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Jind News: मां ने छीन ली थी गाड़ी की चाबी, 5 मिनट में आने की बात कहकर गए थे विकास
Sun, 27 Jul 2025 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 27 Jul 2025 12:18 AM IST
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प्रमोद राठी
जींद। डॉक्टर बेटे की हत्या के बाद से मां रामरति उर्फ शीला के आंसू नहीं रुके रहे हैं। वह बार-बार वीरवार की शाम का मंजर याद कर बिलख पड़ती हैं।
मां रामरति ने बताया कि बेटा विकास अपनी पत्नी और बच्ची के साथ अस्पताल के ऊपर ही बने मकान में रहता था। वह भी अस्पताल आती जाती थीं। वीरवार की रात को वह बेटे के पास आई थीं। शाम करीब 5 बजे लीलावती अस्पताल का संचालक अनिल अस्पताल के बाहर आया और विकास को साथ चलने के लिए बोला।उन्हें अनिल की नीयत पर पहले से भरोसा नहीं था इसलिए बेटे को जाने से मना किया था और गाड़ी की चाबी भी छीन ली थी। विकास 5 मिनट में वापस आने की बात कहकर चला गया। बाद में हत्या की खबर आई। (संवाद)
परिजनों बोले-अस्पताल ठीक चलने से खुश नहीं था अनिल
पिता शिवकुमार शर्मा ने बताया कि उनके बेटे विकास ने 5 साल पहले सफीदों शहर में अनुज मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल खोला था। इसके बाद से ही अनिल उससे रंजिश रखने लगा था। आरोपी अनिल ने भी दो साल पहले शहर में निजी अस्पताल खोला था। लेकिन, अनिल के यहां ओपीडी विकास के मुकाबले आधी थी। इस बात की रंजिश में अनिल ने बदमाश घर भेजकर धमकियां दिलवाई थीं। इसके बाद से अनिल और विकास में बोलचाल भी बंद हो गई थी। हालांकि, करीब 5 माह पहले अनिल ने दोबारा विकास से दोस्ती की।
चावल बनवाकर गए थे विकास, कहा था-घर आकर खाऊंगा
मां रामरति ने बताया विकास ने घटना की शाम चावल बनाने के लिए कहा था। विकास बोलकर गए थे कि चावल बनाकर रखना, मैं जल्दी घर आकर खाना खाऊंगा। चावल बनाने के बाद पत्नी ने कॉल की तो 5 मिनट में आने की बात कही, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी वह नहीं आए। रात करीब साढ़े 10 बजे बड़े भाई अनुज का फोन आया कि विकास को किसी ने चाकू मार दिए हैं।
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12 अगस्त को होना था दूसरे अस्पताल का शुभारंभ
डॉ. विकास असंध में दूसरा अस्पताल खोलने वाले थे। अस्पताल का निजी भवन तैयार हो गया था। 12 अगस्त को अस्पताल का शुभारंभ होना था। अस्पताल का नाम भी रख लिया था उज्ज्वल। नए अस्पताल के शुभारं की घर में तैयारियां चल रही थीं। इसी अस्पताल को दिखवाने की बात कहकर आरोपी अनिल विकास को साथ ले गया था।
डॉक्टर की हत्या के बाद अस्पताल में गंभीर मरीज नहीं किए भर्ती
शनिवार को डॉ. विकास के निजी अस्पताल में सुनसानी छायी रही। अस्पताल में चार चिकित्सक और कुछ कर्मचारी थे। शनिवार को अस्पताल में कोई गंभीर मरीज नहीं भर्ती किया गया। शुक्रवार को दो ही मरीज दाखिल थे, जिन्हें शाम तक छुट्टी दे दी गई।
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जींद। डॉक्टर बेटे की हत्या के बाद से मां रामरति उर्फ शीला के आंसू नहीं रुके रहे हैं। वह बार-बार वीरवार की शाम का मंजर याद कर बिलख पड़ती हैं।
मां रामरति ने बताया कि बेटा विकास अपनी पत्नी और बच्ची के साथ अस्पताल के ऊपर ही बने मकान में रहता था। वह भी अस्पताल आती जाती थीं। वीरवार की रात को वह बेटे के पास आई थीं। शाम करीब 5 बजे लीलावती अस्पताल का संचालक अनिल अस्पताल के बाहर आया और विकास को साथ चलने के लिए बोला।उन्हें अनिल की नीयत पर पहले से भरोसा नहीं था इसलिए बेटे को जाने से मना किया था और गाड़ी की चाबी भी छीन ली थी। विकास 5 मिनट में वापस आने की बात कहकर चला गया। बाद में हत्या की खबर आई। (संवाद)
परिजनों बोले-अस्पताल ठीक चलने से खुश नहीं था अनिल
पिता शिवकुमार शर्मा ने बताया कि उनके बेटे विकास ने 5 साल पहले सफीदों शहर में अनुज मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल खोला था। इसके बाद से ही अनिल उससे रंजिश रखने लगा था। आरोपी अनिल ने भी दो साल पहले शहर में निजी अस्पताल खोला था। लेकिन, अनिल के यहां ओपीडी विकास के मुकाबले आधी थी। इस बात की रंजिश में अनिल ने बदमाश घर भेजकर धमकियां दिलवाई थीं। इसके बाद से अनिल और विकास में बोलचाल भी बंद हो गई थी। हालांकि, करीब 5 माह पहले अनिल ने दोबारा विकास से दोस्ती की।
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चावल बनवाकर गए थे विकास, कहा था-घर आकर खाऊंगा
मां रामरति ने बताया विकास ने घटना की शाम चावल बनाने के लिए कहा था। विकास बोलकर गए थे कि चावल बनाकर रखना, मैं जल्दी घर आकर खाना खाऊंगा। चावल बनाने के बाद पत्नी ने कॉल की तो 5 मिनट में आने की बात कही, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी वह नहीं आए। रात करीब साढ़े 10 बजे बड़े भाई अनुज का फोन आया कि विकास को किसी ने चाकू मार दिए हैं।
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12 अगस्त को होना था दूसरे अस्पताल का शुभारंभ
डॉ. विकास असंध में दूसरा अस्पताल खोलने वाले थे। अस्पताल का निजी भवन तैयार हो गया था। 12 अगस्त को अस्पताल का शुभारंभ होना था। अस्पताल का नाम भी रख लिया था उज्ज्वल। नए अस्पताल के शुभारं की घर में तैयारियां चल रही थीं। इसी अस्पताल को दिखवाने की बात कहकर आरोपी अनिल विकास को साथ ले गया था।
डॉक्टर की हत्या के बाद अस्पताल में गंभीर मरीज नहीं किए भर्ती
शनिवार को डॉ. विकास के निजी अस्पताल में सुनसानी छायी रही। अस्पताल में चार चिकित्सक और कुछ कर्मचारी थे। शनिवार को अस्पताल में कोई गंभीर मरीज नहीं भर्ती किया गया। शुक्रवार को दो ही मरीज दाखिल थे, जिन्हें शाम तक छुट्टी दे दी गई।