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प्रकृति संरक्षण हर व्यक्ति का नैतिक दायित्व : डॉ. सुरेंद्र यादव
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28जेएनडी08: विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर हमेटी में पौधरोपण करते हुए अधिकारी व कर्मचारी। स्रोत
जींद। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर हमेटी में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. सुरेंद्र यादव ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। भोजन, पानी और शुद्ध हवा जैसी जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं प्रकृति की देन हैं।
उन्होंने कहा कि यदि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में मानव जीवन गंभीर संकट का सामना करेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने, पॉलिथीन के उपयोग से बचने और पानी की एक-एक बूंद बचाने की जरूरत है। साथ ही किसानों से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने की अपील की।
प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षक डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर हवा, पानी और मिट्टी जैसे संसाधनों का संरक्षण किया जा सकता है। रासायनिक खेती से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और मधुमक्खियों व केंचुओं जैसे लाभकारी जीवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ता है। इस अवसर पर डॉ. वजीर सिंह चौहान, डॉ. सुरेंद्र , अजय कुमार यादव, नरेश कुमार, विकास रंगा, कुलदीप सिंह, शमशेर सिंह, अमित कुमार मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि यदि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में मानव जीवन गंभीर संकट का सामना करेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने, पॉलिथीन के उपयोग से बचने और पानी की एक-एक बूंद बचाने की जरूरत है। साथ ही किसानों से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने की अपील की।
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प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षक डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर हवा, पानी और मिट्टी जैसे संसाधनों का संरक्षण किया जा सकता है। रासायनिक खेती से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और मधुमक्खियों व केंचुओं जैसे लाभकारी जीवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ता है। इस अवसर पर डॉ. वजीर सिंह चौहान, डॉ. सुरेंद्र , अजय कुमार यादव, नरेश कुमार, विकास रंगा, कुलदीप सिंह, शमशेर सिंह, अमित कुमार मौजूद रहे।
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