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मिनी बाईपास पर सड़क धंसने के मामले में एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे चार विभाग
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मिनी बाईपास पर धंसी सड़क।
- फोटो : Jind
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जींद। निर्माण के महज एक दिन बाद ही मिनी बाईपास पर सड़क धंसने के मामले में कोई भी विभाग इसकी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। इसके चलते पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर, जनस्वास्थ्य विभाग, वन विभाग व नगरपरिषद के बीच में मामला उलझ गया है। सभी एक दूसरे पर सड़क धंसने की जिम्मेदारी टाल रहे हैं। ऐसे में डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने डीएमसी के साथ मिलकर इसकी जिम्मेदारी तय करने की योजना बनाई है।
गौरतलब है कि मंगलवार को ही मिनी बाईपास पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण का काम किया गया था। अभी यह काम पूरा भी नहीं हुआ है कि बुधवार दोपहर बाद अंडर पास से बस स्टैंड की ओर सड़क के बीच में ही बड़ा गड्ढा बन गया। इसके बाद से जींद के अधिकारी लोगों के निशाने पर हैं। अधिकारियों व सरकार को लेकर सोशल मीडिया पर चुटकी वाली पोस्ट डाली जा रही हैं। वहीं वीरवार को सड़क में दरारें बुधवार के मुकाबले दूर तक हो गई हैं। ऐसे में यहां खतरा बढ़ गया है।
ऐसे उलझा है विभागों में मामला
दरअसल यह सड़क पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर द्वारा बनाई गई है। सड़क धंसने पर पीडब्ल्यूडी का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग की लाइन में लीकेज होने के कारण ऐसा हुआ है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि यह पाइप लाइन उन्होंने दबाई जरूर थी, लेकिन लाइन करीब डढ़े साल पहले दबाई गई और अब यह वन विभाग को जिम्मेदारी है। वहीं वन विभाग इस पर कुछ भी नहीं बोल रहा है। इसके अलावा जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लाइन को अमरूत योजना के तहत हुए काम में तोड़ा गया है। नगरपरिषद भी इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
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ढाई लाख रुपये होंगे खर्च
पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर के एक्सईएन एके नैन के अनुसार यह लाइन जनस्वास्थ्य की है। इसमें लीकेज के कारण सड़क धंसी है। इस पर करीब ढाई लाख रुपये खर्च होंगे। इसका पत्र जनस्वास्थ्य विभाग को भेज दिया है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एसके शर्मा के अनुसार डेढ़ साल पहले लाइन डाली गई थी। अब पैसे वही विभाग दे, जिसने तोड़ी है।
डीएमसी के साथ मिलकर बनाएंगे योजना
यह सही है कि इस ममाले में चारों विभाग एक दूसरे पर टाल रहे हैं। ऐसे में जल्द ही जिला डीएमसी के साथ मिलकर इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
- डॉ. आदित्य दहिया, उपायुक्त, जींद।
रोहतक रोड को लेकर प्रशासन के साथ वार्ता आज
रोहतक रोड की बदहाल स्थिति सहित अन्य मांगों को लेकर जींद विकास संगठन की प्रशासन के साथ शुक्रवार को वार्ता होगी। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में होने वाली बातचीत में सिटी मजिस्ट्रेट होशियार, नगर परिषद, पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। संगठन के प्रधान डॉ. राजकुमार गोयल के अनुसार यदि सभी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो दिवाली पर अधिकारियों को रेत के डिब्बे भेजे जाएंगे।
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गौरतलब है कि मंगलवार को ही मिनी बाईपास पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण का काम किया गया था। अभी यह काम पूरा भी नहीं हुआ है कि बुधवार दोपहर बाद अंडर पास से बस स्टैंड की ओर सड़क के बीच में ही बड़ा गड्ढा बन गया। इसके बाद से जींद के अधिकारी लोगों के निशाने पर हैं। अधिकारियों व सरकार को लेकर सोशल मीडिया पर चुटकी वाली पोस्ट डाली जा रही हैं। वहीं वीरवार को सड़क में दरारें बुधवार के मुकाबले दूर तक हो गई हैं। ऐसे में यहां खतरा बढ़ गया है।
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ऐसे उलझा है विभागों में मामला
दरअसल यह सड़क पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर द्वारा बनाई गई है। सड़क धंसने पर पीडब्ल्यूडी का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग की लाइन में लीकेज होने के कारण ऐसा हुआ है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि यह पाइप लाइन उन्होंने दबाई जरूर थी, लेकिन लाइन करीब डढ़े साल पहले दबाई गई और अब यह वन विभाग को जिम्मेदारी है। वहीं वन विभाग इस पर कुछ भी नहीं बोल रहा है। इसके अलावा जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लाइन को अमरूत योजना के तहत हुए काम में तोड़ा गया है। नगरपरिषद भी इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
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ढाई लाख रुपये होंगे खर्च
पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर के एक्सईएन एके नैन के अनुसार यह लाइन जनस्वास्थ्य की है। इसमें लीकेज के कारण सड़क धंसी है। इस पर करीब ढाई लाख रुपये खर्च होंगे। इसका पत्र जनस्वास्थ्य विभाग को भेज दिया है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एसके शर्मा के अनुसार डेढ़ साल पहले लाइन डाली गई थी। अब पैसे वही विभाग दे, जिसने तोड़ी है।
डीएमसी के साथ मिलकर बनाएंगे योजना
यह सही है कि इस ममाले में चारों विभाग एक दूसरे पर टाल रहे हैं। ऐसे में जल्द ही जिला डीएमसी के साथ मिलकर इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
- डॉ. आदित्य दहिया, उपायुक्त, जींद।
रोहतक रोड को लेकर प्रशासन के साथ वार्ता आज
रोहतक रोड की बदहाल स्थिति सहित अन्य मांगों को लेकर जींद विकास संगठन की प्रशासन के साथ शुक्रवार को वार्ता होगी। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में होने वाली बातचीत में सिटी मजिस्ट्रेट होशियार, नगर परिषद, पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। संगठन के प्रधान डॉ. राजकुमार गोयल के अनुसार यदि सभी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो दिवाली पर अधिकारियों को रेत के डिब्बे भेजे जाएंगे।