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Jind News: तीन दिन से नहीं निकली धूप, कड़ाके की ठंड व शीत लहर ने बढ़ाई परेशानी
Sun, 04 Jan 2026 11:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 04 Jan 2026 11:20 PM IST
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04जेएनडी21: ठंड बढ़ने के कारण सुनसान पड़ा शहर का एलआईसी रोड। संवाद
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जींद। पिछले तीन दिनों से धूप नहीं निकलने और आसमान में लगातार बादल छाए रहने से कड़ाके की ठंड व शीत लहर का असर गहरा गया है। दिनभर ठंडी हवाओं के कारण आमजन गर्म कपड़ों में लिपटकर ठंड से बचने का प्रयास करता रहा।
रविवार को न्यूनतम तापमान गिरकर छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जबकि अधिकतम तापमान 16 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी तीन दिन भी मौसम के हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है।
सोमवार को न्यूनतम तापमान बढ़कर आठ डिग्री तक पहुंच सकता है, लेकिन अधिकतम तापमान में एक डिग्री की कटौती के साथ यह 15 डिग्री पर आ सकता है। लगातार धूप न निकलने और शीत लहर के चलते कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण और सांस संबंधी दिक्कतें आम हो जाती हैं। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से अस्थमा, हृदय रोग व ब्लड प्रेशर से पीड़ित मरीजों के लिए यह मौसम अधिक खतरनाक माना जा रहा है।
धूप न मिलने से शरीर में विटामिन-डी की कमी भी हो सकती है। इससे हड्डियों में दर्द, कमजोरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने का खतरा रहता है।
फसलों पर मौसम की मार
यह मौसम रबी फसलों के लिए भी चिंता का विषय है। लगातार बादल छाए रहने और धूप न मिलने से गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। नमी बढ़ने से फसलों में पीला रतुआ, झुलसा रोग और फफूंद जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सरसों की फसल में माहू (एफिड) के प्रकोप की आशंका भी बनी रहती है। खेतों की नियमित निगरानी रखने की आवश्यकता है। इसमें फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव करें और जलभराव की स्थिति न बनने दें।
- डॉ. गिरीश नागपाल, डीडीए, जींद
लोग सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें, गुनगुने पानी का सेवन करें और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें। लगातार ठंड और शीत लहर के चलते सुबह और रात के समय दृश्यता भी कम हो रही है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण अस्पतालों में भी ठंड से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बढ़ती ठंड से आमजन को बचाव करना चाहिए ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
- डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद
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रविवार को न्यूनतम तापमान गिरकर छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जबकि अधिकतम तापमान 16 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी तीन दिन भी मौसम के हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है।
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सोमवार को न्यूनतम तापमान बढ़कर आठ डिग्री तक पहुंच सकता है, लेकिन अधिकतम तापमान में एक डिग्री की कटौती के साथ यह 15 डिग्री पर आ सकता है। लगातार धूप न निकलने और शीत लहर के चलते कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण और सांस संबंधी दिक्कतें आम हो जाती हैं। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से अस्थमा, हृदय रोग व ब्लड प्रेशर से पीड़ित मरीजों के लिए यह मौसम अधिक खतरनाक माना जा रहा है।
धूप न मिलने से शरीर में विटामिन-डी की कमी भी हो सकती है। इससे हड्डियों में दर्द, कमजोरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने का खतरा रहता है।
फसलों पर मौसम की मार
यह मौसम रबी फसलों के लिए भी चिंता का विषय है। लगातार बादल छाए रहने और धूप न मिलने से गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। नमी बढ़ने से फसलों में पीला रतुआ, झुलसा रोग और फफूंद जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सरसों की फसल में माहू (एफिड) के प्रकोप की आशंका भी बनी रहती है। खेतों की नियमित निगरानी रखने की आवश्यकता है। इसमें फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव करें और जलभराव की स्थिति न बनने दें।
- डॉ. गिरीश नागपाल, डीडीए, जींद
लोग सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें, गुनगुने पानी का सेवन करें और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें। लगातार ठंड और शीत लहर के चलते सुबह और रात के समय दृश्यता भी कम हो रही है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण अस्पतालों में भी ठंड से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बढ़ती ठंड से आमजन को बचाव करना चाहिए ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
- डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद