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संविधान में गांव की परिभाषा का अभाव बड़ी चूक : प्रो. सुनील जागलान

Tue, 25 Nov 2025 11:46 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 25 Nov 2025 11:46 PM IST
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Lack of definition of village in the Constitution is a big omission: Prof. Sunil Jaglan
23जेएनडी27: सुनील जागलान।
जींद। संविधान दिवस पर ग्राम पंचायतें सभी मुद्दों को उठाएंगी। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में गांव की कोई स्पष्ट परिभाषा अब तक क्यों नहीं है। इस सवाल को प्रमुखता से उठाते हुए ग्राम एसोसिएशन ऑफ भारत ने राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत कर दी है। लाखों ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं से प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे जाएंगे।
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इनमें संविधान में गांव की विधिवत परिभाषा जोड़ने की मांग शामिल होगी। ग्राम एसोसिएशन ऑफ भारत के शेरपा और सामाजिक कार्यकर्ता प्रो. सुनील जागलान ने कहा कि देश के सबसे बड़े लिखित संविधान में गांव की परिभाषा का अभाव एक बड़ी चूक है।
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महात्मा गांधी कहते थे कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है लेकिन संविधान में गांव को परिभाषित न करके हमने उस आत्मा को ही अस्पष्ट छोड़ दिया। 73वें संविधान संशोधन में पंचायतों को अधिकार तो मिले लेकिन गांव की मूल पहचान अभी भी दस्तावेजों में स्पष्ट नहीं है।
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उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब 70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी को उसकी पहचान और सम्मान संविधान में सुनिश्चित किया जाए। संविधान सभा में अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन गांव की परिभाषा किसी ने नहीं लिखी। संविधान दिवस पर हम इस ऐतिहासिक कमी को दूर करने की प्रतिज्ञा लें।
उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मांग को समझते हुए इसे गंभीरता से विचारेंगे। ग्राम एसोसिएशन ऑफ भारत ने देशभर के सरपंचों, पंचायत सदस्यों, प्रधानों और मुखियाओं से अपील की है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में जल्द प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजें।

बाक्स
सुनील जागलान हरियाणा के बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच हैं। जिन्हें देश को पहली महिला-हितैषी, बाल-हितैषी और डिजिटल पंचायत देने का श्रेय है। उन्हें दो राष्ट्रीय पुरस्कार, दो फिल्मफेयर पुरस्कार उनकी डॉक्यूमेंट्री पर मिल चुके हैं। उनके गांव पर आधारित पाठ “ए विलेज नेम्ड बीबीपुर” कक्षा आठवीं में पढ़ाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौ बार उनके कार्यों की सार्वजनिक सराहना कर चुके हैं जबकि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया था।
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