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आतंक पर आस्था पड़ रही भारी
jind
Updated Wed, 13 Jul 2016 12:41 AM IST
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बेशक जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा हिंसा फैलाई जा रही है, लेकिन जींद में बाबा बर्फानी के भक्तों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कश्मीर में हालात खराब होने के बावजूद जींद से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना होने वालों का सिलसिला जारी है। अमरनाथ यात्रा के लिए सात लोगों का एक जत्था मंगलवार शाम को जींद से निकला है। जत्थे का नेतृत्व कर रहे संजीव शर्मा के अनुसार वे पिछले 23 साल से हर बार बाबा बर्फानी के दर्शन करने जाते हैं। कश्मीर का मौसम और हालात किसी समय बदल सकते हैं, ऐसे में वे इसके लिए मानसिक रूप से तैयार रहते हैं। वहीं किराना व्यापारी अमित कुमार पिछले 17 सालों से बाबा अमरनाथ की यात्रा पर जा रहे हैं। कभी न कभी वहां छोटी-मोटी दिक्कत आती रहती है, लेकिन भक्तों का विश्वास कभी भी कम नहीं होता। उनका करीब 50 लोगों का दल 15 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना होगा। अब तक 30 से अधिक लोगों ने तो बस के लिए बुकिंग भी करवा ली है। हर दिन दो-तीन लोग बुकिंग करवा रहे हैं।
भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच होती है यात्रा
बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए जाने वाले शिव भक्तों के अनुसार जम्मू से ही सेना की भारी सुरक्षा के बीच यात्रा शुरू होती है। उनके जो परिचित यात्रा पर गए हुए हैं, वे उनके संपर्क में हैं और वहां कोई ऐसे दिक्कत नहीं है। यात्रा में कोई परेशानी नहीं आ रही है।
पड़ा है थोड़ा असर
तीर्थ यात्रियों की अगुवाई करने वाले अमित कुमार के अनुसार हालांकि अधिकतर लोगों के उत्साह में काई कमी नहीं आई है, लेकिन कश्मीर की ताजा घटना का थोड़ा असर जरूर है। जिस दिन कश्मीर में आतंकवादियों को मारा गया, उस दिन के बाद से सीट बुकिंग में कमी आई है, लेकिन अभी उनको 15 जुलाई को निकलना है तब तक हालात ठीक हो जाएंगे।
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भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच होती है यात्रा
बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए जाने वाले शिव भक्तों के अनुसार जम्मू से ही सेना की भारी सुरक्षा के बीच यात्रा शुरू होती है। उनके जो परिचित यात्रा पर गए हुए हैं, वे उनके संपर्क में हैं और वहां कोई ऐसे दिक्कत नहीं है। यात्रा में कोई परेशानी नहीं आ रही है।
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पड़ा है थोड़ा असर
तीर्थ यात्रियों की अगुवाई करने वाले अमित कुमार के अनुसार हालांकि अधिकतर लोगों के उत्साह में काई कमी नहीं आई है, लेकिन कश्मीर की ताजा घटना का थोड़ा असर जरूर है। जिस दिन कश्मीर में आतंकवादियों को मारा गया, उस दिन के बाद से सीट बुकिंग में कमी आई है, लेकिन अभी उनको 15 जुलाई को निकलना है तब तक हालात ठीक हो जाएंगे।
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