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दो दिन से कॉलेज में रोके गए हैं प्रवासी, दिनभर नहीं मिला खाना और पानी
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कॉलेज पहुंचे श्रमिक।
- फोटो : Jind
प्रवासी लोगों को उनके घर भेजने के सरकार के दावों की जींद में बुधवार को हवा निकली दिखी। प्रवासियों को घर भेजने के लिए 287 लोगों को मंगलवार से ही राजकीय कॉलेज में रखा गया है, लेकिन इनको हिसार रेलवे स्टेशन तक नहीं पहुंचाया जा सका। इतना ही नहीं प्रवासियोें को दूसरे दिन भी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। प्रशासन कॉलेज में रखे गए मजदूरों के लिए खाना और पानी तक का इंतजाम नहीं करवा पाया। अब वीरवार को मजदूरों को अंबाला और हिसार से ट्रेनों में रवाना किया जाएगा।
गौरतलब है कि देशभर में ऐसे लोगों को घर भेजा जा रहा है, जो अपने राज्य से बाहर जाकर काम करते थे। इसके तहत जींद जिले में चार हजार से अधिक लोगों की पहचान की गई है। इनमें से 287 लोगों को जींद के राजकीय कॉलेज में रखा गया है। यहां से उन्हें रोडवेज की बस से हिसार भेजना था, लेकिन बुधवार को मजदूर नहीं जा सके। जिले से कुल 486 लोगों को भेजा जाना है। इनमें से 287 लोगों को मंगलवार को ही राजकीय कॉलेज में बुला लिया गया था। मंगलवार को प्रवासियों को दिनभर भूखा रहना पड़ा। शाम सात बजे जाकर खाना मिला था। बुधवार को भी प्रवासियों को दिन में खाना नसीब नहीं हुआ।
कॉलेज के बाहर मंडराते रहे लोग
घर जाने के लिए काफी मजदूर राजकीय कॉलेज के बाहर घूमते रहे। हालांकि इनको पुलिस ने कॉलेज के अंदर नहीं जाने दिया। पुलिसकर्मी इनको दूर भगाते थे तो वे कुछ देर बात दोबारा आ जाते थे।
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कंडेला से गाड़ी में भर कर आए यूपी के मजदूर, वापस भेजा
प्रवासियों को घर भेजने की सूचना पर काफी संख्या में लोग गाड़ी में भर कर राजकीय कॉलेज के बाहर पहुंच गए। यह लोग कंडेला गांव निवासी शमशेर के पास गन्ने की छिलाई करने के लिए आए थे। 15 दिन से काम नहीं होने के बावजूद इन्हें रखा गया है, लेकिन अब यह लोग घर जाना चाहते थे, लेकिन राजयकी कॉलेज के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि सिर्फ बिहार के लोगों को ही भेजा जा रहा है। ऐसे में शमशेर इनको वापस अपने साथ ले गया।
प्रशासन की तरफ से आया था फोन, अब किया मना
प्रशासन की तरफ से फोन आया था कि उन्हें घर भेजा जा रहा है। उन्होंने पहले अपना पंजीकरण करवा रखा है। जब कॉलेज पहुंचे तो यहां पुलिसकर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया। इस पर उसी नंबर पर फोन किया, जहां से सूचना मिली भी। वहां बात कर रहे कर्मचारी ने पुलिसकर्मी से बात करवाने को कहा, लेकिन पुलिसकर्मी ने बात नहीं की। इससे यहीं चक्कर काट रहे हैं। घर जाने के लिए सुबह जल्दी निकले थे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक खाना-पानी भी नहीं मिला है।
दिनेश शाह, छपरा, बिहार।
प्रवासियों को भेजा जाए घर
सीटू के जिला अध्यक्ष सतबीर खरल, जिला सचिव कपूर सिंह व कोषाध्यक्ष सुभाष तिवारी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को उनके घर जल्द भेजा जाए। उन्होंने कहा कि मजदूरों को भूख से और शोषण से बचाने के मुद्दों पर गंभीर प्रयास नहीं हो रहे हैं। सरकार मजदूर व जरूरतमंद परिवार को सूखा राशन उपलब्ध करवाए। जो आज बेरोजगारी की हालत में हैं, उन तमाम परिवारों को 7500 रुपये नगद राशि प्रत्येक माह अगले छह महीने तक उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि भट्ठा मजदूरों तक अभी भी राशन नहीं पहुंचा है और न ही असंगठित मजदूरों तक। इसलिए राज्य मजदूरों की सहायता करें और उनके घरों तक पहुंचवाने का प्रबंध करें।
जींद को नहीं मिला कोटा, खाने की जाएगी व्यवस्था
बुधवार को लोगों को भेजना था, लेकिन हिसार से चलने वाली ट्रेन में जींद को कोटा नहीं मिला। ऐसे में वीरवार को हिसार व अंबाला से चलने वाली ट्रेन में भेजा जाएगा। खाने की जो व्यवस्था की थी, लोग उससे अधिक आ गए, इसके चलते खाने की दिक्कत आई है। अब यह व्यवस्था की गई है कि जितने मजदूरों को बुलाया जाएगा, उससे दो गुणा खाना मंगवाया जाएगा। प्रवासी लोग संयम रखें। सभी को घर भेजा जाएगा, लेकिन वे सरकारी कार्यालयों में नहीं पहुंचे। अपना पंजीकरण करवाएं। इसके लिए प्रवासी हेल्पलाइन नंबर 01681-246820, 245206, 246151, 246150 फोन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
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गौरतलब है कि देशभर में ऐसे लोगों को घर भेजा जा रहा है, जो अपने राज्य से बाहर जाकर काम करते थे। इसके तहत जींद जिले में चार हजार से अधिक लोगों की पहचान की गई है। इनमें से 287 लोगों को जींद के राजकीय कॉलेज में रखा गया है। यहां से उन्हें रोडवेज की बस से हिसार भेजना था, लेकिन बुधवार को मजदूर नहीं जा सके। जिले से कुल 486 लोगों को भेजा जाना है। इनमें से 287 लोगों को मंगलवार को ही राजकीय कॉलेज में बुला लिया गया था। मंगलवार को प्रवासियों को दिनभर भूखा रहना पड़ा। शाम सात बजे जाकर खाना मिला था। बुधवार को भी प्रवासियों को दिन में खाना नसीब नहीं हुआ।
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कॉलेज के बाहर मंडराते रहे लोग
घर जाने के लिए काफी मजदूर राजकीय कॉलेज के बाहर घूमते रहे। हालांकि इनको पुलिस ने कॉलेज के अंदर नहीं जाने दिया। पुलिसकर्मी इनको दूर भगाते थे तो वे कुछ देर बात दोबारा आ जाते थे।
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कंडेला से गाड़ी में भर कर आए यूपी के मजदूर, वापस भेजा
प्रवासियों को घर भेजने की सूचना पर काफी संख्या में लोग गाड़ी में भर कर राजकीय कॉलेज के बाहर पहुंच गए। यह लोग कंडेला गांव निवासी शमशेर के पास गन्ने की छिलाई करने के लिए आए थे। 15 दिन से काम नहीं होने के बावजूद इन्हें रखा गया है, लेकिन अब यह लोग घर जाना चाहते थे, लेकिन राजयकी कॉलेज के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि सिर्फ बिहार के लोगों को ही भेजा जा रहा है। ऐसे में शमशेर इनको वापस अपने साथ ले गया।
प्रशासन की तरफ से आया था फोन, अब किया मना
प्रशासन की तरफ से फोन आया था कि उन्हें घर भेजा जा रहा है। उन्होंने पहले अपना पंजीकरण करवा रखा है। जब कॉलेज पहुंचे तो यहां पुलिसकर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया। इस पर उसी नंबर पर फोन किया, जहां से सूचना मिली भी। वहां बात कर रहे कर्मचारी ने पुलिसकर्मी से बात करवाने को कहा, लेकिन पुलिसकर्मी ने बात नहीं की। इससे यहीं चक्कर काट रहे हैं। घर जाने के लिए सुबह जल्दी निकले थे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक खाना-पानी भी नहीं मिला है।
दिनेश शाह, छपरा, बिहार।
प्रवासियों को भेजा जाए घर
सीटू के जिला अध्यक्ष सतबीर खरल, जिला सचिव कपूर सिंह व कोषाध्यक्ष सुभाष तिवारी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को उनके घर जल्द भेजा जाए। उन्होंने कहा कि मजदूरों को भूख से और शोषण से बचाने के मुद्दों पर गंभीर प्रयास नहीं हो रहे हैं। सरकार मजदूर व जरूरतमंद परिवार को सूखा राशन उपलब्ध करवाए। जो आज बेरोजगारी की हालत में हैं, उन तमाम परिवारों को 7500 रुपये नगद राशि प्रत्येक माह अगले छह महीने तक उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि भट्ठा मजदूरों तक अभी भी राशन नहीं पहुंचा है और न ही असंगठित मजदूरों तक। इसलिए राज्य मजदूरों की सहायता करें और उनके घरों तक पहुंचवाने का प्रबंध करें।
जींद को नहीं मिला कोटा, खाने की जाएगी व्यवस्था
बुधवार को लोगों को भेजना था, लेकिन हिसार से चलने वाली ट्रेन में जींद को कोटा नहीं मिला। ऐसे में वीरवार को हिसार व अंबाला से चलने वाली ट्रेन में भेजा जाएगा। खाने की जो व्यवस्था की थी, लोग उससे अधिक आ गए, इसके चलते खाने की दिक्कत आई है। अब यह व्यवस्था की गई है कि जितने मजदूरों को बुलाया जाएगा, उससे दो गुणा खाना मंगवाया जाएगा। प्रवासी लोग संयम रखें। सभी को घर भेजा जाएगा, लेकिन वे सरकारी कार्यालयों में नहीं पहुंचे। अपना पंजीकरण करवाएं। इसके लिए प्रवासी हेल्पलाइन नंबर 01681-246820, 245206, 246151, 246150 फोन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

घर जाने के लिए कंडेला गांव से राजकीय कॉलेज पहुंचे उत्तर प्रदेश के श्रमिक।- फोटो : Jind

राजकीय कॉलेज के पास डेरा डाले बिहार के छपरा जिले ले लोग।- फोटो : Jind