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Jind News: वेतनमान बढ़ाने को लेकर मिड डे मील वर्करों ने निकाली शिक्षामंत्री के पुतले की शव यात्रा

Fri, 19 Jun 2026 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:03 AM IST
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Mid-day meal workers took out a funeral procession of the Education Minister's effigy demanding a pay hike.
फोटो 18जेएनडी30-मांगों को लेकर शहर में प्रदर्शन करती मिड डे मील वर्कर। स्रोत कार्यकर्ता
जींद। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने मानी गई मांगों को लागू न करने के विरोध में वीरवार को प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के पुतले की शव यात्रा निकाली। इसके बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
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मिड डे मील वर्कर्स नेहरू पार्क में एकत्रित हुईं। इसकी अध्यक्षता जिला उपप्रधान सरला ने की। मंच संचालन जिला सचिव सुनीता ने किया। उन्होंने बताया कि चार अगस्त को मुख्यमंत्री के कुरुक्षेत्र गृह जिले में राज्य स्तरीय हड़ताल होगी और उसी दिन से मुख्यमंत्री आवास पर पड़ाव डाला जाएगा। दस अगस्त को जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।
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यूनियन के राज्य कमेटी सदस्य संदीप जाजवान, सीटू के जिला उपप्रधान कपूर सिंह, सुमन, सरला, कमलेश ने बताया कि मिड डे मील स्कीम केंद्र सरकार की स्कीम है लेकिन केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने 11 सालों से मिड डे मील का एक भी पैसा नहीं बढ़ाया है।
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मानदेय भी केवल दस महीने का मिलता है जबकि काम 11 महीने करना पड़ता है। उनकी मांग है कि शिक्षकों व अन्य स्टाफ की तरह 12 महीने का वेतन दिया जाए। 30 हजार न्यूनतम वेतन तय किया जाए। मिड डे मील वर्कर्स की सेवाओं को पक्का किया जाए।
सेवानिवृत की आयु 65 वर्ष की जाए और सेवानिवृत्ति पर दो लाख रुपये दिए जाएं। वर्दी के लिए दो हजार रुपये दिए जाएं और हर माह सात तारीख को मानदेय का भुगतान हो।
जिला सचिव सुनीता ने कहा कि सरकार ने छह लाख के करीब बीपीएल परिवारों के राशन कार्ड काट दिए हैं और बिजली के बिलों में भारी बढ़ौतरी की गई है, जिससे मिड डे मील वर्कर्स को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्कूलों को बंद और मर्ज किया जा रहा है। सरकार अब तक पांच हजार स्कूलों को बंद कर चुकी है, जिनमें अधिकतर लड़कियों के प्राथमिक स्कूल हैं। इस अवसर पर सुमन, कमलेश, सुनीता, मीना, लक्ष्मी, सरोज, प्रवेश, रचना, वाला, पूजा, राजबाला, अनिता, कमलेश मौजूद रहे।
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