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Jind News: भू-मालिकों के भूमि रिकॉर्ड आधार से होंगे लिंक, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
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जींद। प्रदेश में जमीन रिकॉर्ड को सुरक्षित, पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब सभी भू-मालिकों के जमीन रिकॉर्ड को आधार संख्या से जोड़ा जाएगा, जिससे हर व्यक्ति की जमीन का सत्यापित डिजिटल डाटा तैयार हो सकेगा। इस पहल से जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली फर्जीवाड़े की घटनाओं पर भी रोक लग सकेगी।
राजस्व विभाग की ओर से इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। प्रदेश में एक करोड़ 69 लाख 64,457 लोग विभिन्न तरह की कृषि एवं गैर-कृषि भूमि के मालिक हैं। विभाग का उद्देश्य सभी भू-मालिकों का सत्यापित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे भूमि से जुड़े दस्तावेजों की विश्वसनीयता बढ़े और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना कम हो।
आधार लिंक होने के बाद भूमि स्वामी की पहचान का सत्यापन आसान होगा और रजिस्ट्री प्रक्रिया भी अधिक सुरक्षित बनेगी। जमीन के रिकॉर्ड को आधार कार्ड से जोड़ना जमीनी धोखाधड़ी रोकने और सरकारी योजना जैसे पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
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कई मामलों में फर्जी पहचान पत्रों और गलत दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। आधार लिंक होने से उत्तराधिकार, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी। भू-मालिकों को आधार लिंक कराने के लिए तहसील और राजस्व कार्यालयों के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लोगों को आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
भू-मालिकों का जिला-वार रिकॉर्ड
नाम-कुल रिकॉर्ड
अंबाला-774776
भिवानी-937789
चरखी दादरी-512643
फरीदाबाद-591323
फतेहाबाद-649118
गुरुग्राम-809524
हांसी-358491
हिसार-672585
झज्जर-937438
जींद-914236
कैथल-816242
करनाल-852087
कुरुक्षेत्र-613424
महेंद्रगढ़-849102
मेवात-705578
पलवल-887149
पंचकूला-288523
पानीपत-679045
रेवाड़ी-786761
रोहतक-702559
सिरसा-894314
सोनीपत-1041843
यमुनानगर-689907
कुल-16964457
वर्जन
भूमि रिकॉर्ड को आधार से जोड़ा जाएगा। इससे प्रत्येक व्यक्ति की जमीन का रिकॉर्ड परिवार पहचान पत्र से जुड़ेगा जिससे उस व्यक्ति की आय के बारे में पूरी जानकारी हासिल हो सकेगी। -डॉ. वैशाली, डीसी, जींद
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राजस्व विभाग की ओर से इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। प्रदेश में एक करोड़ 69 लाख 64,457 लोग विभिन्न तरह की कृषि एवं गैर-कृषि भूमि के मालिक हैं। विभाग का उद्देश्य सभी भू-मालिकों का सत्यापित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे भूमि से जुड़े दस्तावेजों की विश्वसनीयता बढ़े और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना कम हो।
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आधार लिंक होने के बाद भूमि स्वामी की पहचान का सत्यापन आसान होगा और रजिस्ट्री प्रक्रिया भी अधिक सुरक्षित बनेगी। जमीन के रिकॉर्ड को आधार कार्ड से जोड़ना जमीनी धोखाधड़ी रोकने और सरकारी योजना जैसे पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
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कई मामलों में फर्जी पहचान पत्रों और गलत दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। आधार लिंक होने से उत्तराधिकार, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी। भू-मालिकों को आधार लिंक कराने के लिए तहसील और राजस्व कार्यालयों के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लोगों को आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
भू-मालिकों का जिला-वार रिकॉर्ड
नाम-कुल रिकॉर्ड
अंबाला-774776
भिवानी-937789
चरखी दादरी-512643
फरीदाबाद-591323
फतेहाबाद-649118
गुरुग्राम-809524
हांसी-358491
हिसार-672585
झज्जर-937438
जींद-914236
कैथल-816242
करनाल-852087
कुरुक्षेत्र-613424
महेंद्रगढ़-849102
मेवात-705578
पलवल-887149
पंचकूला-288523
पानीपत-679045
रेवाड़ी-786761
रोहतक-702559
सिरसा-894314
सोनीपत-1041843
यमुनानगर-689907
कुल-16964457
वर्जन
भूमि रिकॉर्ड को आधार से जोड़ा जाएगा। इससे प्रत्येक व्यक्ति की जमीन का रिकॉर्ड परिवार पहचान पत्र से जुड़ेगा जिससे उस व्यक्ति की आय के बारे में पूरी जानकारी हासिल हो सकेगी। -डॉ. वैशाली, डीसी, जींद