायतें नागरिक अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ मिल रही थीं। अब तक जितने भी मेडिकल बोर्ड लगे हैं, उनमें यदि चिकित्सक को यह दिखाई दे कि यह व्यक्ति 60 प्रतिशत दिव्यांग है तो चिकित्सक लिख देते थे। उस समय कोई भी मेडिकल रिपोर्ट या व्यक्ति की जांच रिपोर्ट नहीं मांगी जाती थी। काफी पीड़ित लोगों में दिव्यांगता अधिक नहीं होने के बावजूद उन्होंने 60 प्रतिशत तक अपने आपको दिव्यांग दिखाया है। अब स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन के तहत मरीज को अपनी मेडिकल जांच रिपोर्ट दिखानी होंगी। इनके आधार पर ही दिव्यांगता का प्रतिशत लिखा जाएगा। यदि कोई व्यक्ति बेशक दिव्यांग हो और उसके पास कोई मेडिकल जांच रिपोर्ट नहीं है तो उसको दिव्यांग नहीं माना जाएगा। इसके लिए सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे या फिर जहां से इलाज चल रहा है, उस चिकित्सक की रिपोर्ट दिखानी जरूरी है। इन रिपोर्ट को आधार मानकर ही बोर्ड यह तय करेगा कि यह व्यक्ति कितने प्रतिशत दिव्यांग है। इसके अलावा सभी रिपोर्ट ऑनलाइन भी की जाएंगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जो गाइडलाइन है उनके अनुसार ही दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाए जाते हैं। दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए अब मेडिकल रिपोर्ट आवेदन के साथ लगाना जरूरी है। इन रिपोर्ट के आधार पर ही व्यक्ति कितना दिव्यांग है, इसकी प्रतिशतता लिखी जाएगी।