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Jind News: एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों ने धरना देकर मांगा यात्रा भत्ता
Thu, 06 Nov 2025 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 06 Nov 2025 11:50 PM IST
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06जेएनडी19-सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे एमपीएचडब्ल्यू। संवाद
- फोटो : kishatwar news
जींद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों ने वीरवार को सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना कर रोष प्रकट किया। इसके बाद उन्होंने सिविल सर्जन को मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
राज्य महासचिव सहदेव आर्य एवं प्रवक्ता संदीप कुंडू ने बताया कि एनएचएम प्रोजेक्ट के नाम पर वर्ष 1998 से महिला एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार में बेटियां अपने हकों के लिए आंदोलन का रास्ता चुनने को विवश है लेकिन बार बार पत्राचार व वार्ता के बावजूद सरकार की योजनाओं को धरातल स्तर पर पहुंचाने वाली महिला कर्मचारियों की आधारभूत मांगों को अनदेखा किया जा रहा है।
महिला कर्मचारी आर्थिक एवं मानसिक शोषण का शिकार है उच्चतम न्यायालय के समान काम समान वेतन के आदेशों के बावजूद कर्मचारी नाममात्र वेतन पर कार्य करने को मजबूर है, उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर ड्रेस एलाउंस, यात्रा भत्ता एवं अलाउंस तथा यहां तक की सेवानिवृत्ति पर भी कोई सम्मानजनक राशि का प्रावधान नहीं किया गया है जो कि बेहद चिंतनीय विषय है।
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उन्होंने मांग की कि एनएचएम एवं अर्बन पीएचसी में कार्यरत महिला एमपी एचडब्ल्यू को ग्रेड पे का लाभ दिया जाए। नियमित महिला एमएपीएचडब्ल्यू की भांति एनएचएम में कार्यरत कर्मियों को भी अलाउंस दिया जाए। इसके अलावा सेवानिवृत लाभ एवं ग्रेजुएटी का लाभ प्रदान किया जाए।
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राज्य महासचिव सहदेव आर्य एवं प्रवक्ता संदीप कुंडू ने बताया कि एनएचएम प्रोजेक्ट के नाम पर वर्ष 1998 से महिला एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार में बेटियां अपने हकों के लिए आंदोलन का रास्ता चुनने को विवश है लेकिन बार बार पत्राचार व वार्ता के बावजूद सरकार की योजनाओं को धरातल स्तर पर पहुंचाने वाली महिला कर्मचारियों की आधारभूत मांगों को अनदेखा किया जा रहा है।
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महिला कर्मचारी आर्थिक एवं मानसिक शोषण का शिकार है उच्चतम न्यायालय के समान काम समान वेतन के आदेशों के बावजूद कर्मचारी नाममात्र वेतन पर कार्य करने को मजबूर है, उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर ड्रेस एलाउंस, यात्रा भत्ता एवं अलाउंस तथा यहां तक की सेवानिवृत्ति पर भी कोई सम्मानजनक राशि का प्रावधान नहीं किया गया है जो कि बेहद चिंतनीय विषय है।
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उन्होंने मांग की कि एनएचएम एवं अर्बन पीएचसी में कार्यरत महिला एमपी एचडब्ल्यू को ग्रेड पे का लाभ दिया जाए। नियमित महिला एमएपीएचडब्ल्यू की भांति एनएचएम में कार्यरत कर्मियों को भी अलाउंस दिया जाए। इसके अलावा सेवानिवृत लाभ एवं ग्रेजुएटी का लाभ प्रदान किया जाए।