{"_id":"5779650c4f1c1b090c7f9fa7","slug":"kandela-khap-divide-in-two-part-14-villages-make-khap-jind","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंडेला खाप से अलग होकर 14 गांवों ने बनाई माजरा खाप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंडेला खाप से अलग होकर 14 गांवों ने बनाई माजरा खाप
jind
Updated Mon, 04 Jul 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
माजरा खाप के नवनियुक्त प्रधान महेंद्र सिंह रिढ़ाल का स्वागत करते हुए।
- फोटो : bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में सबसे मजबूत खापों में गिनी जाने वाली कंडेला खाप दो फाड़ हो गई है। रविवार को गांव हैबतपुर के लघु सचिवालय में 14 गांवों के लोगों ने पंचायत करके कंडेला खाप से अलग होकर माजरा खाप बनाया। पंचायत में सर्वसम्मति से महेंद्र सिंह रिढ़ाल को माजरा खाप का एक साल के लिए प्रधान चुना गया। एक साल के बाद दोबारा से पंचायत की जाएगी। उसके बाद पांच साल के लिए पूरी कार्यकारिणी का गठन किया गया। पंचायत में फैसला लिया गया कि माजरा खाप में 51 सदस्यीय सर्वजातीय कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी में प्रत्येक गांव से सभी जातियों के लोगों को स्थान दिया जाएगा। पंचायत में नए खाप बनाने का प्रस्ताव जुलानी गांव के मास्टर सतबीर सिंह ने रखा। इसमें 14 गांवों के लोगों ने कंडेला खाप में अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए अपनी अलग से खाप बनाने का फैसला लिया गया। इसके बाद पंचायत में सर्वसम्मति से खाप का नाम माजरा खाप रखने का फैसला लिया गया। लगभग 12 बजे शुरू हुई पंचायत के बाद लगभग तीन बजे तक लोगों ने मंथन किया और उसके बाद सदियों से कंडेला खाप के अंतर्गत आने वाले 14 गांवों में कंडेला खाप से अलग होने का फैसला कर दिया। बाद में पंचायत की अध्यक्षता कर रहे गांव हैबतपुर के महेंद्र सिंह रिढ़ाल को सर्वसम्मति से खाप का प्रधान चुन लिया गया।
कमजोर हुई कंडेला खाप
प्रदेश की सबसे मजबूत खापों में जानी जाने वाली कंडेला खाप से 14 गांवों अलग होने से काफी कमजोर हो गई है। कंडेला खाप का गठन लगभग सैकड़ों वर्ष पहले किया गया था और इसके अंतर्गत 28 गांवों को शामिल किया गया। खाप के गठन के बाद से खाप की चौधर गांव कंडेला के पास ही थी। पंचायत में शामिल लोगों ने बताया कि उनकी याददाश्त में कंडेला गांव के ही मौजीराम खाप के प्रधान होते थे। उसके बाद रत्न सिंह खाप के प्रधान बने, लेकिन बीमार होने के चलते उस समय कंडेला गांव के सरपंच रहे टेकराम कंडेला को खाप की जिम्मेदारी सौंपी गई। लगभग 23 साल से टेकराम कंडेला खाप की चौधर संभाले हैं, लेकिन गत दिनों हुए जाट आंदोलन के बाद खाप के अंदर कार्यकारिणी के विस्तार की आवाज उठने लगी। इसके लिए 26 जून को कंडेला गांव में पंचायत हुई और उसमें हंगामे के बीच में फिर से टेकराम कंडेला को खाप का प्रधान चुना गया। इसके बाद खाप में शामिल 14 गांवों के लोगों ने उनकी अनदेखी करने तथा पंचायत में बेइज्जत करने का आरोप लगाकर पंचायत की और गांव हैबतपुर में 14 गांवों की पंचायत करने का फैसला लिया गया। इसमें 14 गांवों ने कंडेला खाप से अलग होकर अपनी माजरा खाप बनाने का फैसला लिया गया।
कंडेला खाप से कोई मनमुटाव नहीं: रिढ़ाल
माजरा खाप पंचायत के नवनियुक्त प्रधान महेंद्र रिढ़ाल ने बताया कि उन्हें एक साल के लिए माजरा खाप पंचायत का प्रधान चुना गया है। एक साल बाद फिर प्रधान का चुनाव होगा और वह प्रधान पांच साल के लिए बनेगा। माजरा खाप पंचायत की कार्यकारिणी में माजरा के सभी 14 गांवों के प्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। वह निर्वाचित खाप पंचायत होगी। छोटे गांवों से तीन और बड़े गांवों से पांच प्रतिनिधि लेकर 51 सदस्यीय कार्यकारिणी बनेगी। उन्होंने कहा कि कंडेला खाप पंचायत से माजरा खाप पंचायत का कोई मनमुटाव नहीं है। दोनों खाप पंचायतों के बीच बेहतर रिश्ते रहेंगे। नई माजरा खाप पंचायत गठित करने के कारणों को लेकर महेंद्र रिढ़ाल ने कहा कि यह समाज और समय की मांग और जरूरत थी तथा इसे पूरा किया गया है।
विज्ञापन
ये गांव कंडेला खाप से अलग हुए
पंचायत का मंच का संचालन कर रहे समुंद्र सिंह मोर ने बताया कि कंडेला खाप से गांव खोखरी, निर्जन, हैबतपुर, मांडोखड़ी, पाथरी, पिंडारा, असरफगढ़, रूपगढ़, जीतगढ़, झांझ कलां, झांझ खुर्द, जुलानी, अमरहेड़ी, गुरु तेगबाहदुर (छाने) अलग हुए है।
रूपगढ़ व खोखरी से होगी सूचना का आदान प्रदान
खापों में सदियों से चल रही रीत चिठ्ठी पढ़ना (सूचना देना) के लिए खोखरी व रूपगढ़ को केंद्र बनाया गया है। दोनों गांवों के अंतर्गत सात-सात गांव दिए गए हैं। जहां खोखरी, निर्जन, हैबतपुर, मांडो खेड़ी, पाथरी, पिंडारा, असरफगढ़ की चिठ्ठी खोखरी गांव से फाड़ी जाएगी। इसी गांव की जिम्मेदारी होगी कि भविष्य में कोई खाप संबंधित सूचना देना इन्हीं का काम होगा। जबकि रूपगढ़, जीतगढ़, झांझ कलां, झांझ खुर्द, जुलानी, अमरहेडी, गुरु तेगबाहदुर गांव की चिट्टी रूपगढ़ गांव से फाड़ी जाएगी।
खाप को करेंगे मजबूत
नवनियुक्त प्रधान महेंद्र सिंह रिढ़ाल ने कहा कि 14 गांवों ने माजरा खाप की एक साल के जिम्मेदारी सौंपी है। एक साल के दौरान वह 51 सदस्यीय सर्वजातीय कमेटी का गठन करेंगे। इसमें खाप के अंतर्गत आने वाले 14 गांवों के प्रत्येक गांव से सभी जातियों के लोगों को शामिल किया जाएगा। एक साल के बाद दोबारा से खाप की पांच साल के लिए कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। खाप का प्रधान किसी भी राजनीतिक दल से संबंध रखने वाले व्यक्ति को नहीं बनाया जाएगा। खाप के लोगों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
कंडेला खाप एकजुट : कंडेला
कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने कहा कि कंडेला खाप के अंतर्गत आने वाले 28 गांव एकजुट हैं। अलग से खाप बनाने का सवाल नहीं उठता है। इसके लिए जल्द ही कंडेला खाप के 28 गांवों की पंचायत बुलाई जाएगी और उसमें इस मुद्दे को रखा जाएगा। अगर किसी तरीके से मनमुटाव है तो उसे तुरंत ही दूर किया जाएगा। इस तरीके से खाप को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
कमजोर हुई कंडेला खाप
प्रदेश की सबसे मजबूत खापों में जानी जाने वाली कंडेला खाप से 14 गांवों अलग होने से काफी कमजोर हो गई है। कंडेला खाप का गठन लगभग सैकड़ों वर्ष पहले किया गया था और इसके अंतर्गत 28 गांवों को शामिल किया गया। खाप के गठन के बाद से खाप की चौधर गांव कंडेला के पास ही थी। पंचायत में शामिल लोगों ने बताया कि उनकी याददाश्त में कंडेला गांव के ही मौजीराम खाप के प्रधान होते थे। उसके बाद रत्न सिंह खाप के प्रधान बने, लेकिन बीमार होने के चलते उस समय कंडेला गांव के सरपंच रहे टेकराम कंडेला को खाप की जिम्मेदारी सौंपी गई। लगभग 23 साल से टेकराम कंडेला खाप की चौधर संभाले हैं, लेकिन गत दिनों हुए जाट आंदोलन के बाद खाप के अंदर कार्यकारिणी के विस्तार की आवाज उठने लगी। इसके लिए 26 जून को कंडेला गांव में पंचायत हुई और उसमें हंगामे के बीच में फिर से टेकराम कंडेला को खाप का प्रधान चुना गया। इसके बाद खाप में शामिल 14 गांवों के लोगों ने उनकी अनदेखी करने तथा पंचायत में बेइज्जत करने का आरोप लगाकर पंचायत की और गांव हैबतपुर में 14 गांवों की पंचायत करने का फैसला लिया गया। इसमें 14 गांवों ने कंडेला खाप से अलग होकर अपनी माजरा खाप बनाने का फैसला लिया गया।
विज्ञापन
कंडेला खाप से कोई मनमुटाव नहीं: रिढ़ाल
माजरा खाप पंचायत के नवनियुक्त प्रधान महेंद्र रिढ़ाल ने बताया कि उन्हें एक साल के लिए माजरा खाप पंचायत का प्रधान चुना गया है। एक साल बाद फिर प्रधान का चुनाव होगा और वह प्रधान पांच साल के लिए बनेगा। माजरा खाप पंचायत की कार्यकारिणी में माजरा के सभी 14 गांवों के प्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। वह निर्वाचित खाप पंचायत होगी। छोटे गांवों से तीन और बड़े गांवों से पांच प्रतिनिधि लेकर 51 सदस्यीय कार्यकारिणी बनेगी। उन्होंने कहा कि कंडेला खाप पंचायत से माजरा खाप पंचायत का कोई मनमुटाव नहीं है। दोनों खाप पंचायतों के बीच बेहतर रिश्ते रहेंगे। नई माजरा खाप पंचायत गठित करने के कारणों को लेकर महेंद्र रिढ़ाल ने कहा कि यह समाज और समय की मांग और जरूरत थी तथा इसे पूरा किया गया है।
विज्ञापन
ये गांव कंडेला खाप से अलग हुए
पंचायत का मंच का संचालन कर रहे समुंद्र सिंह मोर ने बताया कि कंडेला खाप से गांव खोखरी, निर्जन, हैबतपुर, मांडोखड़ी, पाथरी, पिंडारा, असरफगढ़, रूपगढ़, जीतगढ़, झांझ कलां, झांझ खुर्द, जुलानी, अमरहेड़ी, गुरु तेगबाहदुर (छाने) अलग हुए है।
रूपगढ़ व खोखरी से होगी सूचना का आदान प्रदान
खापों में सदियों से चल रही रीत चिठ्ठी पढ़ना (सूचना देना) के लिए खोखरी व रूपगढ़ को केंद्र बनाया गया है। दोनों गांवों के अंतर्गत सात-सात गांव दिए गए हैं। जहां खोखरी, निर्जन, हैबतपुर, मांडो खेड़ी, पाथरी, पिंडारा, असरफगढ़ की चिठ्ठी खोखरी गांव से फाड़ी जाएगी। इसी गांव की जिम्मेदारी होगी कि भविष्य में कोई खाप संबंधित सूचना देना इन्हीं का काम होगा। जबकि रूपगढ़, जीतगढ़, झांझ कलां, झांझ खुर्द, जुलानी, अमरहेडी, गुरु तेगबाहदुर गांव की चिट्टी रूपगढ़ गांव से फाड़ी जाएगी।
खाप को करेंगे मजबूत
नवनियुक्त प्रधान महेंद्र सिंह रिढ़ाल ने कहा कि 14 गांवों ने माजरा खाप की एक साल के जिम्मेदारी सौंपी है। एक साल के दौरान वह 51 सदस्यीय सर्वजातीय कमेटी का गठन करेंगे। इसमें खाप के अंतर्गत आने वाले 14 गांवों के प्रत्येक गांव से सभी जातियों के लोगों को शामिल किया जाएगा। एक साल के बाद दोबारा से खाप की पांच साल के लिए कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। खाप का प्रधान किसी भी राजनीतिक दल से संबंध रखने वाले व्यक्ति को नहीं बनाया जाएगा। खाप के लोगों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
कंडेला खाप एकजुट : कंडेला
कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने कहा कि कंडेला खाप के अंतर्गत आने वाले 28 गांव एकजुट हैं। अलग से खाप बनाने का सवाल नहीं उठता है। इसके लिए जल्द ही कंडेला खाप के 28 गांवों की पंचायत बुलाई जाएगी और उसमें इस मुद्दे को रखा जाएगा। अगर किसी तरीके से मनमुटाव है तो उसे तुरंत ही दूर किया जाएगा। इस तरीके से खाप को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।