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Jind News: राष्ट्रीय युवा अवार्डी की काटी पंद्रह रुपये की टिकट, 4500 लगा जुर्माना
Sun, 16 Nov 2025 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 16 Nov 2025 12:23 AM IST
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15जेएनडी09: निजी परिवहन समिति की बस जिस पर जुर्माना लगाया गया। स्रोत : शिकायतकर्ता
- फोटो : सिंहपुर डेरा बंजारा में आग लगने से जले घर। संवाद
जींद। केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय की ओर से युवा अवार्ड से सम्मानित सुभाष ढिगाना का 15 रुपये का टिकट काटने पर एक निजी बस मालिक को 4500 का जुर्माना भरना पड़ा। ढिगाना अवार्ड पाने की वजह से सभी बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा के हकदार हैं।
सुभाष ढिगाना राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता कल्याण संघ के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं। वह बताते हैं कि मैं दो नवंबर को शादी समारोह में जाने के लिए उचाना बस अड्डे से परिवहन समिति की बस नंबर एचआर 56 सी 2874 में बैठा था। परिचालक ने टिकट के लिए कहा तो उन्हें परिचय दे दिया।
कहा, नेशनल अवार्डी होने के उन्हें प्रदेश की बसों में आजीवन निशुल्क यात्रा का अधिकार है। इसका पास भी दिखाया। लेकिन, परिचालक ने बदतमीजी करते हुए चालक को पास दिखाया। चालक खुद बस मालिक सत्यवान ही थे। उन्होंने टिकट न लेने पर बस से उतार दिया।
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फिर दूसरी बस में चढ़े जो कि जिसके मालिक सत्यवान ही थे। उन्होंने दूसरी बस के परिचालक को फोन करके कह दिया कि बस में बैठाओ तो टिकट जरूर काटना। अंततः 15 रुपये की टिकट कटवा ली और तीन नवंबर को बदसलूकी और टिकट बनाने की शिकायत आरटीए से की।
उन्हें यह भी बताया कि चालक और परिचालक बिना वर्दी के ही बस चला रहे थे। आरटीए ने इस मामले की जांच बैठाई और अब दंडित किया।
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सुभाष ढिगाना राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता कल्याण संघ के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं। वह बताते हैं कि मैं दो नवंबर को शादी समारोह में जाने के लिए उचाना बस अड्डे से परिवहन समिति की बस नंबर एचआर 56 सी 2874 में बैठा था। परिचालक ने टिकट के लिए कहा तो उन्हें परिचय दे दिया।
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कहा, नेशनल अवार्डी होने के उन्हें प्रदेश की बसों में आजीवन निशुल्क यात्रा का अधिकार है। इसका पास भी दिखाया। लेकिन, परिचालक ने बदतमीजी करते हुए चालक को पास दिखाया। चालक खुद बस मालिक सत्यवान ही थे। उन्होंने टिकट न लेने पर बस से उतार दिया।
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फिर दूसरी बस में चढ़े जो कि जिसके मालिक सत्यवान ही थे। उन्होंने दूसरी बस के परिचालक को फोन करके कह दिया कि बस में बैठाओ तो टिकट जरूर काटना। अंततः 15 रुपये की टिकट कटवा ली और तीन नवंबर को बदसलूकी और टिकट बनाने की शिकायत आरटीए से की।
उन्हें यह भी बताया कि चालक और परिचालक बिना वर्दी के ही बस चला रहे थे। आरटीए ने इस मामले की जांच बैठाई और अब दंडित किया।