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Jind News: ऐतिहासिक गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब में सजा कीर्तन दरबार
Mon, 14 Apr 2025 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 14 Apr 2025 11:51 PM IST
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14जेएनडी01-गुरु तेग बहादुर साहिब में आयोजित कीर्तन दरबार में गुरु महिमा का गुणगान करते हुए रागी
जींद। खालसा साजना दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब में सायंकालीन कीर्तन दरबार सजाया गया। गुरुघर के प्रवक्ता बलविंदर सिंह ने बताया कि कीर्तन दरबार में गुरुद्वारा साहिब के रागी जसबीर सिंह रमदसिया के रागी जत्थे ने गुरुबाणी शब्द गायन किए। इसके बाद छठी पातशाही गुरुद्वारा कुरुक्षेत्र के हजूरी रागी भाई जगसीर सिंह के रागी जत्थे ने गुरु महिमा के गुरुबाणी शब्द सुनाकर संगतों को निहाल किया और गुरु गोबिंद सिंह की जीवनी से रूबरू कराया।
कीर्तन दरबार में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नवनिर्वाचित सदस्य सरदार करनैल सिंह निम्नाबाद ने भी शिरकत की और संगतों को गुरु साहिब के आदर्शों और उनके दिखाए मार्ग चलने का आह्वान किया। सरदार करनैल सिंह निम्नाबाद ने कहा कि सन 1699 में गुरु गोबिंद सिंह साहिब ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि गुरु ने छुआछूत, ढोंग, आडंबर, पाखंड का खंडन करते हुए समाज में समानता और सेवा भाव को बढ़ावा दिया। आज हमें गुरु के दिखाए सन्मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने कहा था कि हमें ईमानदारी से अपनी कमाई करनी चाहिए और दूसरों की निंदा, चुगली से बचना चाहिए। जब आप अपने अंदर से अहंकार मिटा देंगे तभी आपको वास्तविक शांति प्राप्त होगी। अहंकार के बिना ही सच्ची शांति मिल सकती है। गुरु गोबिंद सिंह ने कहा कि हमें अपनी कमाई का 10वां हिस्सा हमेशा निकालना चाहिए। कमाई आप चाहे जितनी भी करें, लेकिन कमाई में से हमेशा 10वां हिस्सा जरूर निकालें और उसे किसी जरूरतमंद को दान में दें। गुरु गोबिंद सिंह का मानना है कि हमें कभी भी अपने पैसे, जवानी और अपने धर्म या जात का अभिमान नहीं करना चाहिए। यह सभी चीजें नश्वर हैं। इस मौके पर गुरुद्वारा मैनेजर गुरविंदर सिंह चौगामा, हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य करनैल सिंह निम्नाबाद, गुरुद्वारा साहिब के हैड ग्रंथी गुरविंदर सिंह, सतनाम सिंह घुम्मन, इंद्रजीत सिंह बिट्टू, गुरभेद सिंह विर्क, आजाद सिंह, निंदरपाल सिंह, मेजर सिंह और शेर सिंह मौजूद रहे। कीर्तन दरबार के बाद संगतों में गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया।
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कीर्तन दरबार में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नवनिर्वाचित सदस्य सरदार करनैल सिंह निम्नाबाद ने भी शिरकत की और संगतों को गुरु साहिब के आदर्शों और उनके दिखाए मार्ग चलने का आह्वान किया। सरदार करनैल सिंह निम्नाबाद ने कहा कि सन 1699 में गुरु गोबिंद सिंह साहिब ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि गुरु ने छुआछूत, ढोंग, आडंबर, पाखंड का खंडन करते हुए समाज में समानता और सेवा भाव को बढ़ावा दिया। आज हमें गुरु के दिखाए सन्मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने कहा था कि हमें ईमानदारी से अपनी कमाई करनी चाहिए और दूसरों की निंदा, चुगली से बचना चाहिए। जब आप अपने अंदर से अहंकार मिटा देंगे तभी आपको वास्तविक शांति प्राप्त होगी। अहंकार के बिना ही सच्ची शांति मिल सकती है। गुरु गोबिंद सिंह ने कहा कि हमें अपनी कमाई का 10वां हिस्सा हमेशा निकालना चाहिए। कमाई आप चाहे जितनी भी करें, लेकिन कमाई में से हमेशा 10वां हिस्सा जरूर निकालें और उसे किसी जरूरतमंद को दान में दें। गुरु गोबिंद सिंह का मानना है कि हमें कभी भी अपने पैसे, जवानी और अपने धर्म या जात का अभिमान नहीं करना चाहिए। यह सभी चीजें नश्वर हैं। इस मौके पर गुरुद्वारा मैनेजर गुरविंदर सिंह चौगामा, हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य करनैल सिंह निम्नाबाद, गुरुद्वारा साहिब के हैड ग्रंथी गुरविंदर सिंह, सतनाम सिंह घुम्मन, इंद्रजीत सिंह बिट्टू, गुरभेद सिंह विर्क, आजाद सिंह, निंदरपाल सिंह, मेजर सिंह और शेर सिंह मौजूद रहे। कीर्तन दरबार के बाद संगतों में गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया।

14जेएनडी01-गुरु तेग बहादुर साहिब में आयोजित कीर्तन दरबार में गुरु महिमा का गुणगान करते हुए रागी
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