{"_id":"6400e496615ebf7b6504d0c6","slug":"junaid-nasir-murder-case-chandra-singh-is-going-round-to-name-another-vehicle-jind-news-c-17-1-82994-2023-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: Junaid-Nasir murder case... कबाड़ी चंद्रसिंह काट रहा दूसरी गाड़ी को नाम करवाने के लिए चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: Junaid-Nasir murder case... कबाड़ी चंद्रसिंह काट रहा दूसरी गाड़ी को नाम करवाने के लिए चक्कर
Thu, 02 Mar 2023 11:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 02 Mar 2023 11:31 PM IST
विज्ञापन
वह स्विफ्ट गाड़ी जिसको अपने नाम करवाने के लिए चक्कर काट रहा चंद्र सिंह।
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जुनैद-नासिर हत्याकांड में प्रयोग की गई स्कॉर्पियो गाड़ी को राजस्थान पुलिस ने जींद की सोमनाथ गोशाला से 19 फरवरी को बरामद किया था। कबाड़ी का काम करने वाले चंद्रसिंह ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाए हैं कि उसने स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ एक अन्य स्विफ्ट गाड़ी भी नीलामी में खरीदी थी, लेकिन आज तक जिला प्रशासन ने इसको भी उसके नाम ट्रांसफर नहीं करवाया है। वह बार-बार जिला प्रशासन के चक्कर काट रहा है, लेकिन प्रशासन गाड़ी नाम करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
जांच में यह गाड़ी जिला परिषद के सीईओ के नाम मिली थी। 27 नवंबर 2020 को यह गाड़ी नीलामी में पटेल नगर निवासी चंद्रसिंह ने खरीदी थी। इसके बाद उसने गाड़ी सफीदों रोड निवासी विकास, राजबीर व अमित को बेच दी थी। जिला प्रशासन से विकास, राजबीर व अमित अपनी आईडी देकर गाड़ी लेकर गए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने यह गाड़ी न तो राजबीर, विकास व अमित के नाम करवाई और न ही इन तीनों ने खुद प्रयास किए। अब हत्या के मामले में जब यह गाड़ी प्रयुक्त मिली तो इसका खुलासा हुआ। इसकी जांच डीसी डॉ. मनोज कुमार ने नगराधीश अमित कुमार को सौंपी थी। आज तक इस मामले में जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी।
प्रशासन नहीं करवा रहा गाड़ी नाम
चंद्रसिंह ने स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ ही 27 नवंबर 2020 को एक स्विफ्ट कार भी प्रशासन से खरीदी थी। आज तक यह कार भी प्रशासन ने चंद्रसिंह के नाम नहीं करवाई है। चंद्रसिंह ने कहा कि यह कार उसने खुद रखी हुई है, इसका प्रयोग उसने नहीं किया है, लेकिन बार-बार चक्कर काटने के बावजूद प्रशासन ने यह कार उनके नाम नहीं करवाई है। प्रशासन गाड़ियों की नीलामी तो कर देता है, लेकिन खरीदने वाले के नाम वाहनों को नहीं करवाता है।
विज्ञापन
लगातार पुलिस तलाश कर रही विकास और राजबीर को
राजस्थान पुलिस अभी तक विकास व राजबीर को तलाश नहीं कर पाई है। राजस्थान पुलिस सीआईए थाने में दस दिन से बैठी हुई है, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ न विकास लगा और न ही राजबीर। पुलिस अभी तक इनके बारे में कोई ठोस सुराग भी हासिल नहीं कर पाई है। वहीं जुनैद-नासिर हत्याकांड में प्रयोग की गई स्कॉर्पियो गाड़ी के मामले की जांच में जिला प्रशासन का ढीला रवैया सामने आ रहा है। तीन दिन बाद भी जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। इससे साफ है कि जिला प्रशासन इससे बचने का प्रयास कर रहा है। जांच अधिकारी नगराधीश अमित कुमार ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों को बुलाया जाएगा और जांच की जाएगी।
विज्ञापन
जींद। जुनैद-नासिर हत्याकांड में प्रयोग की गई स्कॉर्पियो गाड़ी को राजस्थान पुलिस ने जींद की सोमनाथ गोशाला से 19 फरवरी को बरामद किया था। कबाड़ी का काम करने वाले चंद्रसिंह ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाए हैं कि उसने स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ एक अन्य स्विफ्ट गाड़ी भी नीलामी में खरीदी थी, लेकिन आज तक जिला प्रशासन ने इसको भी उसके नाम ट्रांसफर नहीं करवाया है। वह बार-बार जिला प्रशासन के चक्कर काट रहा है, लेकिन प्रशासन गाड़ी नाम करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
जांच में यह गाड़ी जिला परिषद के सीईओ के नाम मिली थी। 27 नवंबर 2020 को यह गाड़ी नीलामी में पटेल नगर निवासी चंद्रसिंह ने खरीदी थी। इसके बाद उसने गाड़ी सफीदों रोड निवासी विकास, राजबीर व अमित को बेच दी थी। जिला प्रशासन से विकास, राजबीर व अमित अपनी आईडी देकर गाड़ी लेकर गए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने यह गाड़ी न तो राजबीर, विकास व अमित के नाम करवाई और न ही इन तीनों ने खुद प्रयास किए। अब हत्या के मामले में जब यह गाड़ी प्रयुक्त मिली तो इसका खुलासा हुआ। इसकी जांच डीसी डॉ. मनोज कुमार ने नगराधीश अमित कुमार को सौंपी थी। आज तक इस मामले में जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी।
विज्ञापन
प्रशासन नहीं करवा रहा गाड़ी नाम
चंद्रसिंह ने स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ ही 27 नवंबर 2020 को एक स्विफ्ट कार भी प्रशासन से खरीदी थी। आज तक यह कार भी प्रशासन ने चंद्रसिंह के नाम नहीं करवाई है। चंद्रसिंह ने कहा कि यह कार उसने खुद रखी हुई है, इसका प्रयोग उसने नहीं किया है, लेकिन बार-बार चक्कर काटने के बावजूद प्रशासन ने यह कार उनके नाम नहीं करवाई है। प्रशासन गाड़ियों की नीलामी तो कर देता है, लेकिन खरीदने वाले के नाम वाहनों को नहीं करवाता है।
विज्ञापन
लगातार पुलिस तलाश कर रही विकास और राजबीर को
राजस्थान पुलिस अभी तक विकास व राजबीर को तलाश नहीं कर पाई है। राजस्थान पुलिस सीआईए थाने में दस दिन से बैठी हुई है, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ न विकास लगा और न ही राजबीर। पुलिस अभी तक इनके बारे में कोई ठोस सुराग भी हासिल नहीं कर पाई है। वहीं जुनैद-नासिर हत्याकांड में प्रयोग की गई स्कॉर्पियो गाड़ी के मामले की जांच में जिला प्रशासन का ढीला रवैया सामने आ रहा है। तीन दिन बाद भी जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। इससे साफ है कि जिला प्रशासन इससे बचने का प्रयास कर रहा है। जांच अधिकारी नगराधीश अमित कुमार ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों को बुलाया जाएगा और जांच की जाएगी।