{"_id":"69c96c2594cee11fa50b8cfa","slug":"new-technologies-such-as-biometrics-and-geo-fencing-implemented-for-wheat-procurement-jind-news-c-199-1-jnd1010-150757-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: गेहूं खरीद के लिए बायोमेट्रिक और जियो-फेंसिंग जैसी नई तकनीक लागू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: गेहूं खरीद के लिए बायोमेट्रिक और जियो-फेंसिंग जैसी नई तकनीक लागू
विज्ञापन
29जेएनडी10: डीसी मोहम्मद इमरान रजा अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए। स्रोत प्रशासन
- फोटो : सांकेतिक
जींद। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने शनिवार देर रात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद अधिकारियों की बैठक ली। इसमें खरीद प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी किए। इस बार मंडियों में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए जियो-फेंसिंग और मंडी के अंदर बायोमेट्रिक जैसे कड़े प्रावधान लागू किए गए हैं।
डीसी ने कहा कि किसानों को मंडी के गेट पर लाइन में नहीं लगना होगा। बायोमेट्रिक प्रक्रिया अब गेहूं की ढेरी की खरीद के समय मंडी के अंदर ही पूरी की जाएगी। किसान अपने परिवार के तीन सदस्यों को इस प्रक्रिया के लिए अधिकृत कर सकते हैं ताकि किसान की अनुपस्थिति में भी फसल बेची जा सके।
डीसी ने बारिश की स्थिति को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में तिरपाल और पॉलिथीन की व्यवस्था करने के आदेश दिए। इस दौरान एसडीएम सत्यवान सिंह मान, सफीदों के एसडीएम पुलकित मल्होत्रा सहित विभिन्न खरीद एजेंसियों के मुख्य प्रबंधक मौजूद रहे।
विज्ञापन
जानें क्या है जियो-फेंसिंग
इस बार मंडियों की जियो-फेंसिंग की गई है। इसका अर्थ यह है कि निर्धारित मंडी क्षेत्र के बाहर न तो गेट पास जारी होगा और न ही खरीद दिखाई जा सकेगी। इसके अलावा मंडी में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की फोटो ली जाएगी और सीसीटीवी कैमरों से रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। फसल का मिलान प्राप्त गिरदावरी डाटा के आधार पर ही होगा।
वाहनों में जीपीएस सिस्टम जरूरी
फसल उठान करने वाले वाहनों में जीपीएस सिस्टम जरूरी किया गया है ताकि अनाज की आवाजाही पर नजर रखी जा सके। डीसी ने अधिकारियों को कहा कि गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही की जाए और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। पंजाब से लगती सीमाओं पर नाके लगाए जाएंगे ताकि बाहरी गेहूं की अवैध आवक को रोका जा सके।
विज्ञापन
डीसी ने कहा कि किसानों को मंडी के गेट पर लाइन में नहीं लगना होगा। बायोमेट्रिक प्रक्रिया अब गेहूं की ढेरी की खरीद के समय मंडी के अंदर ही पूरी की जाएगी। किसान अपने परिवार के तीन सदस्यों को इस प्रक्रिया के लिए अधिकृत कर सकते हैं ताकि किसान की अनुपस्थिति में भी फसल बेची जा सके।
विज्ञापन
डीसी ने बारिश की स्थिति को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में तिरपाल और पॉलिथीन की व्यवस्था करने के आदेश दिए। इस दौरान एसडीएम सत्यवान सिंह मान, सफीदों के एसडीएम पुलकित मल्होत्रा सहित विभिन्न खरीद एजेंसियों के मुख्य प्रबंधक मौजूद रहे।
विज्ञापन
जानें क्या है जियो-फेंसिंग
इस बार मंडियों की जियो-फेंसिंग की गई है। इसका अर्थ यह है कि निर्धारित मंडी क्षेत्र के बाहर न तो गेट पास जारी होगा और न ही खरीद दिखाई जा सकेगी। इसके अलावा मंडी में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की फोटो ली जाएगी और सीसीटीवी कैमरों से रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। फसल का मिलान प्राप्त गिरदावरी डाटा के आधार पर ही होगा।
वाहनों में जीपीएस सिस्टम जरूरी
फसल उठान करने वाले वाहनों में जीपीएस सिस्टम जरूरी किया गया है ताकि अनाज की आवाजाही पर नजर रखी जा सके। डीसी ने अधिकारियों को कहा कि गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही की जाए और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। पंजाब से लगती सीमाओं पर नाके लगाए जाएंगे ताकि बाहरी गेहूं की अवैध आवक को रोका जा सके।