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मार्केटिंग बोर्ड की बैठक में मंडी में बारिश का पानी भरने का उठा मुद्दा
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पुरानी मंडी में बारिश के बाद पानी की निकासी को लेकर मार्केटिंग बोर्ड विभाग द्वारा पाइप लाइन बिछाकर ड्रेन बनाने के बाद भी पानी की निकासी बारिश के साथ नहीं हो पा रही है। बारिश आने पर बिजली गुल होने से पानी की निकासी नहीं हो पाती थी। इस मुद्दे को बीते दिनों पंचकूला में हुई मार्केटिंग बोर्ड के प्रदेश के सदस्यों की बैठक में ओमप्रकाश थुआ ने पानी निकासी को लेकर जनरेटर की खरीद करने की मांग को उठाया ताकि बारिश के साथ-साथ जनरेटर के चलने पर पानी की निकासी हो सके। इस मांग को मार्केटिंग बोर्ड ने मानते हुुए मार्केट कमेटी सचिव को जनरेटर की खरीद के लिए पत्र लिखा। जनरेटर की खरीद को लेकर अब मार्केटिंग बोर्ड ने कागजी कार्रवाई शुरू की है। जल्द इसके टेंडर होने के बाद मार्केट कमेटी को पानी की निकासी के लिए 78 केवी का जनरेटर मिलेगा।
कई सालों से पानी निकासी की समस्या
ओमप्रकाश थुआ ने बताया कि बारिश के मौसम में पुरानी मंडी में पानी की निकासी यहां पर ड्रेन बनाने के बावजूद भी नहीं हो पाई। इसका कारण बारिश के साथ ही बिजली गुल होना है। यहां पर कई बार मार्केट कमेटी किराये पर जनरेटर भी लेकर आई, लेकिन नियमित रूप से जनरेटर की मांग किसान, आढ़ती, राहगीर कर रहे थे। बीते माह पंचकूला में प्रदेश के मार्केटिंग बोर्ड के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें पानी निकासी को लेकर जनरेटर की खरीद मार्केट कमेटी द्वारा किए जाने की मांग को रखा था। यह मांग तुरंत मार्केटिंग बोर्ड के सीए ने मानते हुए सचिव को पत्र लिखा। कुछ दिनों में इसको लेकर टेंडर हो जाएंगे। 78 केवी के जनरेटर की खरीद मार्केटिंग बोर्ड करेगा।
बारिश के बाद मंडी में भर जाता है पानी
बारिश के बाद मंडी में कई फीट पानी भर जाता है। कई बार तो बारिश के अगले दिन तक पानी मंडी में भरा रहता है। मंडी का प्रमुख रास्ता होने के चलते आढ़तियों, वाहन चालकों को परेशानी होती है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, शहर के प्रमुख बाजारों में जाने के लिए राहगीर, वाहन चालक इसी रास्ते से गुजरते हैं। बीते दिनों गेहूं के सीजन में पानी की निकासी ना होने से गेहूं के बैग भी पानी में डूब गए थे। ऐसे में बार-बार यहां के लोग मार्केटिंग बोर्ड से जनरेटर खरीद की मांग करते आ रहे थे, ताकि बारिश के समय बिजली गुल होने पर जनरेटर चलने से पानी की निकासी साथ-साथ हो सकें।
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कई सालों से पानी निकासी की समस्या
ओमप्रकाश थुआ ने बताया कि बारिश के मौसम में पुरानी मंडी में पानी की निकासी यहां पर ड्रेन बनाने के बावजूद भी नहीं हो पाई। इसका कारण बारिश के साथ ही बिजली गुल होना है। यहां पर कई बार मार्केट कमेटी किराये पर जनरेटर भी लेकर आई, लेकिन नियमित रूप से जनरेटर की मांग किसान, आढ़ती, राहगीर कर रहे थे। बीते माह पंचकूला में प्रदेश के मार्केटिंग बोर्ड के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें पानी निकासी को लेकर जनरेटर की खरीद मार्केट कमेटी द्वारा किए जाने की मांग को रखा था। यह मांग तुरंत मार्केटिंग बोर्ड के सीए ने मानते हुए सचिव को पत्र लिखा। कुछ दिनों में इसको लेकर टेंडर हो जाएंगे। 78 केवी के जनरेटर की खरीद मार्केटिंग बोर्ड करेगा।
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बारिश के बाद मंडी में भर जाता है पानी
बारिश के बाद मंडी में कई फीट पानी भर जाता है। कई बार तो बारिश के अगले दिन तक पानी मंडी में भरा रहता है। मंडी का प्रमुख रास्ता होने के चलते आढ़तियों, वाहन चालकों को परेशानी होती है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, शहर के प्रमुख बाजारों में जाने के लिए राहगीर, वाहन चालक इसी रास्ते से गुजरते हैं। बीते दिनों गेहूं के सीजन में पानी की निकासी ना होने से गेहूं के बैग भी पानी में डूब गए थे। ऐसे में बार-बार यहां के लोग मार्केटिंग बोर्ड से जनरेटर खरीद की मांग करते आ रहे थे, ताकि बारिश के समय बिजली गुल होने पर जनरेटर चलने से पानी की निकासी साथ-साथ हो सकें।
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