{"_id":"63066f9212860c066e51b6b8","slug":"lumpy-skin-disease-infects-850-animals-jind-news-rtk6559762162","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 95 गांवों व छह गोशालाओं के 850 में फैला लंपी वायरस का प्रकोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 95 गांवों व छह गोशालाओं के 850 में फैला लंपी वायरस का प्रकोप
विज्ञापन
जींद। जिले में लंपी चर्म रोग लगातार पैर पसार रहा है। बुधवार तक जिले के 95 गांवों व छह गोशालाओं के 850 पशुओं को अपनी चपेट में लिया है, हालांकि पशुपालन विभाग किसी भी पशु की मौत की पुष्टि नहीं कर रहा, लेकिन जिले में अब तक छह पशुओं की मौत भी हो चुकी हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए पशुपालन विभाग तथा पशुपालकों को चिंता बनी हुई है।
इसके बावजूद भी जिले में लंपी चर्म रोग से बचाव के लिए पांच दिन बाद भी वैक्सीन नहीं पहुंची। जिससे गोवंश को बचाया जा सके। वैक्सीन नहीं पहुंचने के चलते गोवंश पालकों को इसके ज्यादा प्रकोप का डर सता रहा है। जिले में लगभग 1.16 लाख गाय हैं। इसमें से 35 हजार के आसपास गोशालाओं में हैं। जिले की छह गोशालाओं में भी लंपी चर्म रोग प्रकोप फैला हुआ है। इन छह गोशालाओं में 72 गायें चपेट में हैं। जिसके चलते अब गोशालाओं में ज्यादा गाय होने के कारण इनमें बड़े स्तर पर लंपी चर्म रोग फैलने का डर बना हुआ है। इसके अलावा जिले में लंपी चर्म रोग से ग्रस्त 240 पशु ठीक भी हो चुके हैं। पशुपालन विभाग के अनुसार पशुपालकों को पशुओं को बचाने के लिए गाइडलाइन के अनुसार बीमारी से ग्रस्त पशु को एकांत में रखकर उसके खाने का ध्यान देना चाहिए। लंपी चर्म रोग के प्रकोप से पशुओं को बचाने के लिए जिले की सभी गोशालाओं में पशुपालन विभाग ने दवाई का छिड़काव कराया है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर भी छिड़काव के लिए चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं, ताकि इस रोग को फैलने से रोका जा सके।
लंपी चर्म रोग से पशुओं को बचाने के लिए जिले में लगभग एक सप्ताह पहले छह हजार वैक्सीन आई थी। जिसको पशुपालन विभाग ने दो दिन में ही पशुओं को लगा दिया था, लेकिन अब फिर से 80 हजार वैक्सीन वीरवार तक आने की उम्मीद है। वैक्सीन आने के बाद पशुओं को लगाने के लिए शेड्यूल बनाया जाएगा, ताकि समय रहते वैक्सीन लगाई जा सके। -रविंद्र हुड्डा डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बावजूद भी जिले में लंपी चर्म रोग से बचाव के लिए पांच दिन बाद भी वैक्सीन नहीं पहुंची। जिससे गोवंश को बचाया जा सके। वैक्सीन नहीं पहुंचने के चलते गोवंश पालकों को इसके ज्यादा प्रकोप का डर सता रहा है। जिले में लगभग 1.16 लाख गाय हैं। इसमें से 35 हजार के आसपास गोशालाओं में हैं। जिले की छह गोशालाओं में भी लंपी चर्म रोग प्रकोप फैला हुआ है। इन छह गोशालाओं में 72 गायें चपेट में हैं। जिसके चलते अब गोशालाओं में ज्यादा गाय होने के कारण इनमें बड़े स्तर पर लंपी चर्म रोग फैलने का डर बना हुआ है। इसके अलावा जिले में लंपी चर्म रोग से ग्रस्त 240 पशु ठीक भी हो चुके हैं। पशुपालन विभाग के अनुसार पशुपालकों को पशुओं को बचाने के लिए गाइडलाइन के अनुसार बीमारी से ग्रस्त पशु को एकांत में रखकर उसके खाने का ध्यान देना चाहिए। लंपी चर्म रोग के प्रकोप से पशुओं को बचाने के लिए जिले की सभी गोशालाओं में पशुपालन विभाग ने दवाई का छिड़काव कराया है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर भी छिड़काव के लिए चिकित्सकों को निर्देश दिए हैं, ताकि इस रोग को फैलने से रोका जा सके।
विज्ञापन
लंपी चर्म रोग से पशुओं को बचाने के लिए जिले में लगभग एक सप्ताह पहले छह हजार वैक्सीन आई थी। जिसको पशुपालन विभाग ने दो दिन में ही पशुओं को लगा दिया था, लेकिन अब फिर से 80 हजार वैक्सीन वीरवार तक आने की उम्मीद है। वैक्सीन आने के बाद पशुओं को लगाने के लिए शेड्यूल बनाया जाएगा, ताकि समय रहते वैक्सीन लगाई जा सके। -रविंद्र हुड्डा डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन विभाग।
विज्ञापन