{"_id":"6a65007fb25d6e865005ae83","slug":"lord-krishna-incarnated-to-establish-righteousness-and-destroy-unrighteousness-storyteller-jind-news-c-199-1-sroh1009-157349-2026-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए हुआ श्रीकृष्ण अवतार : कथा वाचक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए हुआ श्रीकृष्ण अवतार : कथा वाचक
विज्ञापन
25जेएनडी25: जयंती देवी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा के दौरान पूजा अर्चना करती महिलाएं।
जींद। जयंती देवी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। कथा वाचक पंडित गिरधारी लाल, राधाकुंड मथुरा ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई। श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आते ही मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे।
कथा वाचक ने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी अत्याचार और अधर्म के अंत के लिए हुआ था।
उन्होंने कंस के अत्याचार और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन किया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किया और भगवान के जयकारे लगाए। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। कथा वाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं मानव जीवन को सत्य, धर्म और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। इस दौरान मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने भी श्री कृष्ण जन्मोत्सव के बारे में बताया।
विज्ञापन
कथा वाचक ने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी अत्याचार और अधर्म के अंत के लिए हुआ था।
विज्ञापन
उन्होंने कंस के अत्याचार और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन किया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किया और भगवान के जयकारे लगाए। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। कथा वाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं मानव जीवन को सत्य, धर्म और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। इस दौरान मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने भी श्री कृष्ण जन्मोत्सव के बारे में बताया।