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Jind News: अवैध कब्जे की सीएम विंडो पर नहीं हुई सुनवाई
Tue, 09 Sep 2025 02:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 09 Sep 2025 02:58 AM IST
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08जेएनडी24-संडील गांव में 1985-86 में ठेका पर छुड़वाई जमीन की रशीद का फोटो। स्रोत ग्रामीण
अलेवा। संडील निवासी एक व्यक्ति ने गांव के ही आठ लोगों पर पंचायत जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत सीएम विंडो और समाधान शिविर में दी है। सीएम विंडो व समाधान शिविर में दी शिकायत में संडील निवासी सतबीर ने बताया कि गांव की शामलात उपजाऊ जमीन पर गांव के ही आठ लोगों ने वर्ष 2021 से अवैध कब्जा किया हुआ है।
इससे पहले पंचायत जमीन की बोली भी करवाती आई है, जो कि अलग-अलग लोगों ने बोली पर छुड़वाई हुई है। उन आदमियों ने 1970 और 1985 में पंचायती जमीन को बोली पर छुड़वाया था, जिसमें नहरी विभाग ने उन लोगों के नाम गिरदावरी की थी, जिसके चलते उन्होंने जींद कोर्ट में केस लगाया है।
इसमें अदालत ने 29 अक्तूबर 2021 को एक आदेश जारी कर कहा गया कि जैसी स्थिति है वैसे ही रखा जाए कि पंचायत को अधिकार है कि अपने विवेक पर कार्रवाई कर सकती है लेकिन उस समय के ग्राम सचिव ने आदेशों की पालना न करते हुए कोर्ट के दिए नोटिस को देखकर जमीन की बोली रुकवा कर मिलीभगत करके आदमियों का कब्जा करवा दिया।
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यही नहीं इस्तेमाल से लेकर 2021 तक ग्राम पंचायत ही जमीन की बोली करवाती आई है। इसको लेकर शिकायत कर्ता ने इसकी शिकायत सीएम विंडो व समाधान शिविर, डीडीपीओ व डीसी को दी लेकिन अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण शिकायतकर्ता मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी को मिलेगा।
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जमीन गैर मारुसी है, इस्तेमाल से कब्जा : बीडीपीओ
मामले को लेकर अलेवा बीडीपीओ अक्षयदीप चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जमीन गैर मारुसी (वह संपत्ति (जैसे घर, ज़मीन, या धन) जो किसी व्यक्ति को उसके माता-पिता या दादा-दादी से मिलती है। इस्तेमाल से जमीन पर लोगों का कब्जा है। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण फिलहाल विभाग कुछ नहीं कर सकता है। कोर्ट से जो भी आदेश होगा उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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इससे पहले पंचायत जमीन की बोली भी करवाती आई है, जो कि अलग-अलग लोगों ने बोली पर छुड़वाई हुई है। उन आदमियों ने 1970 और 1985 में पंचायती जमीन को बोली पर छुड़वाया था, जिसमें नहरी विभाग ने उन लोगों के नाम गिरदावरी की थी, जिसके चलते उन्होंने जींद कोर्ट में केस लगाया है।
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इसमें अदालत ने 29 अक्तूबर 2021 को एक आदेश जारी कर कहा गया कि जैसी स्थिति है वैसे ही रखा जाए कि पंचायत को अधिकार है कि अपने विवेक पर कार्रवाई कर सकती है लेकिन उस समय के ग्राम सचिव ने आदेशों की पालना न करते हुए कोर्ट के दिए नोटिस को देखकर जमीन की बोली रुकवा कर मिलीभगत करके आदमियों का कब्जा करवा दिया।
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यही नहीं इस्तेमाल से लेकर 2021 तक ग्राम पंचायत ही जमीन की बोली करवाती आई है। इसको लेकर शिकायत कर्ता ने इसकी शिकायत सीएम विंडो व समाधान शिविर, डीडीपीओ व डीसी को दी लेकिन अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण शिकायतकर्ता मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी को मिलेगा।
जमीन गैर मारुसी है, इस्तेमाल से कब्जा : बीडीपीओ
मामले को लेकर अलेवा बीडीपीओ अक्षयदीप चौहान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जमीन गैर मारुसी (वह संपत्ति (जैसे घर, ज़मीन, या धन) जो किसी व्यक्ति को उसके माता-पिता या दादा-दादी से मिलती है। इस्तेमाल से जमीन पर लोगों का कब्जा है। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण फिलहाल विभाग कुछ नहीं कर सकता है। कोर्ट से जो भी आदेश होगा उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।