फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Kandela Khap will now create a strategy for the farmer movement

किसान आंदोलन के लिए अब कंडेला खाप बनाएगी रणनीति

Sun, 31 Jan 2021 10:44 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 10:44 PM IST
विज्ञापन
Kandela Khap will now create a strategy for the farmer movement
सर्वजातीय सर्वखाप के राष्ट्रीय संयोजक टेकराम कंडेला। संवाद - फोटो : Jind
दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर अब तीन फरवरी को नए सिरे से कंडेला खाप के ऐतिहासिक चबूतरे पर रणनीति बनेगी। उस दिन भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत यहां आएंगे। इस दौरान लगभग 50 खापों के लोग इसमें भाग लेंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए नई रणनीति बनाएंगे।
विज्ञापन

28 जनवरी को जब किसान आंदोलन दम तोड़ता नजर आ रहा था तो रात को ही कंडेला खाप के लोगों ने जींद-चंडीगढ़ हाईवे जाम करके आंदोलन को नई संजीवनी दी थी। इसके बाद पूरे हरियाणा के लोग रात को ही गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत के पास पहुंच गए थे। अब फिर से तीन फरवरी को यहां होने वाली राकेश टिकैत की महापंचायत में इस आंदोलन को नई ऊर्जा मिलेगी।
विज्ञापन

बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के प्रभाव में कंडेला खाप के काफी गांव रहे हैं। जब 2002 में बिजली बिलों को लेकर भाकियू का आंदोलन चल रहा था तो पूरे आंदोलन का केंद्र कंडेला गांव था। यहां लोगों ने पुलिस अधिकारियों को बंधक बना लिया था। उस समय ओमप्रकाश चौटाला प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। यहां चली गोलियों में नौ किसानों की मौत हो गई थी, जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इसके बाद ओमप्रकाश चौटाला 2005 तक मुख्यमंत्री रहे, लेकिन वह कभी कंडेला गांव के रास्ते से जींद नहीं आए। लगभग सात साल बाद 2009 में कंडेला गांव में दुष्यंत चौटाला पहुंचे थे। इस प्रकार यह गांव अपने फैसलों के प्रति कठोर माना जाता है तथा अब तक भाकियू के जितने भी आंदोलन हुए सबसे में कंडेला खाप की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब फिर से दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर कंडेला खाप तैयार हो रही है। तीन फरवरी को राकेश टिकैत यहां पर एक पंचायत में भाग लेंगे। सर्वजातीय सर्वखाप एवं कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने कहा कि इस दिन पूरे प्रदेश से लगभग 50 खापों के लोग इस महापंचायत में आएंगे तथा भविष्य की रणनीति बनाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कंडेला गांव के लोग हैं रणनीतिकार
भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला भाकियू के रणनीतिकार माने जाते हैं। हर आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बिजली, पानी हो या फिर अन्य कोई मामला, जितना रामफल कंडेला को ज्ञान है, उतना विभाग के अधिकारियों को भी नहीं है। हर आंदोलन में रामफल कंडेला की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कैसे लोगों को संगठित करना है, कैसे अधिकारियों से बात मनवानी है तथा कैसे किसानों का पक्ष मजबूती के साथ रखा जाता है, इस सभी बातों को रामफल कंडेला को बारीकी से ज्ञान है।

भावुकता से जुड़ेगी भीड़
28 जनवरी की रात को जब राकेश टिकैत की आंखों से आंसू निकले तो लोग काफी भावुक हो गए थे। इसी कारण रात को जींद से भी काफी संख्या में लोग गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए थे। जिस नेता की आंखों में लोग आंसू नहीं देख सके उसका स्वागत करने के लिए पूरे जिले के लोग तैयारियों में जुट गए हैं। हर गांव में इसकी सूचना दी गई है, इसलिए भीड़ के मामले में भी तीन फरवरी की कंडेला में होने वाली पंचायत काफी महत्वपूर्ण होगी।

 भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला। संवाद

भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला। संवाद - फोटो : Jind

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed