Haryana: जींद में सरपंचों पर लाठीचार्ज, 54 को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ा, डीसी को ज्ञापन देने के लिए अड़े थे
सरपंच डीसी को ज्ञापन देने की मांग पर तीन घंटे से ज्यादा लघु सचिवालय के गेट पर डटे थे। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उनको दौड़ा-दौडक़र पीटा। इसके बाद 54 सरपंचों को हिरासत में लेकर दो बसों में भरकर पुलिस लाइन ले जाया गया।
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हरियाणा के जींद में डीसी को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े सरपंचों पर रविवार को पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उनको दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसके बाद 54 सरपंचों को हिरासत में लेकर दो बसों में भरकर पुलिस लाइन ले जाया गया। इसके बाद सरपंचों को छोड़ दिया गया। इस दौरान कई पुलिस कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं।
सोमवार को जिलेभर के सरपंच ई-टेंडरिंग के विरोध में जींद के नेहरू पार्क में एकत्रित हुए थे। इसके बाद शहर में प्रदर्शन करते हुए डीसी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने डीसी डॉ. मनोज कुमार को ज्ञापन देने की मांग की। इसको लेकर सीटीएम ज्ञापन लेने पहुंचे तो सरपंचों ने ज्ञापन देने से मना कर दिया।
वे केवल डीसी को ही ज्ञापन देने की मांग पर अड़े थे। इसके कई देर बाद कोई अधिकारी ज्ञापन नहीं लेने आया तो सरपंच लघु सचिवालय के गेट के बीच में बैठ गए। इससे लघु सचिवालय के अंदर-बाहर जाने का रास्ता बंद हो गया। मौके पर पहुंचे डीएसपी रोहताश ढुल और शहर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह डीसी से मुलाकात करने पहुंचे तो सरपंचों ने उन्हें भी अंदर नहीं घुसने दिया।
इस दौरान शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह की सरपंचों से भी बहस हुई। करीब तीन घंटे धरना चलने के बाद जब पुलिस प्रशासन ने सरपंचों को लघु सचिवालय के गेट से उठाना चाहा तो सरपंचों ने विरोध किया। पुलिस के बार-बार अनुरोध करने पर भी सरपंच ने माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। उसके बाद उन्हें दो बसों में भरकर पुलिस लाइन ले जाया गया।
पुलिस ने सरपंचों को समझाया था। जब वह नहीं माने तो लघु सचिवालय के गेट से हटाया था। सरपंचों पर कोई लाठीचार्ज नहीं किया। पुलिस ने 54 सरपंचों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। -नरेंद्र बिजारनिया, एसपी जींद।