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Jind News: रक्षाबंधन पर सजा बाजार, राखियों में दिख रहा भाई-बहन का प्यार
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25जेएनडी27: बाजार में राखी के त्योहार को लेकर राखी खरीदती बहनें। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। रक्षा बंधन का त्योहार नजदीक आते ही शहर के बाजार राखियों की रंग-बिरंगी दुकानों और स्टॉलों से सज गए हैं। बाजार में 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं। हालांकि सामान्य परिवारों में 10 से 50 रुपये तक की राखियों की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है।
छोटे बच्चों के लिए खिलौने वाली महंगी राखियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बाजार में राखी के साथ कई तरह के गिफ्ट आइटम भी उपलब्ध हैं। रक्षा बंधन का त्योहार केवल कलाई पर धागा बाँधने तक सीमित नहीं है। बहन के लिए राखी की कीमत से ज्यादा मायने भाई का प्यार, अपनापन और उसकी खुशियां रखती हैं।
यही वजह है कि बाजार में सस्ती से लेकर महंगी राखियों की पूरी रेंज होने के बावजूद अधिकांश लोग अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार राखी खरीद रहे हैं। सड़कों के किनारे लगे छोटे-छोटे राखी स्टॉलों पर भी खरीदारों की भीड़ दिखाई दे रही है।
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बाजार में राखी के साथ चॉकलेट, गिफ्ट पैक, छोटे खिलौने और भाई-बहन के लिए विशेष उपहार भी बिक रहे हैं। बहनों का कहना है कि राखी चाहे दस रुपये की हो या पांच सौ रुपये की, असली खुशी भाई की कलाई पर इसे बाँधने और उसके साथ स्नेह का रिश्ता निभाने में है। राखी रामसिंह ने बताया कि 10 से 50 रुपये कीमत वाली राखियों की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है। इनमें रंगीन धागों, मोती, स्टोन, कार्टून और पारंपरिक डिजाइन वाली राखियां शामिल हैं। वहीं 50 से 150 रुपये तक की डिजाइनर और फैंसी राखियां भी पसंद की जा रही हैं। बहनें भाइयों की पसंद को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग डिजाइन तलाश रही हैं।
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जींद। रक्षा बंधन का त्योहार नजदीक आते ही शहर के बाजार राखियों की रंग-बिरंगी दुकानों और स्टॉलों से सज गए हैं। बाजार में 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं। हालांकि सामान्य परिवारों में 10 से 50 रुपये तक की राखियों की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है।
छोटे बच्चों के लिए खिलौने वाली महंगी राखियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बाजार में राखी के साथ कई तरह के गिफ्ट आइटम भी उपलब्ध हैं। रक्षा बंधन का त्योहार केवल कलाई पर धागा बाँधने तक सीमित नहीं है। बहन के लिए राखी की कीमत से ज्यादा मायने भाई का प्यार, अपनापन और उसकी खुशियां रखती हैं।
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यही वजह है कि बाजार में सस्ती से लेकर महंगी राखियों की पूरी रेंज होने के बावजूद अधिकांश लोग अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार राखी खरीद रहे हैं। सड़कों के किनारे लगे छोटे-छोटे राखी स्टॉलों पर भी खरीदारों की भीड़ दिखाई दे रही है।
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बाजार में राखी के साथ चॉकलेट, गिफ्ट पैक, छोटे खिलौने और भाई-बहन के लिए विशेष उपहार भी बिक रहे हैं। बहनों का कहना है कि राखी चाहे दस रुपये की हो या पांच सौ रुपये की, असली खुशी भाई की कलाई पर इसे बाँधने और उसके साथ स्नेह का रिश्ता निभाने में है। राखी रामसिंह ने बताया कि 10 से 50 रुपये कीमत वाली राखियों की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है। इनमें रंगीन धागों, मोती, स्टोन, कार्टून और पारंपरिक डिजाइन वाली राखियां शामिल हैं। वहीं 50 से 150 रुपये तक की डिजाइनर और फैंसी राखियां भी पसंद की जा रही हैं। बहनें भाइयों की पसंद को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग डिजाइन तलाश रही हैं।