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Jind News: सफीदों मंडी में धीमी गति से चल रहा उठान

Thu, 24 Apr 2025 02:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Thu, 24 Apr 2025 02:34 AM IST
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Lifting is going on at a slow pace in Safidon Mandi
23जेएनडी27-मंडी में पड़े गेहूं के ढेर व बोरियों के स्टैक। संवाद
सफीदों। सफीदों अनाजमंडी में गेहूं का सीजन जोरशोर से चल रहा है। किसानों के खेतों से तो काफी हद तक गेहूं मंडी में आ चुकी है। मंडी में जहां पर नजर दौड़ाओ, वहीं पर गेहूं के बड़े-बड़े ढेर और बोरियों के स्टैक नजर आते हैं। मंडी में कहीं पर भी कोई स्थान बाकी नहीं है।
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मंडी में सबसे अधिक दिक्कत उठान कार्य में आ रही है। अगर यूं कहें तो भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मंडी में उठान का कार्य कछुआ चाल से हो रहा है। अगर आंकड़ों की बात करें तो अब तक मंडी में आठ लाख 40 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है।
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इसमें से मात्र एक लाख 60 हजार क्विंटल गेहूं का उठान हो पाया है। उठान नहीं होने के कारण आढ़तियों और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और प्रशासन की ओर से खरीद के 72 घंटे के बाद उठान किए जाने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन सभी दावे धरे के धरे रह गए है।
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वहीं सफीदों अनाजमंडी में वेयर हाउस, हैफेड और फूड एंड सप्लाई गेंहू की खरीद का कार्य कर रही है। आढ़तियों ने बताया कि गेहूं का उठान अत्यंत धीमा होने से मंडी में हर जगह बैग ही बैग नजर आ रहे हैं। खरीद के बाद से ही गेहूं का उठान धीमा चल रहा है। वह कई बार गेहूं के उठान में तेजी कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। आढ़तियों का कहना है कि मंडी में इस वक्त कई लाख गेंहू के बैग पड़े हुए हैं और ऊपर से कई बार मौसम खराब हो चुका है। अगर फिर से बारिश आ गई तो स्थिति बेहद खराब हो सकती है। उन्हें गेहूं के सुरक्षित रखने के लिए भारी भरकम खर्च लेबर पर करना पड़ रहा है। जगह बनवाने के लिए गेहूं की बोरियों के स्टैक लगवाने पड़ रहे हैं।

नियम तो खरीद के 72 घंटे में गेहूं के बैग उठाने का है, लेकिन नियमों पर कोई भी खरीद एजेंसी खरी नहीं उतर पा रही है। सरकार की तरफ किसानों का करोड़ों रुपया खड़ा है। ऐसे में किसानों को तत्काल पेमेंट उपलब्ध करवाने के भी दावे धराशायी हो गए हैं।
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