फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Nipun Mission: Capsule School Support Program will be implemented in 60 schools of the district

निपुण मिशन : जिले के 60 स्कूलों में लागू होगा कैप्सूल स्कूल सपोर्ट प्रोग्राम

Sun, 13 Sep 2026 11:35 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:35 PM IST
विज्ञापन
Nipun Mission: Capsule School Support Program will be implemented in 60 schools of the district
जींद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत विद्यार्थियों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने जिले के 60 विद्यालयों को विशेष शैक्षणिक सहयोग देने की तैयारी की है। इन विद्यालयों में कैप्सूल स्कूल सपोर्ट प्रोग्राम लागू किया जाएगा।
विज्ञापन

जिले के करीब 15 प्रतिशत विद्यालयों को इस केंद्रित कार्यक्रम के लिए चुना गया है। इनमें मुख्य रूप से ऐसे स्कूल शामिल हैं, जहां निपुण विद्यार्थियों का प्रतिशत 40 से 60 के बीच है और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के साथ श्रेणी-ए तक पहुंचाने की संभावना है। इसमें सात खंडों के 60 स्कूल चयनित हुए हैं।
विज्ञापन

चयनित विद्यालयों में जींद खंड के 14, अलेवा के छह, जुलाना के आठ, नरवाना के 11, पिल्लूखेड़ा के छह, सफीदों के छह और उचाना के 10 विद्यालय शामिल हैं।
कार्यक्रम के शुरुआती चरण में निपुण की किसी एक कक्षा को केंद्र में रखकर विद्यार्थियों का बच्चेवार और दक्षतावार आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर सीखने में पिछड़ रहे विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक योजना तैयार होगी। शिक्षकों को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट रेमिडियल शिक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर स्कूल में मासिक दौरा, शिक्षक से लेकर अधिकारियों तक जवाबदेही
कार्यक्रम की निगरानी के लिए जिला अकादमिक कोर टीम गठित की जाएगी। इसमें एफएलएन समन्वयक, बीआरपी, एबीआरसी और डाइट फैकल्टी अथवा अकादमिक पार्टनर शामिल होंगे। प्रत्येक चयनित स्कूल में कम से कम महीने में एक बार टीम का दौरा होगा। टीम विद्यार्थियों की लिटरेसी-नुमरेसी प्रगति, स्कूल में दर्ज आंकड़ों और उपचारात्मक शिक्षण की गुणवत्ता की जांच करेगी।

क्लस्टर हेड को एक-एक विद्यालय की नियमित निगरानी करनी होगी
एबीआरसी और बीआरपी पूरे दिन विद्यालय में रहकर शिक्षकों को अकादमिक सहयोग देंगे। डाइट फैकल्टी को चार-चार विद्यालय आवंटित कर कक्षा अवलोकन, प्रदर्शन पाठ, आकलन की गुणवत्ता और शिक्षक कोचिंग की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं क्लस्टर हेड को एक-एक विद्यालय की नियमित निगरानी करनी होगी। स्कूल मुखिया को अकादमिक लीडर की भूमिका निभाते हुए उपस्थिति, रेमिडियल शिक्षण, शिक्षण सामग्री के उपयोग और विद्यार्थीवार प्रगति की निगरानी करनी होगी।


बॉक्स
शिक्षकों को उनके प्रदर्शन के आधार पर चैंपियन, डेवलपिंग और इंटेंसिव सपोर्ट तीन श्रेणियों में रखा जाएगा। कमजोर प्रदर्शन वाले शिक्षकों को शिक्षक-विशिष्ट मेंटरिंग और लगातार अकादमिक सहयोग दिया जाएगा। कार्यक्रम की प्रभावशीलता जांचने के लिए चयनित स्कूलों में दोबारा सेंसस असेसमेंट भी कराया जाएगा। -राजेश वशिष्ठ, एनएफएल जिला कोऑर्डिनेटर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article