{"_id":"681e565c73d25d0e880a4ffc","slug":"lack-of-documents-cannot-stop-admission-of-children-in-government-schools-jind-news-c-17-roh1018-649698-2025-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: दस्तावेजों की कमी से नहीं रोक सकते सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: दस्तावेजों की कमी से नहीं रोक सकते सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले
विज्ञापन
झज्जर। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के दस्तावेज न होने के कारण उनको दाखिला देने से इंकार किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा निदेशालय के पास जानकारी पहुंचने के बाद मुख्यालय ने इस बारे में पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। मुख्यालय ने आदेश जारी किए हैं कि दस्तावेज न होने की स्थिति में किसी भी विद्यार्थी को दाखिला देने से इंन्कार नहीं किया जाएगा।
शिक्षा निदेशालय ने जारी पत्र में कहा है कि विभाग के संज्ञान में यह बात लाई गई है कि कई मामलों में विद्यार्थियों को आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) आदि आवश्यक दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण सरकारी स्कूलों में प्रवेश से वंचित किया जा रहा है। इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि दस्तावेजों की अनुपलब्धता या अनुपस्थिति किसी भी बच्चे को प्रवेश देने से इंकार करने का कारण नहीं बन सकती।
निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई अधिनियम) के प्रावधानों के अनुसार किसी भी बच्चे को दस्तावेजों के अभाव में स्कूल में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। प्रत्येक बच्चे को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का मौलिक अधिकार है और इसे सभी स्तरों पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र मलिक ने बताया कि दस्तावेजों के अभाव में किसी बच्चे को दाखिले से इंकार नहीं किया जा सकता। उस बच्चे का ऑफलाइन दाखिला किया जाएगा। दस्तावेज पूर्ण होने के बाद उसे आनलाइन किया जाएगा।
विज्ञापन
डीईओ दें स्कूल मुखियाओं को निर्देश
पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी इन निर्देशों को अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी स्कूलों के प्रमुखों तक तत्काल प्रभाव से प्रसारित करें। सभी स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रवेश उत्सव के दौरान दस्तावेजों के अभाव के कारण किसी भी बच्चे को प्रवेश से वंचित न किया जाए या प्रवेश से वंचित न किया जाए।
रजिस्टर में दर्ज करना होगा ऑफलाइन विवरण
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि दस्तावेज की कमी वाले बच्चों का स्कूलों में तुरंत प्रवेश कराएं। स्कूल के रजिस्टर में ऑफलाइन एडमिशन का विवरण दर्ज किया जाए, प्रवेश के लिए उपयुक्त ऑफलाइन अनुभाग में छात्र का डेटा अपलोड किया जाए, बच्चे या उसके माता-पिता व अभिभावक को आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए उचित समय दें। एक बार दस्तावेज प्राप्त हो जाने पर पिछले वर्ष की तरह ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाए।
विज्ञापन
शिक्षा निदेशालय ने जारी पत्र में कहा है कि विभाग के संज्ञान में यह बात लाई गई है कि कई मामलों में विद्यार्थियों को आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) आदि आवश्यक दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण सरकारी स्कूलों में प्रवेश से वंचित किया जा रहा है। इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि दस्तावेजों की अनुपलब्धता या अनुपस्थिति किसी भी बच्चे को प्रवेश देने से इंकार करने का कारण नहीं बन सकती।
विज्ञापन
निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई अधिनियम) के प्रावधानों के अनुसार किसी भी बच्चे को दस्तावेजों के अभाव में स्कूल में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। प्रत्येक बच्चे को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का मौलिक अधिकार है और इसे सभी स्तरों पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र मलिक ने बताया कि दस्तावेजों के अभाव में किसी बच्चे को दाखिले से इंकार नहीं किया जा सकता। उस बच्चे का ऑफलाइन दाखिला किया जाएगा। दस्तावेज पूर्ण होने के बाद उसे आनलाइन किया जाएगा।
विज्ञापन
डीईओ दें स्कूल मुखियाओं को निर्देश
पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी इन निर्देशों को अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी स्कूलों के प्रमुखों तक तत्काल प्रभाव से प्रसारित करें। सभी स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रवेश उत्सव के दौरान दस्तावेजों के अभाव के कारण किसी भी बच्चे को प्रवेश से वंचित न किया जाए या प्रवेश से वंचित न किया जाए।
रजिस्टर में दर्ज करना होगा ऑफलाइन विवरण
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि दस्तावेज की कमी वाले बच्चों का स्कूलों में तुरंत प्रवेश कराएं। स्कूल के रजिस्टर में ऑफलाइन एडमिशन का विवरण दर्ज किया जाए, प्रवेश के लिए उपयुक्त ऑफलाइन अनुभाग में छात्र का डेटा अपलोड किया जाए, बच्चे या उसके माता-पिता व अभिभावक को आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए उचित समय दें। एक बार दस्तावेज प्राप्त हो जाने पर पिछले वर्ष की तरह ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाए।